बंगाल: प्रोटोकॉल पर छिड़ी जंग, राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू आखिर 'दीदी' पर क्यों भड़कीं!

राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू को शनिवार को 9वें अंतरराष्ट्रीय संथाल कॉन्फ्रेंस में शामिल होना था, जिसके लिए वह पश्चिम बंगाल के दार्जिलिंग पहुंचीं। जिसके बाद वह सिलीगुड़ी उपमंडल के बिधाननगर पहुंचीं, जहां उन्होंने मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के प्रति अपनी नाराजगी जताई। राष्ट्रपति ने भावुकता के साथ अपनी बात आम जनता के बीच रखते हुए कहा कि- ममता मेरी छोटी बहन जैसी है। उसे अभी इस मंच पर मेरे साथ होना चाहिए था, पर पता नहीं क्यों? वह किसी बात से मुझसे नाराज चल रही। मूर्मू कहती हैं कि मैं बंगाल की बेटी हूं। फिर भी मुझे इस मंच पर आने से रोका गया। अनुमति ही नहीं मिली कि मैं यहां आप सबों के साथ इस मंच से अपनी बातें साझा कर सकूं। ममता की नाराजगी की वजह से ही मुझे कार्यक्रम में भाग लेने के लिए आज गोशाईपुर जाना पड़ा। खैर उसने जो किया वो किया, मुझे उसकी किसी भी बात से कोई नाराजगी नहीं है। राष्ट्रपति ने कहा, “मैं बंगाल की बेटी हूं, फिर भी मुझे यहां आने की अनुमति नहीं है। ममता मेरी छोटी बहन जैसी हैं, पता नहीं, शायद वह मुझसे नाराज हैं, इसीलिए मुझे कार्यक्रम में भाग लेने के लिए वहां (गोशाईपुर) जाना पड़ा। कोई बात नहीं, मुझे इस बात का कोई गुस्सा या नाराजगी नहीं है”
संबोधन स्थल क्यों बदलना पड़ा?
दरअसल राष्ट्रपति को मूल रूप से सिलीगुड़ी के बिधाननगर उपमंडल में कार्यक्रम को संबोधित करना था, लेकिन पुलिस प्रशासन की तरफ से उन्हें इसकी अनुमति नहीं दी गई। इसलिए कार्यक्रम स्थल को बागडोगरा के गोशाईपुर में स्थानांतरित कर दिया गया। अपना कार्यक्रम पूरा करने के बाद वह मूल स्थल पर गईं और वहां अपनी बात आम जनता के बीच रखीं।
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BJP ने भी ममता सरकार को लताड़ा
हालांकि ममता के ऐसे रवैये ने राष्ट्रपति मुर्मू को भावुक कर दिया। उन्होंने नाराजगी की बात को माना तो नहीं, पर कहीं न कहीं ममता बनर्जी की अवेहलना भरे अंदाज ने उन्हें अंदर तक तोड़कर रख दिया। राष्ट्रपति की नाराजगी से भरी भावुकता भरी शिकायतों के बाद बीजेपी ने ममता बनर्जी पर निशाना साधा। पश्चिम बंगाल के सह प्रभारी अमित मालवीय ने सोशल मीडिया पर एक वीडियो पोस्ट कर पश्चिम बंगाल राज्य सरकार पर हमला बोला है। उन्होंने कहा, "आज पश्चिम बंगाल में घटी घटना ने यह साबित कर दिया है कि ममता बनर्जी सरकार के नेतृत्व में संवैधानिक ढांचे का पूर्ण पतन होना तय है। भारत की माननीय राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मू ने सिलीगुड़ी यात्रा के दौरान तैयारियों और प्रोटोकॉल के अभाव पर खुले तौर पर नाराजगी व्यक्त की है। देश के राष्ट्रपति का ऐसा अपमान? सचमुच निंदनीय है। पश्चिम बंगाल सरकार के द्वारा अंतर्राष्ट्रीय संथाली सम्मेलन के लिए अनुमति देने से इनकार कर देना वो भी देश के राष्ट्रपति को, पता नहीं ममता सरकार किस ओर जा रही है? ये पतन का कैसा नया दौर बंगाल सरकार ने शुरू किया है।












