नई दिल्ली/भोपाल। स्वच्छता सर्वेक्षण 2024-25 के परिणामों में एक बार फिर मध्यप्रदेश ने देशभर में स्वच्छता की मिसाल कायम की है। इंदौर लगातार आठवीं बार सबसे स्वच्छ शहर बना, जबकि भोपाल ने देश की सबसे स्वच्छ राजधानी का गौरव हासिल किया।
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने विज्ञान भवन में आयोजित कार्यक्रम में पुरस्कार वितरित किए। इस बार मध्यप्रदेश के आठ शहरों को अलग-अलग श्रेणियों में राष्ट्रीय स्तर पर सम्मानित किया गया है, जिससे राज्य ने एक बार फिर स्वच्छता में अपना परचम लहराया है।
राजधानी नई दिल्ली में गुरुवार को आयोजित स्वच्छता सर्वेक्षण-2024 के नतीजों में मध्यप्रदेश के इंदौर ने एक बार फिर देशभर में पहला स्थान हासिल कर इतिहास रच दिया। यह लगातार आठवीं बार है जब इंदौर ने स्वच्छता का सर्वोच्च तमगा अपने नाम किया है। इस बार इंदौर को विशेष रूप से बनाई गई ‘सुपर लीग’ श्रेणी में भी शामिल किया गया था, जिसमें उन 23 शहरों को जगह दी गई जो अब तक के सर्वेक्षण में पहले, दूसरे या तीसरे स्थान पर रह चुके हैं।
मध्यप्रदेश की राजधानी भोपाल ने भी इस बार स्वच्छता के क्षेत्र में बड़ी छलांग लगाई है। 10 लाख से अधिक जनसंख्या वाले शहरों की कैटेगरी में भोपाल को दूसरा स्थान मिला है। साथ ही भोपाल को ‘देश की सबसे स्वच्छ राजधानी’ घोषित किया गया है। महापौर मालती राय और नगर निगम आयुक्त हरेंद्र नारायण ने यह सम्मान ग्रहण किया। महापौर ने बताया कि इस उपलब्धि का जश्न शहरभर में मनाया जाएगा।
स्वच्छता सर्वेक्षण 2024 में मध्यप्रदेश के कुल 8 शहरों को विभिन्न श्रेणियों में सम्मानित किया गया है। ये शहर हैं। इंदौर, भोपाल, उज्जैन, देवास, जबलपुर, बुधनी, ग्वालियर और शाहगंज। आइए जानें किसे किस श्रेणी में सम्मान मिला।
3 से 10 लाख जनसंख्या वाले शहरों की सुपर लीग श्रेणी में उज्जैन को दूसरा स्थान मिला। निगमायुक्त आशीष पाठक ने बताया कि इस बार SOP यानी स्टैंडर्ड ऑपरेटिंग प्रोसीजर का बेहतर तरीके से पालन किया गया। “स्वच्छता मिशन के मानकों को कड़ाई से लागू करने के कारण उज्जैन को यह प्रतिष्ठित सम्मान मिला है।”
50 हजार से 3 लाख की आबादी वाले शहरों में देश में पहला स्थान। यह कैटेगरी पहले जबलपुर को 13वीं रैंकिंग में मिली थी, लेकिन इस बार देवास ने टॉप स्थान हासिल किया।
जबलपुर नगर निगम को इस बार सर्वेक्षण में देशभर में पांचवीं रैंकिंग मिली है। यह जबलपुर की अब तक की सबसे बेहतरीन रैंकिंग है।
20 हजार से कम आबादी वाले शहरों की कैटेगरी में अवॉर्ड जीता। बुधनी नगर परिषद को भी स्वच्छता के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान के लिए अवॉर्ड प्रदान किया गया।
इन दोनों शहरों को विशेष श्रेणी पुरस्कारों से नवाजा गया है। इनकी अलग-अलग जनसंख्या श्रेणियों में उल्लेखनीय सफाई व्यवस्था को मान्यता दी गई।
नई दिल्ली स्थित विज्ञान भवन में गुरुवार को आयोजित भव्य समारोह में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने इन सभी शहरों के महापौरों, आयुक्तों और जनप्रतिनिधियों को पुरस्कार प्रदान किए। उज्जैन नगर निगम के महापौर मुकेश टटवाल और आयुक्त आशीष पाठक ने स्वयं मंच पर जाकर पुरस्कार ग्रहण किया।