अपने पिता को अंतिम विदाई देने के लिए एक बेटी सात समंदर पार से आई। पंचकुइया मोक्षधाम में नम आँखों से उसने अपने पिता को मुखाग्नि दी - इस मार्मिक कहानी को विस्तार से जानने के लिए पढ़ें।
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