FSSAI की यह चेतावनी हमें रोजमर्रा की छोटी आदतों पर ध्यान देने की जरूरत बताती है। फलों और सब्जियों को सही तरीके से साफ करना ही स्वास्थ्य सुरक्षा का पहला कदम है। थोड़ी सी सावधानी बड़े खतरे से बचा सकती है।
बाजार से आने वाले फलों और सब्जियों पर लगे स्टिकर सिर्फ जानकारी या ब्रांडिंग के लिए नहीं होते, बल्कि इनमें इस्तेमाल होने वाला गोंद कई बार सिंथेटिक होता है। यह गोंद खाने योग्य नहीं होता और शरीर के अंदर जाने पर नुकसान पहुंचा सकता है। विशेषज्ञों के मुताबिक, यह पाचन तंत्र पर असर डाल सकता है और पेट से जुड़ी समस्याएं पैदा कर सकता है। कई बार स्टिकर में ऐसे केमिकल्स भी होते हैं जो लंबे समय तक शरीर में असर डालते हैं। लोग अक्सर इन्हें नजरअंदाज कर देते हैं, जो आगे चलकर जोखिम बन सकता है। इसलिए इन्हें हटाकर ही फल-सब्जियां खाना सुरक्षित माना जाता है।
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ज्यादातर लोग सोचते हैं कि फल और सब्जियों को पानी से धो लेना ही काफी है, लेकिन यह पूरी तरह सही नहीं है। स्टिकर के नीचे की सतह पर गंदगी, बैक्टीरिया और कीटनाशक जमा हो सकते हैं। ये तत्व सिर्फ पानी से साफ नहीं होते और फल के साथ शरीर में पहुंच जाते हैं। खासतौर पर जहां स्टिकर चिपका होता है, वहां सफाई अधूरी रह जाती है। ऐसे में संक्रमण और फूड पॉइजनिंग का खतरा बढ़ सकता है। इसलिए सिर्फ ऊपर-ऊपर से धोने से पूरी तरह सफाई नहीं होती।
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विशेषज्ञों के अनुसार सबसे पहले फलों और सब्जियों से स्टिकर पूरी तरह हटा देना चाहिए। इसके बाद इन्हें साफ पानी से अच्छी तरह धोना जरूरी है। बेहतर सफाई के लिए हल्के गुनगुने पानी या नमक मिले पानी का इस्तेमाल किया जा सकता है। हाथ से रगड़कर भी गंदगी हटाई जा सकती है। यह तरीका कीटनाशकों और बैक्टीरिया को कम करने में मदद करता है।