Download App
Download on the App StoreGet it on Google Play
Breaking News

Holi Special :महंगी चांदी ने बदली पसंद, भगोरिया में नकली गहनों की बढ़ी मांग

चांदी महंगी होने का असर होली के अवसर पर लगने वाले भगोरिया हाट में देखने को मिल रहा है। पहले यहां असली चांदी के आभूषण पहने जाते थे, अब इनकी जगह इमिटेशन ज्वेलरी ने ले ली। यही नहीं शादियों के सीजन में भी इमिटेशन ज्वेलरी पहली पसंद बन रही है।
महंगी चांदी ने बदली पसंद, भगोरिया में नकली गहनों की बढ़ी मांग
    यह सारांश आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस द्वारा तैयार किया गया है और हमारी टीम द्वारा रिव्यू की गई है।

    प्रभा उपाध्याय, इंदौर। मप्र के धार, झाबुआ और आलीराजपुर में आदिवासियों के पारंपरिक भगोरिया उत्सव की धूम है। मांदल की थाप पर थिरकते युवा, आभूषणों से सजीं आदिवासी महिलाएं और युवतियां माहौल में रंगीनियत घोलती हैं। परंपराओं के बीच मुख्य बदलाव यह है कि चांदी महंगी होने से अब पारंपरिक भारी चांदी के आभूषणों की जगह फैशनेबल आर्टिफिशियल और हल्के आभूषणों का ट्रेंड चल पड़ा है। आदिवासी समाज में सोने से ज्यादा चांदी के गहनों को महत्व दिया जाता है। चांदी सामाजिक पहचान, वैवाहिक स्थिति और परंपरा का प्रतीक मानी जाती है। भगोरिया उत्सव में चांदी जैसी दिखने वाली    हार, बिछिया, कड़े, पायजेब, झुमकों,  बाजूबंध, कमरबंध सहित अन्य इमिटेशन ज्वेलरी  की खूब बिक्री हो रही है।  

    Uploaded media

    4-5 किलो तक चांदी के आभूषण पहनती हैं

    आदिवासी समाज में महिलाएं पारंपरिक रूप से चार से पांच किलो वजन के करीज चांदी के गहने पहनती हैं। वर्तमान में चांदी की कीमत 2.75 लाख प्रति किलो तक पहुंच गया है। ऐसे में इसकी जगह  इमिटेशन ज्वेलरी ने ले ली है।  

    इमिटेशन ज्वेलरी खरीद रहे ग्राहक

    पहले ग्राहक असली-नकली के बारे में पूछते थे, लेकिन इस बार ज्यादातर लोग सीधे इमिटेशन डिजाइन खरीद रहे हैं। पिछले साल की तुलना में करीब 30 से 40 प्रतिशत ज्यादा बिक्री हो रही है। 

    मोंटी सोनी, ज्वेलरी विक्रेता, वालपुर भगोरिया हाट, झाबुआ

    आर्टिफिशियल गहने दिखने में भी अच्छे

    चांदी बहुत महंगी हो गई है, इसलिए आर्टिफिशियल गहने ही ले रहे हैं। दिखने में भी अच्छे हैं और पता भी नहीं चलता है कि यह चांदी के नहीं है। 

    कमला बाई, वालपुर भगोरिया हाट

    मुझे आर्टिफिशियल चांदी के गहने पसंद

    मां के पास चांदी की गहने हैं, लेकिन मुझे भी यह पहनना था, इसलिए आर्टिफिशियल चांदी की ज्वेलरी ली है। यह भागोरिया उत्सव और शादी दोनों में काम आते हैं। 

    पायल डामोर, वालपुर भगोरिया हाट में आई युवती

    Naresh Bhagoria
    By Naresh Bhagoria

    नरेश भगोरिया। 27 वर्षों से पत्रकारिता में सक्रिय हूं। माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता विश्ववि...

    Latest Posts