
विजय एस. गौर, भोपाल। रायसेन जिले के सुल्तानगंज तहसील अंतर्गत उमरहारी गांव के किसान देशराज सिंह कहते हैं कि उन्होंने 10 एकड़ जमीन में गेहूं फसल ली है। करीब 85 क्विंटल गेहूं खरीदी केंद्र में एमएसपी दर पर बेचना चाहते हैं। इसके लिए ऐप में बार-बार स्लॉट बुक करने के लिए प्रयास कर रहे हैं लेकिन ऐप स्वीकार नहीं कर रहा।
किसानों ने शुक्रवार को पीपुल्स समाचार को सूचना देकर अपनी समस्या भी बताई। उनका कहना है कि दूसरी ओर सारा गेहूं खलिहान में खुले में पड़ा है, जिसको जानवरों से बचाने 8 आदमी लगा रखे हैं। देशराज बेहद निराश हैं और चिंतित हैं कि आंधी पानी आ गया तो फिर बर्बाद हो जाएंगे। गेहूं बिक जाता तो बैंक की किश्तें भर देते और दूसरे
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कई किसानों ने बताया कि यह बताने वाला कोई नहीं है कि, आखिर गेहूं खरीदा कब जाएगा। नतीजे में MSP (न्यूनतम समर्थन मूल्य) पर गेहूं बेचने के लिए किसानों की भीड़ खरीदी केंद्रों पर बढ़ती जा रही है, लेकिन स्लॉट नहीं मिल रहा है। किसानों को जवाब दिया जा रहा है कि पहले 5 एकड़ तक वाले किसानों का गेहूं खरीदा जाएगा, बाद में आना।
स्लॉट बुकिंग के लिए खरीदी केंद्र रोज ही जा रहे हैं, लेकिन रजिस्ट्रेशन नहीं कर रहे। कारण पूछा तो बताते हैं कि पहले 5 एकड़ वाले छोटे किसानों का गेहूं खरीदेंगे, फिर बाद में तुम्हारा लेंगे। ऐसे में अगर आंधी-पानी आ जाए तो सारा गेहूं बर्बाद हो जाएगा।
पंकज खींची, बिलहरा, जिला सागर
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मेरा 20 एकड़ का गेहूं खुले में पड़ा हैं। खरीदी के लिए ऐप में स्लॉट बुक कर रहे हैं लेकिन हर बार फेल हो रहा है। सैकड़ों किसान खरीदी केंद्रों पर सुबह से स्लॉट बुकिंग के लिए खड़े हो जाते हैं, लेकिन निराश लौटना पड़ता है।
मुकेश रघुवंशी, बनखेड़ी, जिला नर्मदापुरम
अभी 5 एकड़ तक वाले किसानों से ही गेहूं खरीदी हो रही है, क्योंकि इससे ज्यादा भूमि वाले किसानों से खरीदी पर शासन स्तर से ही रोक लगी है। जैसे ही शासन से अनुमति मिलती है, वैसे ही खरीदी शुरु हो जाएगी। इसके लिए तैयारियां भी हैं।
सोमेश मिश्रा, कलेक्टर, नर्मदापुरम
पांच एकड़ से अधिक जमीन वाले किसानों का गेहूं खरीदा जाएगा। इसके लिए जल्द ही सकारात्मक निर्णय लिया जाएगा।
कर्मवीर शर्मा, संचालक, खाद्य