Peoples Update Special :MP के 16 शहरों में पानी की पाइप लाइनों में मिले 62,528 लीकेज

इंदौर के भागीरथपुरा प्रदूषित पानी सप्लाई के बाद प्रदेश में स्थानीय निकायों द्वारा पाइप लाइनों की सुध ली गई। इस दौरान 16 शहरों में 62 हजारों से ज्यादा लीकेज मिले। अब ऐसे लीकेज सुधारने के साथ पुरानी पाइप लाइनें बदलने की तैयारी चल रही है।
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MP के 16 शहरों में पानी की पाइप लाइनों में मिले 62,528 लीकेज
AI जनरेटेड सारांश
    यह सारांश आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस द्वारा तैयार किया गया है और हमारी टीम द्वारा रिव्यू की गई है।

    अशोक गौतम, भोपाल। इंदौर के भागीरथपुरा कांड ने प्रदेश के लाखों लोगों को पानी से होने वाली बीमारियों से बचा लिया है। घटना के बाद सरकार की सजगता के चलते प्रदेश के सभी शहरों में पानी की पाइप लाइनों की जांच की गई। इस दौरान प्रदेश के 16 नगर निगमों की पाइप लाइनों में साढ़े 62 हजार से अधिक लीकेज मिले थे, जिन्हें दुरुस्त किया गया है। सबसे ज्यादा सात हजार से अधिक लीकेज भोपाल नगर निगम में मिले हैं। दूसरे नंबर पर इंदौर नगर निगम है, जहां 4800 से अधिक लीकेज मिले हैं। इंदौर के भागीरथपुरा में दूषित पानी से मौतों के बाद सियासत गर्माई तो सरकार ने प्रदेश के सभी शहरों में पानी की पाइप लाइनों और पानी के नमूनों की जांच कराई। जहां पाइप लाइन खराब थीं, उन्हें दुरुस्त किया गया।

    29 ट्यूबवेल बंद कराए

    प्रदेश के साढ़े 13 हजार से अधिक ट्यूबवेल में से 7 हजार की जांच कराई। 29 ट्यूबवेल का पानी दूषित मिला। सबसे ज्यादा 14 सागर ननि, भोपाल में 4, इंदौर-जबलपुर 5-5 ट्यूबवेलों का पानी दूषित मिला।

    राजधानी भोपाल के ऐसे हैं हाल

    राजधानी भोपाल की ओल्ड सिटी में जहांगीराबाद, बुधवारा, इतवारा, शाहजहांनाबाद, भोपाल टाकीज, रेलवे स्टेशन क्षेत्र, बैरागढ़ क्षेत्र, करोंद, छोला, मंगलवारा, फतेहगढ़, चौक बाजार में  अक्सर मटमैला, बदबूदार पानी आने की शिकायतें आ रही हैं। यहां के लोग कई बार जल सुनवाई में भी गंदा पानी लेकर पहुंचे हैं । हालांकि नगर निगम लीकेज सुधारने का दावा जिस क्षेत्र में कर रहा है, वहीं पर सबसे ज्यादा शिकायतें आ रही हैं। अब तक जलसुनवाई में गंदे पानी की 2172 शिकायतें आ चुकी हैं।

    513 ओवर हेड टैंकों की सफाई

    प्रदेश के सभी 16 नगर निगमों में 728 ओवर हेड टैंकों में से जो ज्यादा गंदे थे, लंबे समय से उसकी सफाई नहीं हुई थी। इसमें से 513 ओवर हेड टैंकों की सफाई कराई गई। इसके साथ ही अधिकारियों को निर्देशित किया गया कि वे टैंक और टंकियों की नियमित सफाई कराने के बाद उसमें तारीख- टाइम डाला जाए। 

    318 निकायों में 72 कैमिस्ट

    प्रदेश में 318 नगरीय निकाय हैं। इनमें करीब पांच करोड़ लोग रहते हैं। हर घर में पानी सप्लाई होता है। इसके बाद भी यहां कैमिस्टों की संख्या सिर्फ 72 है, इसमें से 60 फीसदी कैमिस्ट भोपाल में है।

    एक लाख 44 हजार पानी के सैंपलों की जांच

    प्रदेश के सभी शहरों से एक लाख 44 हजार पानी के सैंपलों की जांच की गई। जांच में दो हजार से अधिक सैंपल फेल पाए गए हैं।

    इन कामों पर फोकस

    • सीवेज और पानी की पाइप लाइन एक साथ के बजाय दूर-दूर निकालने का निर्णय
    • पानी की पुरानी पाइप लाइनों को बदला जाएगा, लोहे की जगह प्लास्टिक के पाइप लाइन होगी
    • नाले के अंदर से और जल भराव क्षेत्र के ऊपर से पानी की पाइप लाइन निकाली जाएगी।
    • पुराने पानी के पाइप लाइनों का सर्वे 15 मार्च तक रिपोर्ट देने के लिए निर्देश दिए गए 

    विशेषज्ञों की सलाह

    • पुरानी पाइप लाइनों का चरणबद्ध रिप्लेसमेंट
    • लीकेज को चिंहित करने के लिए स्मार्ट मॉनिटरिंग सिस्टम
    • नियमित निरीक्षण और रखरखाव के निर्देश
    • जल संरक्षण के लिए बेहतर प्रबंधन किया जाए 

    सीवेज और पानी के पाइप अलग-अलग डालने के निर्देश

    भागीरथपुरा की घटना के बाद पानी की पाइप लाइनों के लीकेज की जांच कराई गई। जहां-जहां लीकेज मिले उसे दुरुस्त कराया कराया गया। पुरानी पाइप लाइनों को भी बदला जा रहा है। सीवेज और पानी की पाइप लाइन को अलग-अलग डालने के लिए निर्देश दिए गए हैं।

    कैलाश विजयवर्गीय, नगरीय विकास एवं आवास विभाग, विस में दिए गए जवाब का अंश

    Naresh Bhagoria
    By Naresh Bhagoria

    नरेश भगोरिया। 27 वर्षों से पत्रकारिता में सक्रिय हूं। माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता विश्ववि...Read More

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