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मोबाइल पर अचानक बजा तेज अलर्ट,लोगों में मची हलचल; जानिए सरकार ने क्यों भेजा यह खास संदेश

दिल्ली-एनसीआर समेत उत्तर भारत के कई इलाकों में लोगों के मोबाइल पर अचानक तेज आवाज के साथ सरकारी अलर्ट पहुंचा। मौसम में बदलाव, तेज आंधी, बारिश और बिजली गिरने की आशंका को देखते हुए यह चेतावनी जारी की गई। जानिए क्या था पूरा संदेश और इसका मकसद।
लोगों में मची हलचल; जानिए सरकार ने क्यों भेजा यह खास संदेश

शनिवार शाम दिल्ली-एनसीआर समेत उत्तर भारत के कई इलाकों में उस समय लोग चौंक गए, जब उनके मोबाइल फोन अचानक तेज आवाज के साथ बजने लगे। कई लोगों को लगा कि शायद फोन में कोई तकनीकी खराबी आ गई है या किसी ऐप से कोई इमरजेंसी नोटिफिकेशन आया है। लेकिन कुछ ही सेकंड बाद मोबाइल स्क्रीन पर एक सरकारी संदेश दिखाई दिया, जिसमें मौसम को लेकर अहम चेतावनी दी गई थी। यह अलर्ट एक साथ हजारों लोगों के मोबाइल फोन पर पहुंचा। तेज आवाज और स्क्रीन पर फ्लैश हो रहे संदेश को देखकर कई लोग घबरा भी गए। सोशल मीडिया पर भी लोगों ने इसकी तस्वीरें और स्क्रीनशॉट साझा करने शुरू कर दिए। देखते ही देखते यह चर्चा का विषय बन गया कि आखिर सरकार ने अचानक यह अलर्ट क्यों भेजा।

मौसम में बदलाव को लेकर जारी की गई चेतावनी

मोबाइल स्क्रीन पर दिखाई दिए संदेश में लोगों को उनके जिले में अगले कुछ घंटों के दौरान मौसम खराब होने की संभावना के बारे में जानकारी दी गई थी। अलर्ट में बताया गया था कि कुछ क्षेत्रों में तेज आंधी, बारिश, बिजली गिरने और ओलावृष्टि की स्थिति बन सकती है। संदेश में लोगों से अपील की गई कि वे सुरक्षित स्थानों पर रहें और मौसम खराब होने के दौरान अनावश्यक रूप से बाहर निकलने से बचें। साथ ही बिजली गिरने और तेज हवाओं के खतरे को देखते हुए विशेष सावधानी बरतने की सलाह भी दी गई।

90 किलोमीटर प्रति घंटे तक चल सकती हैं हवाएं

सरकारी अलर्ट में यह भी बताया गया कि कुछ इलाकों में हवा की रफ्तार 90 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच सकती है। मौसम विशेषज्ञों के अनुसार इतनी तेज हवाएं पेड़ों, बिजली के खंभों और कमजोर ढांचों को नुकसान पहुंचा सकती हैं। इसी वजह से लोगों को खुले मैदान, पेड़ों के नीचे और असुरक्षित स्थानों पर खड़े होने से बचने की सलाह दी गई। प्रशासन चाहता है कि मौसम खराब होने से पहले ही लोग सतर्क हो जाएं ताकि किसी तरह की जनहानि या दुर्घटना को रोका जा सके।

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आखिर क्या था फोन पर बजने वाला अलर्ट?

कई लोगों के मन में सवाल था कि उनके फोन में अचानक इतनी तेज आवाज क्यों आई। दरअसल यह एक विशेष इमरजेंसी अलर्ट सिस्टम का हिस्सा था, जिसे सेल ब्रॉडकास्ट सिस्टम कहा जाता है। इस तकनीक के जरिए किसी खास क्षेत्र में मौजूद सभी मोबाइल उपयोगकर्ताओं तक एक साथ संदेश पहुंचाया जा सकता है। इसके लिए किसी व्यक्ति का मोबाइल नंबर अलग से दर्ज होने की जरूरत नहीं होती। जिस इलाके के लिए अलर्ट जारी किया जाता है, वहां मौजूद मोबाइल फोन पर यह संदेश अपने आप पहुंच जाता है। इसी वजह से शनिवार शाम बड़ी संख्या में लोगों को एक ही समय पर यह अलर्ट मिला।  

आपदा प्रबंधन के लिए तैयार किया गया सिस्टम

भारत सरकार और राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (एनडीएमए) पिछले कुछ वर्षों से आपदा चेतावनी प्रणालियों को मजबूत बनाने पर काम कर रहे हैं। इसी प्रयास के तहत मोबाइल आधारित अलर्ट सिस्टम को विकसित किया गया है। इसका उद्देश्य लोगों तक सही समय पर महत्वपूर्ण जानकारी पहुंचाना है। प्राकृतिक आपदाओं, खराब मौसम, बाढ़, चक्रवात या अन्य आपात स्थितियों में यह तकनीक बेहद उपयोगी साबित हो सकती है। विशेषज्ञों का मानना है कि कई बार कुछ मिनट पहले मिली चेतावनी भी लोगों की जान बचाने में अहम भूमिका निभा सकती है। यही वजह है कि सरकार इस तकनीक का दायरा लगातार बढ़ा रही है।

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सोशल मीडिया पर भी छाया रहा अलर्ट

अलर्ट मिलने के बाद सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर लोगों ने अपनी प्रतिक्रियाएं साझा कीं। कुछ लोगों ने बताया कि तेज आवाज सुनकर वे घबरा गए थे, जबकि कई लोगों ने इसे एक जरूरी और उपयोगी कदम बताया। कई यूजर्स ने लिखा कि शुरुआत में उन्हें लगा कि यह कोई साइबर हमला या तकनीकी गड़बड़ी है, लेकिन बाद में संदेश पढ़ने पर पूरी बात समझ में आई। कुछ लोगों ने सरकार की इस पहल की सराहना भी की और कहा कि समय रहते चेतावनी मिलना फायदेमंद है।

दुनिया के कई देशों में इस्तेमाल होती है यह तकनीक

मोबाइल आधारित इमरजेंसी अलर्ट सिस्टम केवल भारत तक सीमित नहीं है। दुनिया के कई देशों में इस तकनीक का उपयोग किया जाता है। प्राकृतिक आपदाओं, मौसम संबंधी खतरों और अन्य आपात परिस्थितियों में सरकारें इसी तरह लोगों को चेतावनी भेजती हैं। खास कर इजरायल जैसे देशों में इस तकनीक का इस्तेमाल लंबे समय से किया जा रहा है। वहां मिसाइल, ड्रोन या अन्य सुरक्षा खतरों की स्तिथि में नागरिकों को तुरंत मोबाइल अलर्ट भेजे जाते हैं, ताकि वे सुरक्षित स्थानों पर पहुंच सकें। 

Sona Rajput
By Sona Rajput

माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता एवं संचार विश्वविद्यालय से मास कम्युनिकेशन किया है। साल 2022 ...Read More

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