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युद्ध के बीच ट्रंप को झटका :9 करोड़ की गोल्ड कॉर्ड वीजा योजना फ्लॉप, सिर्फ 1 व्यक्ति ने ही खरीदा

अमेरिकी सरकार में वाणिज्य मंत्री हावर्ड लुटनिक ने यह जानकारी संसदीय समिति की सुनवाई के दौरान दी है। उन्होंने कहा कि अमेरिका में साल 2026 में इसमें काफी ज्यादा गिरावट आई है।
9 करोड़ की गोल्ड कॉर्ड वीजा योजना फ्लॉप, सिर्फ 1 व्यक्ति ने ही खरीदा

वॉशिंगटन डीसी। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप जहां एक तरफ ईरान के साथ युद्ध रोकने के लिए कई कोशिशों में जुटे हैं। लेकिन इनके साथ उनकी कुछ शर्तें भी है। लेकिन ट्रंप को इस युद्ध में अपने ही देश में  बड़ा झटका लगा है, अमेरिका में लागू गोल्ड कार्ड वीजा योजना फ्लॉप होती नजर आ रही है।

कारण ट्रंप सरकार जब सत्ता में आई थी तो कहा था कि इस योजना में उनको बड़ा निवेश मिलेगा। कई लोग इसमें बढ़चढ़कर हिस्सा लेंगे। लेकिन अमेरिका में इस योजना के आंकड़े कुछ ओर ही बताते हैं। इस स्कीम के तहत अमेरिका में कोई विदेशी नागरिक सरकार को 10 लाख डॉलर देकर करीब (9 करोड़) देकर अमेरिका में रह सकता है। इतना ही नहीं ये व्यक्ति अमेरिका में नौकरी भी कर सकते हैं।

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वाणिज्य मंत्री ने दी जानकारी

अमेरिकी सरकार में वाणिज्य मंत्री हावर्ड लुटनिक ने यह जानकारी संसदीय समिति की सुनवाई के दौरान दी है। उन्होंने कहा कि अमेरिका में साल 2026 में इसमें काफी ज्यादा गिरावट आई है। उनका यह पहल उनकी उस घोषणा का नतीजा है।  हावर्ड का कहना है कि यह रकम उनकी उस घोषणा से काफी कम है जिसमें उन्होंने कहा था कि योजना लॉन्च होने के महज कुछ ही दिनों में सरकार ने 10, 800 करोड़ के 1300 से ज्यादा आवेदन बेचे जा चुके हैं।

इतना ही नहीं सुनवाई के दौरान लुटनिक ने कहा कि योजना के कई आवेदन तो अभी प्रोसेस में है। ऐसे में साफ है कि अमेरिकी सरकार की यह विफलता के रूप में देख रही है। 

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फरवरी में 5 मिलियन डॉलर से शुरू किया प्रोग्राम

ट्रंप ने इस योजना को फरवरी 2025 में इस योजना की शुरुआत 5 मिलियन डॉलर रुपए से की थी। हालांकि सरकार ने उस समय उसकी कीमत आधी यानी कि 5 मिलियन डॉलर रखी थी। जबकि सितंबर में इसकी कीमत कम करके इसे 1 मिलियन डॉलर रखा गया। इस पर ट्रंप ने कहा कि यह अमेरिका फर्स्ट एजेंडे योजना का हिस्सा है। जो भारत और चीन के टॉप टैलेंट जैसे होनहार स्टूडेंट्स को रोकने के लिए है, बाहरी जिससे कंपिनयां अमेरिका में आए

प्रशासन बोला बारिकी से आवेदन जांचे जा रहे

अमेरिका में निवेश आधारित नई वीजा योजना को लेकर ट्रंप प्रशासन ने अपनी स्थिति साफ की है। प्रशासन का कहना है कि इस योजना को बेहद सावधानी से लागू किया जा रहा है। अधिकारियों के मुताबिक, अभी तक सीमित लोगों को ही मंजूरी मिली है क्योंकि सैकड़ों आवेदन जांच के दौर में हैं और हर आवेदन की गहन जांच की जा रही है।

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आसान नहीं है गोल्ड कार्ड वीजा पाना

इस योजना के तहत आवेदन करने के लिए 10 लाख डॉलर का निवेश करना जरूरी है। इसके अलावा 15,000 डॉलर की अतिरिक्त फीस भी देनी होगी, जो आवेदकों की सख्त जांच प्रक्रिया के लिए ली जाती है। यह वीजा भविष्य में अमेरिकी नागरिकता का रास्ता भी खोल सकता है। वहीं कंपनियां 20 लाख डॉलर निवेश कर अपने विदेशी कर्मचारियों के लिए भी यह सुविधा ले सकती हैं, जिसके लिए हर साल 1% मेंटेनेंस फीस देनी होगी।

भविष्य में प्लेटिनम कार्ड भी लाएगी सरकार

सरकार ने इस योजना के लिए एक विशेष वेबसाइट भी लॉन्च की है, जिसमें अनलॉक लाइफ इन अमेरिका स्लोगन के साथ गोल्ड कार्ड दिखाया गया है। इस कार्ड पर अमेरिका के प्रतीक जैसे बाल्ड ईगल और स्टैच्यू ऑफ लिबर्टी के साथ ट्रंप की तस्वीर भी शामिल है। जानकारी के मुताबिक, सरकार भविष्य में 50 लाख डॉलर वाला प्लेटिनम कार्ड भी लाने की तैयारी में है।

योजना में ये फादये मिलेंगे

इस योजना के तहत व्यक्ति को 270 दिनों तक अमेरिका में रहने की अनुमति मिल सकती है। खास बात यह है कि इस दौरान उसे अपनी विदेशी आय पर टैक्स नहीं देना होगा। प्रशासन का दावा है कि इस योजना से देश को भारी आर्थिक लाभ हो सकता है और इससे बजट संतुलन में मदद मिलेगी।

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अमेरिका पर 31.3 ट्रिलियन डॉलर का कर्ज

वर्तमान में अमेरिका पर करीब 31.3 ट्रिलियन डॉलर का कर्ज है, जो भारतीय मुद्रा में लगभग 261 लाख करोड़ रुपये होता है। इसके साथ ही इस साल करीब 2 ट्रिलियन डॉलर के बजट घाटे का अनुमान है। ऐसे में सरकार नए राजस्व स्रोत तलाश रही है।

अमेरिका में बसने के लिए कम हुआ लोगों का इंटरेस्ट

हालांकि अमेरिका अब भी लोगों की पसंद बना हुआ है, लेकिन वहां बसने की चाहत में कमी आई है। एक सर्वे के अनुसार, 2025 में सिर्फ 15% लोग अमेरिका को अपनी पहली पसंद मानते हैं, जबकि पहले यह आंकड़ा कहीं ज्यादा था। इससे साफ है कि वैश्विक स्तर पर लोगों की प्राथमिकताएं बदल रही हैं।

Aakash Waghmare
By Aakash Waghmare

आकाश वाघमारे | MCU, भोपाल से स्नातक और फिर मास्टर्स | मल्टीमीडिया प्रोड्यूसर के तौर पर 3 वर्षों का क...

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