मंडला में आवारा कुत्तों का आतंक: एक दिन में 25 लोगों को काटा, बच्चों की सुरक्षा के लिए स्कूल और आंगनबाड़ी बंद

मंडला। मंगलवार को साप्ताहिक हाट-बाजार के दौरान आवारा कुत्तों ने लोगों पर हमला कर दिया, जिसमें 25 से 30 लोग घायल हो गए। इनमें 6 से 7 लोगों की हालत गंभीर बताई जा रही है। बढ़ते हमलों के चलते ग्रामीणों में दहशत का माहौल है और एहतियात के तौर पर बच्चों को घरों से बाहर नहीं निकलने की सलाह दी गई है। ग्रामीणों ने जिला प्रशासन से आवारा कुत्तों को तत्काल पकड़ने और स्थायी सुरक्षा व्यवस्था करने की मांग की है।
साप्ताहिक हाट-बाजार में मचा हड़कंप
मंगलवार को ग्राम चिरईडोंगरी में साप्ताहिक हाट-बाजार के दौरान अचानक आवारा कुत्तों ने एक के बाद एक लोगों पर हमला बोल दिया। इस हमले में 25 से 30 लोग घायल हो गए, जबकि 6 से 7 लोगों की हालत गंभीर बताई जा रही है। घटना के बाद बाजार में अफरा-तफरी और भगदड़ जैसी स्थिति बन गई। ग्रामीण अपनी जान बचाने के लिए इधर-उधर भागते नजर आए। लगातार बढ़ते हमलों से पूरे गांव में डर का माहौल है।

मासूम बच्ची पर भी झपटा कुत्ता
घटना का एक वीडियो भी सामने आया है, जिसमें एक आवारा कुत्ता सड़क से गुजर रही एक मासूम बच्ची पर झपटता दिखाई दे रहा है। हालांकि आसपास मौजूद लोगों ने तत्परता दिखाते हुए बच्ची को सुरक्षित बचा लिया। इस घटना के बाद अभिभावकों की चिंता और बढ़ गई है। ग्रामीणों का कहना है कि अगर समय रहते बच्ची को नहीं बचाया जाता तो बड़ा हादसा हो सकता था। वीडियो सामने आने के बाद लोगों में दहशत और अधिक बढ़ गई है।

बच्चों की सुरक्षा के लिए स्कूल और आंगनबाड़ी बंद
लगातार हो रहे हमलों को देखते हुए बुधवार को गांव का शासकीय प्राथमिक और माध्यमिक विद्यालय, आंगनबाड़ी केंद्र और आयुर्वेदिक अस्पताल तक बंद रखा गया। एहतियात के तौर पर स्कूल प्रबंधन और आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं ने बच्चों को नहीं बुलाया। ग्रामीणों को भी सलाह दी गई कि स्थिति सामान्य होने तक बच्चों को घर से बाहर न भेजें। आंगनबाड़ी कार्यकर्ता ने बताया कि इसकी जानकारी पर्यवेक्षक और संबंधित अधिकारियों को भी दे दी गई है।
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बाउंड्री वॉल नहीं होने से बढ़ा खतरा
माध्यमिक विद्यालय के प्रभारी प्राचार्य चैनसिंह मरावी ने बताया कि पिछले दो-तीन दिनों से क्षेत्र में कुत्तों के हमलों की घटनाएं लगातार बढ़ रही हैं। उन्होंने कहा कि विद्यालय परिसर में बाउंड्री वॉल नहीं होने के कारण आवारा जानवर आसानी से अंदर आ जाते हैं। इससे बच्चों की सुरक्षा पर हमेशा खतरा बना रहता है। बाउंड्री वॉल निर्माण के लिए उच्च अधिकारियों और स्थानीय प्रशासन को कई बार मौखिक और लिखित रूप से बताया जा चुका है, लेकिन अब तक निर्माण नहीं हो सका है।
ग्रामीणों ने प्रशासन से की तत्काल कार्रवाई की मांग
लगातार बढ़ रही घटनाओं के बाद ग्रामीणों ने जिला प्रशासन और स्थानीय निकाय से आवारा कुत्तों को तत्काल पकड़ने की मांग की है। ग्रामीणों का कहना है कि गांव में स्थायी सुरक्षा व्यवस्था की जाए, ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाएं दोबारा न हों। प्रभारी प्राचार्य चैनसिंह मरावी ने भी कहा कि बच्चों की सुरक्षा को देखते हुए विद्यालय नहीं खोला गया है। बाउंड्री वॉल नहीं होने से आवारा जानवर परिसर में प्रवेश कर जाते हैं और इस संबंध में कई बार अधिकारियों को अवगत कराया जा चुका है।












