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Peoples Update Special :मप्र में सड़कों को टिकाऊ बनाने नवाचारों पर जोर, गुणवत्ता निगरानी होगी सख्त

मप्र में गुणवत्तापूर्ण सड़कें बनाने पर काम चल रहा है। इसके लिए कई नवाचार किए जा रहे हैं। इसके साथ ही सड़क निर्माण के दौरान निगरानी बढ़ाई जा रही है। टिकाऊ सामग्री और थर्ड पार्टी ऑडिट से  सड़कों की उम्र बढ़ जाएगी।
मप्र में सड़कों को टिकाऊ बनाने नवाचारों पर जोर, गुणवत्ता निगरानी होगी सख्त
AI जनरेटेड सारांश
    यह सारांश आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस द्वारा तैयार किया गया है और हमारी टीम द्वारा रिव्यू की गई है।

    अशोक गौतम, भोपाल। राज्य में सड़क निर्माण को अधिक टिकाऊ और गुणवत्तापूर्ण बनाने के लिए अब आधुनिक तकनीकों और नवाचारों पर विशेष जोर दिया जा रहा है। निर्माण प्रक्रिया में संशोधित बिटुमिन, जियो-टेक्सटाइल लेयर और सीमेंट ट्रीटेड बेस जैसी उन्नत तकनीकों का उपयोग बढ़ाया जाएगा, ताकि सड़कों की औसत आयु बढ़े और बार-बार मरम्मत की जरूरत घटे। सरकार का लक्ष्य दीर्घकाल में रखरखाव पर होने वाले खर्च को कम करना है।

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     रियल-टाइम मॉनिटरिंग होगी

    सूत्रों के अनुसार, शहरी क्षेत्रों में वैज्ञानिक ड्रेनेज डिजाइन पर विशेष ध्यान दिया जाएगा, जिससे बारिश में जलभराव से होने वाली क्षति रोकी जा सके। गुणवत्ता सुनिश्चित करने के लिए बहु-स्तरीय मॉनिटरिंग, लैब टेस्टिंग और थर्ड पार्टी ऑडिट अनिवार्य किए जा रहे हैं। जीपीएस आधारित निगरानी और ऑनलाइन प्रगति रिपोर्टिंग से निर्माण स्थल की रियल-टाइम मॉनिटरिंग संभव होगी।

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     जिम्मेदारी भी होगी तय

    • आधुनिक तकनीक से सड़कों की आयु दोगुनी करने की तैयारी।
    • थर्ड पार्टी ऑडिट और जीपीएस मॉनिटरिंग अनिवार्य।
    • घटिया निर्माण पर जुर्माना और ब्लैकलिस्टिंग।
    • तय अवधि तक मेंटेनेंस की जिम्मेदारी ठेकेदार पर।
    • ड्रेनेज सिस्टम वैज्ञानिक तरीके से।

    सख्त कार्रवाई के प्रावधान

    • मानक से समझौता मिलने पर एजेंसी पर जुर्माना।
    • बैंक गारंटी अंत तक जमा रहेगी।
    • कार्य पूर्ण होने के बाद भी मेंटेनेंस की जिम्मेदारी तय।

    नई तकनीकों से सड़कों की आयु डबल हो जाएगी

    नई तकनीकों के सही उपयोग से सड़कों की औसत आयु 5 से 7 वर्ष से बढ़कर 10 से 15 वर्ष तक पहुंच सकती है। इन तकनीकों में गुणवत्ता का विशेष रूप से ध्यान देने पर ही सड़कों में मजबूती आती है और वाहनों के हादसे के मामले भी कम होते हैं। 

    बीपी पटेल, विशेषज्ञ और पूर्व चीफ इंजीनियर

    Naresh Bhagoria
    By Naresh Bhagoria

    नरेश भगोरिया। 27 वर्षों से पत्रकारिता में सक्रिय हूं। माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता विश्ववि...Read More

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