बिलासपुर:गुरु घासीदास यूनिवर्सिटी का समर्थ पोर्टल हैक, पेपर लीक की आशंका; फैक्ट फाइंडिंग कमेटी का गठन

बिलासपुर। गुरु घासीदास केंद्रीय विश्वविद्यालय के समर्थ पोर्टल के कथित हैक होने की आशंका के बाद पेपर लीक और डाटा चोरी की चर्चाएं तेज हो गई हैं। दावा किया जा रहा है कि कुछ छात्रों को परीक्षा से पहले ऐसे प्रश्न मिले, जो वास्तविक प्रश्नपत्र से मेल खाते थे। मामले की जांच के लिए विश्वविद्यालय ने पांच सदस्यीय फैक्ट फाइंडिंग कमेटी का गठन किया है। फिलहाल प्रशासन ने पेपर लीक की पुष्टि नहीं की है और जांच जारी है।
समर्थ पोर्टल को लेकर बढ़ी चिंता
विश्वविद्यालय में इन दिनों यूजी और पीजी समेत कई विभागों की सेमेस्टर परीक्षाएं चल रही हैं। इसी बीच समर्थ पोर्टल में कथित सेंधमारी की खबर सामने आई है। इस दावे के बाद छात्रों और अभिभावकों के बीच चिंता बढ़ गई है। परीक्षा प्रक्रिया की विश्वसनीयता को लेकर भी सवाल उठने लगे हैं। मामले ने परीक्षा प्रणाली की पारदर्शिता और छात्रों के डाटा की सुरक्षा को लेकर कई सवाल खड़े कर दिए हैं।
ये भी पढ़ें: CUET UG 2026 : तकनीकी गड़बड़ी से प्रभावित छात्रों को राहत, NTA कराएगी दोबारा परीक्षा
प्रश्नपत्र लीक होने की आशंका
बताया जा रहा है कि कुछ छात्रों को परीक्षा से पहले ऐसे प्रश्न प्राप्त हुए, जिनका मिलान वास्तविक प्रश्नपत्र से होने की बात कही जा रही है। इससे पेपर लीक की आशंका जताई जा रही है। हालांकि अब तक इस संबंध में कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। विश्वविद्यालय प्रशासन पूरे मामले की गंभीरता से जांच कर रहा है।
सात दिनों में रिपोर्ट पेश करने के निर्देश
मामले में केवल प्रश्नपत्र ही नहीं, बल्कि छात्रों के निजी डाटा और प्रशासनिक दस्तावेजों के प्रभावित होने की भी आशंका जताई जा रही है। यदि यह दावा सही साबित होता है तो बड़ी संख्या में छात्रों की गोपनीय जानकारी जोखिम में पड़ सकती है। यही वजह है कि डाटा सुरक्षा को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं।
ये भी पढ़ें: CG: NHM कर्मचारियों को बड़ी सौगात, बैंक ऑफ इंडिया देगा ₹6 लाख का मुफ्त लाइफ इंश्योरेंस कवर
फैक्ट फाइंडिंग कमेटी का गठन
घटना की जानकारी मिलने के बाद विश्वविद्यालय प्रबंधन ने तत्काल बैठक कर स्थिति की समीक्षा की। इसके बाद पांच सदस्यीय फैक्ट फाइंडिंग कमेटी का गठन किया गया। समिति में प्रशासनिक अधिकारियों के साथ तकनीकी विशेषज्ञों को भी शामिल किया गया है। उन्हें सात दिनों के भीतर विस्तृत रिपोर्ट सौंपने के निर्देश दिए गए हैं।
रिपोर्ट पर टिकी सबकी निगाहें
बताया जा रहा है कि लगभग 32 विभागों के प्रश्नपत्र और अन्य गोपनीय दस्तावेज प्रभावित हो सकते हैं। हालांकि विश्वविद्यालय प्रशासन का कहना है कि अभी तक पेपर लीक के ठोस प्रमाण नहीं मिले हैं। पोर्टल कब और कैसे प्रभावित हुआ, इसकी भी जांच की जा रही है। अब पूरे मामले में फैक्ट फाइंडिंग कमेटी की रिपोर्ट का इंतजार किया जा रहा है।












