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तेलंगाना में 130 माओवादियों का आत्मसमर्पण :4.18 करोड़ का इनाम था घोषित, INSAS राइफल और AK-47 जैसे 124 हथियार बरामद

तेलंगाना में मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी की मौजूदगी में 130 माओवादियों ने आत्मसमर्पण कर दिया। इन पर कुल 4.18 करोड़ रुपए का इनाम घोषित था। सरेंडर के दौरान 124 अत्याधुनिक हथियार भी सुरक्षा बलों को सौंपे गए। सुरक्षा एजेंसियों का कहना है कि लगातार ऑपरेशन और पुनर्वास नीति के कारण नक्सली मुख्यधारा में लौट रहे हैं।
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4.18 करोड़ का इनाम था घोषित, INSAS राइफल और AK-47 जैसे 124 हथियार बरामद
AI जनरेटेड सारांश
    यह सारांश आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस द्वारा तैयार किया गया है और हमारी टीम द्वारा रिव्यू की गई है।

    तेलंगाना में शुक्रवार को एक बड़ा घटनाक्रम सामने आया, जब मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी की मौजूदगी में 130 माओवादी कैडरों ने आत्मसमर्पण कर दिया। इन सभी पर कुल 4 करोड़ 18 लाख 20 हजार रुपए का इनाम घोषित था। सामूहिक आत्मसमर्पण को सुरक्षा एजेंसियां नक्सली संगठन के लिए बड़ा झटका मान रही हैं।

    कई बड़े कैडर ने छोड़ा हिंसा का रास्ता

    सरेंडर करने वालों में माओवादी संगठन के कई अहम सदस्य शामिल हैं। इनमें 3 स्टेट कमेटी मेंबर, 1 रीजनल कमेटी मेंबर, 10 डिवीजनल और डीवाईसीएम स्तर के कैडर, 40 एरिया कमेटी मेंबर और करीब 70 पार्टी सदस्य शामिल बताए जा रहे हैं।

    इनमें से ज्यादातर माओवादी छत्तीसगढ़ से जुड़े बताए जा रहे हैं। आत्मसमर्पण करने वालों में PLGA बटालियन के 42 कैडर, तेलंगाना स्टेट कमेटी के 30, दंडकारण्य स्पेशल जोनल कमेटी के 32, 2nd CRC के 16 और केंद्रीय समिति सदस्य देवजी की टीम से जुड़े 10 माओवादी शामिल हैं।

    नक्सलियों ने सौंपे 124 अत्याधुनिक हथियार

    आत्मसमर्पण के दौरान माओवादियों ने पुलिस को बड़ी मात्रा में हथियार भी सौंपे। कुल 124 अत्याधुनिक हथियार बरामद किए गए हैं।

    इनमें 31 AK-47 राइफल, 21 INSAS राइफल, 38 SLR और .303 राइफल और 1 INSAS लाइट मशीन गन (LMG) शामिल है। सुरक्षा एजेंसियों के मुताबिक, यह हथियार लंबे समय से नक्सली गतिविधियों में इस्तेमाल किए जा रहे थे।

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    सुरक्षा बलों के दबाव और पुनर्वास नीति का असर

    बताया जा रहा है कि सुरक्षा बलों की लगातार कार्रवाई और सरकार की पुनर्वास नीति के चलते बड़ी संख्या में माओवादी कैडरों ने हिंसा का रास्ता छोड़ने का फैसला किया।

    सरकार का कहना है कि जो भी उग्रवादी हथियार छोड़कर समाज की मुख्यधारा में लौटना चाहते हैं, उनके लिए पुनर्वास और नई जिंदगी शुरू करने के सभी अवसर उपलब्ध हैं।

    छत्तीसगढ़ के डिप्टी सीएम का बयान

    छत्तीसगढ़ के उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा ने इस आत्मसमर्पण को बड़ी उपलब्धि बताया। उन्होंने कहा कि बटालियन-1, जो बस्तर क्षेत्र में लंबे समय से आतंक का पर्याय बन चुकी थी, उसके कई सदस्य अब मुख्यधारा में लौट आए हैं। उन्होंने कहा कि बस्तर क्षेत्र में स्थायी शांति के लिए यह कदम बेहद महत्वपूर्ण है और यह एक सकारात्मक संकेत है।

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    हैदराबाद के ICCC सेंटर में हुआ कार्यक्रम

    माओवादियों का यह सामूहिक आत्मसमर्पण हैदराबाद के बंजारा हिल्स स्थित ICCC सेंटर में आयोजित कार्यक्रम के दौरान हुआ। इस मौके पर तेलंगाना सरकार के वरिष्ठ अधिकारी और पुलिस विभाग के उच्च अधिकारी भी मौजूद रहे।

    2026 तक नक्सलवाद खत्म करने का लक्ष्य

    केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह पहले ही देश से नक्सलवाद खत्म करने के लिए 31 मार्च 2026 की समय सीमा तय कर चुके हैं। अगस्त और दिसंबर 2024 में छत्तीसगढ़ के दौरे के दौरान उन्होंने नक्सलियों से हथियार छोड़ने की अपील की थी।

    उन्होंने चेतावनी दी थी कि जो लोग हिंसा का रास्ता नहीं छोड़ेंगे, उनके खिलाफ सुरक्षा बल सख्त कार्रवाई करेंगे। शाह की इस डेडलाइन के बाद से बस्तर समेत कई क्षेत्रों में नक्सलियों के खिलाफ अभियान तेज हो गया है और बड़ी संख्या में उग्रवादी आत्मसमर्पण कर रहे हैं।

    Shivani Gupta
    By Shivani Gupta

    शिवानी गुप्ता | MCU, भोपाल से इलेक्ट्रॉनिक मीडिया में ग्रेजुएशन | 9 वर्षों की टीवी और डिजिटल तक की य...Read More

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