पढ़ाई और मोबाइल के लिए जेन जी-जेन अल्फा का नींद से समझौता, रात 1-2 बजे तक जागना और सुबह 6-7 बजे उठना बना रूटीन
भोपाल में बच्चों और किशोरों की नींद का पैटर्न तेजी से प्रभावित हो रहा है। विशेषज्ञों के अनुसार कई बच्चे रोज 6-7 घंटे ही सो रहे हैं, जबकि उन्हें उम्र के अनुसार 8 से 12 घंटे की नींद जरूरी है। देर रात तक मोबाइल, गेमिंग, पढ़ाई और कोचिंग के कारण नींद की कमी से थकान, चिड़चिड़ापन, एकाग्रता में कमी और मानसिक तनाव जैसी समस्याएं बढ़ रही हैं।
Naresh Bhagoria
27 Aug 2026
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Naresh Bhagoria
10 Jul 2026



























