हरियाणा के जींद जिले में शनिवार को होली के गुलाल और रंग बनाने वाली एक फैक्ट्री में भीषण आग लग गई। इस दर्दनाक हादसे में 5 महिलाओं की मौत हो गई, जबकि 17 मजदूर झुलस गए। घायलों में ज्यादातर महिलाएं शामिल हैं। घटना के बाद इलाके में अफरा-तफरी मच गई और प्रशासनिक अधिकारी मौके पर पहुंचे।
यह घटना सफीदों की भाट कॉलोनी में स्थित एक फैक्ट्री की बताई जा रही है। आरोप है कि फैक्ट्री के मुख्य गेट पर बाहर से ताला लगा हुआ था, जिसके कारण आग लगने के बाद कई मजदूर बाहर नहीं निकल सके।
जानकारी के अनुसार, शनिवार को अन्य दिनों की तरह फैक्ट्री में करीब 30 मजदूर काम कर रहे थे। अचानक फैक्ट्री में आग लग गई और कुछ ही मिनटों में लपटें पूरे परिसर में फैल गईं।
आग और धुएं के कारण मजदूरों में भगदड़ मच गई। कई मजदूर जान बचाने के लिए इधर-उधर भागने लगे, जबकि कुछ लोग ऊपर की मंजिल पर चले गए और कुछ अंदर के कमरों में छिप गए।
बताया जा रहा है कि आग फैक्ट्री के प्रवेश द्वार के पास लगी थी, जिसका कारण शॉर्ट सर्किट होने की आशंका जताई जा रही है।
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मजदूरों का आरोप है कि काम के दौरान फैक्ट्री के मुख्य दरवाजे पर बाहर से ताला लगा दिया गया था। जब आग लगी तो मजदूर बाहर निकलने के लिए दरवाजा खोल नहीं सके और कई लोग अंदर ही फंस गए। इस कारण कई मजदूर आग और धुएं में फंसकर गंभीर रूप से झुलस गए।
घटना की जानकारी मिलते ही स्थानीय युवाओं ने अपनी जान जोखिम में डालकर फैक्ट्री के अंदर घुसकर लोगों को बाहर निकालना शुरू किया।
पुलिस ने भी मौके पर पहुंचकर दीवार तोड़कर अंदर जाने का रास्ता बनाया, जिससे फंसे हुए मजदूरों को बाहर निकाला जा सका। इसके बाद फायर ब्रिगेड और एंबुलेंस की टीमों ने राहत और बचाव कार्य संभाला।
हादसे में दो महिलाओं की मौके पर ही मौत हो गई थी, जबकि गंभीर रूप से झुलसे कई लोगों को पानीपत के अस्पताल में रेफर किया गया। इलाज के दौरान तीन और महिलाओं ने दम तोड़ दिया, जिससे मृतकों की संख्या बढ़कर पांच हो गई।
मृतकों में पूजा (वार्ड नंबर 13, सफीदों), उषा (आदर्श कॉलोनी, सफीदों), पिंकी (सिंघपुरा) और गुड्डी (सफीदों) की पहचान हो चुकी है, जबकि एक महिला की पहचान की प्रक्रिया जारी है।
हादसे के बाद एंबुलेंस की मदद से घायलों को जींद के नागरिक अस्पताल में भर्ती कराया गया। घायलों में सफीदों निवासी रानी (45), जगबीर (40), पवन कुमार (30), कश्मीरी (39), कमलेश (54) और बिमला (60) शामिल हैं। कई घायलों की हालत गंभीर बताई जा रही है और उनका इलाज जारी है।
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घटना की सूचना मिलने पर जींद के डीसी मोहम्मद इमरान रजा और एसपी कुलदीप सिंह मौके पर पहुंचे और घटनास्थल का जायजा लिया।
डीसी ने बताया कि हादसे में 17 लोग प्रभावित हुए हैं, जिनमें ज्यादातर महिलाएं हैं। कुछ घायलों को रोहतक रेफर किया गया है, जबकि बाकी का इलाज जींद के अस्पताल में चल रहा है।
डीसी के अनुसार शुरुआती जांच में पता चला है कि फैक्ट्री को किराये पर देकर अवैध तरीके से चलाया जा रहा था। पुलिस संदिग्धों को हिरासत में लेने की कार्रवाई कर रही है। उन्होंने कहा कि जिले में जल्द ही अभियान चलाकर बिना अनुमति चल रही खतरनाक फैक्ट्रियों की जांच की जाएगी और नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
घटना के बाद पुलिस और फायर विभाग की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठ रहे हैं। बताया जा रहा है कि थाना घटना स्थल से करीब 200 मीटर दूर है, इसके बावजूद पुलिस के पहुंचने में देरी की बात कही जा रही है।
हालांकि, डीसी का कहना है कि पुलिस की फर्स्ट रिस्पॉन्डर टीम समय पर पहुंच गई थी। उन्होंने यह भी कहा कि अगर जांच में किसी अधिकारी या कर्मचारी की लापरवाही सामने आती है, तो उसके खिलाफ भी कार्रवाई की जाएगी।