CG NEWS: मुंगेली की 110 साल पुरानी 'पुत्रीशाला' बनी बेटियों की शिक्षा की पहचान, चार पीढ़ियों की यादों को आज भी संजोए है ऐतिहासिक स्कूल
मुंगेली शहर के मध्य स्थित ऐतिहासिक पुत्रीशाला 100 वर्षों से अधिक समय से बालिका शिक्षा की गौरवशाली परंपरा को आगे बढ़ा रही है। वर्ष 1918 में दानवीर रामप्रसाद साव द्वारा स्थापित इस विद्यालय का उद्देश्य उस समय बालिकाओं को शिक्षा से जोड़ना था। अंग्रेजी शासनकाल में शुरू हुई यह शाला आज भी अपने मूल नाम और ऐतिहासिक पहचान के साथ संचालित हो रही है। नए शिक्षा सत्र के साथ विद्यालय एक बार फिर विद्यार्थियों की चहल-पहल से गुलजार हो गया है। यह विद्यालय केवल शिक्षा का केंद्र नहीं बल्कि हजारों परिवारों की भावनाओं
Prem Nirmalkar
4 Jul 2026



























