अभिषेक बनर्जी पर हमले के बाद बंगाल में सियासी संग्राम,ममता ने बीजेपी को घेरा; कांग्रेस-सपा भी उतरी समर्थन में

पश्चिम बंगाल के सोनारपुर में तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) के सांसद और पार्टी महासचिव अभिषेक बनर्जी पर हुए हमले ने राज्य की राजनीति को गर्मा दिया है। घटना के बाद मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) पर तीखा हमला बोला है। वहीं कांग्रेस और समाजवादी पार्टी भी टीएमसी के समर्थन में खुलकर सामने आ गई हैं। दूसरी ओर बीजेपी नेताओं ने सभी आरोपों को खारिज करते हुए कहा है कि यह किसी राजनीतिक साजिश का नहीं बल्कि स्थानीय लोगों के विरोध का मामला है।
पीड़ित परिवार से मिलने पहुंचे थे अभिषेक, तभी हुआ हंगामा
जानकारी के अनुसार, अभिषेक बनर्जी चुनाव बाद हुई हिंसा से प्रभावित एक परिवार से मिलने सोनारपुर पहुंचे थे। इसी दौरान वहां मौजूद कुछ लोगों ने उनका विरोध शुरू कर दिया। देखते ही देखते हालात तनावपूर्ण हो गए और भीड़ उनके करीब पहुंच गई। हंगामे के दौरान धक्का-मुक्की हुई, उनके कपड़े फट गए और चश्मा भी टूट गया। मौके पर मौजूद सुरक्षाकर्मियों ने तुरंत स्थिति संभाली और अभिषेक बनर्जी को सुरक्षा घेरे में लिया। बताया जा रहा है कि एहतियात के तौर पर उन्हें हेलमेट भी पहनाया गया, जिसके बाद उन्हें सुरक्षित स्थान पर पहुंचाया गया।
ममता बनर्जी का बीजेपी पर सीधा हमला
घटना के बाद मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने सोशल मीडिया मंच एक्स पर कड़ी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने लिखा कि शासक अब खुद हत्यारे बन चुके हैं। बीजेपी को इस तरह की हरकत पर शर्म आनी चाहिए। ममता बनर्जी ने आरोप लगाया कि राजनीतिक विरोधियों को डराने और दबाने की कोशिश की जा रही है। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में असहमति की जगह होती है, लेकिन हिंसा का कोई स्थान नहीं होना चाहिए।
अभिषेक बोले- मुझे मारने की कोशिश की गई
हमले के बाद अभिषेक बनर्जी ने भी इसे सुनियोजित साजिश बताया। उन्होंने कहा कि यह कोई सामान्य विरोध नहीं था। उनके मुताबिक, हमलावर उन्हें नुकसान पहुंचाना चाहते थे और पूरी घटना की वीडियो रिकॉर्डिंग मौजूद है। अभिषेक बनर्जी ने कहा कि देखिए मेरा क्या हाल किया गया। वे मुझे मारना चाहते थे। उन्होंने यह भी बताया कि वह इस मामले को लेकर हाईकोर्ट और राज्यपाल के समक्ष शिकायत करेंगे। साथ ही उन्होंने आरोप लगाया कि इस हमले के पीछे बीजेपी समर्थित तत्वों की भूमिका हो सकती है।
कांग्रेस और सपा ने उठाए सुरक्षा पर सवाल
कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने घटना को लोकतांत्रिक मूल्यों पर हमला बताते हुए इसकी निंदा की। उन्होंने कहा कि एक सांसद की सुरक्षा में इतनी बड़ी चूक गंभीर चिंता का विषय है। खड़गे ने इसे राजनीतिक प्रतिशोध की भावना से जोड़ते हुए निष्पक्ष जांच की मांग की। समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव ने भी इस मुद्दे पर प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि इतने संवेदनशील माहौल में पुलिस की गैरमौजूदगी कई सवाल खड़े करती है। अखिलेश यादव ने आरोप लगाया कि नफरत और टकराव की राजनीति लोकतंत्र को कमजोर करती है।
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बीजेपी ने कहा- इसे राजनीतिक रंग दिया जा रहा
बीजेपी नेताओं ने टीएमसी और विपक्ष के आरोपों को सिरे से खारिज कर दिया है। केंद्रीय मंत्री सुकांत मजूमदार ने कहा कि यह स्थानीय लोगों की नाराजगी थी, जिसे राजनीतिक साजिश बताने की कोशिश की जा रही है। उन्होंने कहा कि अतीत में बीजेपी नेताओं और कार्यकर्ताओं को भी कई बार हिंसा का सामना करना पड़ा है। सुकांत मजूमदार ने सभी दलों से बंगाल की राजनीति को हिंसा मुक्त बनाने की अपील की। वहीं पश्चिम बंगाल बीजेपी अध्यक्ष समीक भट्टाचार्य ने कहा कि पार्टी का इस घटना से कोई लेना-देना नहीं है। उन्होंने दावा किया कि पहले भी बीजेपी नेताओं पर हमले हुए हैं और अब हर विरोध को राजनीतिक हमला बताना उचित नहीं है।












