Naresh Bhagoria
29 Nov 2025
Naresh Bhagoria
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Naresh Bhagoria
28 Nov 2025
Mithilesh Yadav
28 Nov 2025
इंदौर – बहुचर्चित राजा रघुवंशी हत्याकांड में शुक्रवार को शिलॉन्ग कोर्ट में बड़ा मोड़ आया। राजा के भाई विपिन की गवाही और बचाव पक्ष की क्रॉस परीक्षा पूरी हो चुकी है। लेकिन जो बातें कोर्ट में सामने आईं, उसने इस पूरे केस की सड़ांध, साजिश और पर्दे के पीछे काम कर रही ताकतों की ओर सीधा इशारा कर दिया। विपिन ने बाहर आकर कहा कि सोनम और बाकी आरोपी जरा भी डर में नहीं थे। उनके चेहरे पर न पश्चाताप था, न खौफ… बल्कि वे नए-नए कपड़े पहनकर ऐसे खड़े थे, जैसे किसी समारोह में आए हों। विपिन का कहना है कि “ऐसा लगता है कि शिलॉन्ग में कोई शक्तिशाली हाथ इनका ख्याल रख रहा है।”
विपिन की चार बार गवाही हो चुकी है, क्रॉस भी पूरा हो गया। वह कहता है—“अगर कोर्ट फिर बुलाएगी तो मैं बार-बार आऊंगा। राजा को इंसाफ दिलाने के लिए जान तक लगा दूंगा। आज भी सोनम को देखा… उसके चेहरे पर न डर दिखाई दिया, न ही किसी तरह का दुख। जैसे सब पहले से प्लान हो।”
22 मई – मौत की ओर ले जाती शुरुआत
राजा और सोनम गुवाहाटी के होटल में ठहरे थे। हैरानी की बात—इसी होटल से कुछ ही दूरी पर इंदौर के तीन युवक, विशाल चौहान, आकाश राजपूत और आनंद कुर्मी भी पहुंचे और कमरा बुक कराया। यह महज संयोग था या सुनियोजित पीछा—यह अब भी बड़ा सवाल है।
2 जून – खाई के नीचे मिली राजा की लाश
हनीमून पर गए इंदौर के दंपती के लापता होने की खबरें मीडिया में तहलका मचाने लगीं। मुख्यमंत्री मोहन यादव, मंत्री कैलाश विजयवर्गीय और इंदौर सांसद शंकर लालवानी ने मेघालय सरकार पर सर्च ऑपरेशन तेज करने का दबाव बनाया।विपिन और सोनम का भाई गोविंद भी वहां पहुंचे। मेघालय पुलिस ने एक सप्ताह तक हर कोना खंगाला और आखिरकार पता चला कि एक जगह 18 मिनट तक खड़ी स्कूटी के नीचे किसी की लाश पड़ी है। भारी बारिश के बीच चल रहे रेस्क्यू में 2 जून को राजा का शव मिला।
होटल में गलत पहचान, गलत कहानी—सब पहले से प्लान?
सोनम ने होटल रिसेप्शन पर बताया था कि वे कॉलेज एडमिशन करवाने आए हैं। जबकि गुवाहाटी में जहां-जहां सोनम और राजा गए, वहां वही तीनों इंदौर वाले लड़के भी मंडराते दिखे।21 मई को कामाख्या दर्शन के बाद दोनों शिलॉन्ग पहुँचे और बालाजी गेस्ट हाउस में कमरा लिया। अगले दिन सोनम ने स्कूटी किराए पर लेने की जिद की और दोनों सोहरा (चेरापूंजी) के लिए निकल पड़े।अब जांच यह जानना चाहती है कि स्कूटी की यह जिद, होटल में गलत पहचान, तीन लड़कों का कदम-कदम पर पीछा—क्या सब एक ही धागे से बंधे हुए थे?
विपिन का कहना है कि “सोनम के चेहरे पर कोई डर नहीं… शायद किसी की शरण में हैं” सोनम और उसके साथी जिस तरह कोर्ट में घमंड से भरे दिखे, नए कपड़ों में ऐसे नजर आए जैसे किसी का संरक्षण मिला हो—इसने पूरे मामले को और भी संदिग्ध कर दिया है।