रायपुर। छत्तीसगढ़ बोर्ड परीक्षाओं की कॉपियों की जांच पूरी हो चुकी है और अब छात्रों को रिजल्ट का इंतजार है। लेकिन इस बार मूल्यांकन के दौरान शिक्षकों को कुछ ऐसा देखने को मिला, जिसने उन्हें भी चौंका दिया। कई छात्रों ने उत्तर पुस्तिकाओं में सवालों के जवाब लिखने के बजाय अजीबो-गरीब अपीलें और भावनात्मक संदेश लिख डाले।
जांच के दौरान सामने आया कि कुछ छात्रों ने पास होने के लिए सीधे परीक्षकों से गुहार लगाई। एक छात्र ने तो पूरी उत्तर पुस्तिका में हनुमान चालीसा लिख दी और अंत में लिखा कि अगर आप हनुमानजी के भक्त हैं, तो कृपया मुझे पास कर दीजिए। इस तरह की धार्मिक अपील ने मूल्यांकन करने वाले शिक्षकों को भी हैरान कर दिया।
कई छात्राओं ने अपनी कॉपियों में पारिवारिक परिस्थितियों का जिक्र करते हुए पास करने की अपील की। एक छात्रा ने लिखा कि वह गरीब परिवार से है और उसकी शादी तय हो चुकी है, इसलिए उसे कम से कम 33 अंक देकर पास कर दिया जाए। वहीं, दूसरी छात्रा ने लिखा कि अगर वह फेल हो गई तो उसकी शादी टूट सकती है, इसलिए उसे पास कर दिया जाए।
कुछ छात्रों ने अपनी पढ़ाई न कर पाने की वजह भी बताई। एक छात्र ने लिखा कि वह नीट की तैयारी में व्यस्त था, इसलिए बोर्ड परीक्षा की तैयारी नहीं कर सका और उसे पास कर दिया जाए। वहीं, कुछ ने घर की आर्थिक स्थिति का हवाला देते हुए सहानुभूति मांगी।
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जानकारी के अनुसार, हाईस्कूल और हायर सेकेंडरी की कुल 2 लाख 66 हजार 173 उत्तर पुस्तिकाओं का मूल्यांकन पूरा हो चुका है। हालांकि पिछले वर्षों की तुलना में इस बार ऐसी अपीलों की संख्या कम रही, लेकिन जो भी मामले सामने आए, उन्होंने सभी का ध्यान अपनी ओर खींचा। यह जानकारी माशिमं के एक अधिकारी ने नाम न बताने की शर्त पर साझा की।
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इस सत्र में कुल 5 लाख 69 हजार से ज्यादा छात्रों ने परीक्षा दी। इसमें 10वीं के 3 लाख 23 हजार 687 और 12वीं के 2 लाख 46 हजार 862 छात्र-छात्राएं शामिल रहे। खास बात यह रही कि दोनों ही कक्षाओं में छात्राओं की संख्या छात्रों से अधिक रही। हाईस्कूल में 33,892 और हायर सेकेंडरी में 36 हजार से ज्यादा छात्राएं अधिक रहीं।
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कुल मिलाकर, इस बार बोर्ड कॉपियों में लिखे गए ये भावनात्मक और अनोखे संदेश चर्चा का विषय बन गए हैं, जो छात्रों के दबाव और परिस्थितियों को भी उजागर करते हैं।