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2 करोड़ में स्टार्टअप शुरू करो, अमेरिका में पांच साल तक रहो

भारतीय उद्यमियों के लिए नई स्कीम ‘स्टार्टअप एंड स्टे’ होगी शुरू
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2 करोड़ में स्टार्टअप शुरू करो, अमेरिका में पांच साल तक रहो

वाशिंगटन। अमेरिका में भारतीय उद्यमियों के लिए एक नई स्कीम शुरू की गई है, जिसका नाम है ‘स्टार्टअप एंड स्टे’। इस योजना के तहत, अगर कोई भारतीय उद्यमी 2 करोड़ रुपए का निवेश करके अमेरिका में एक स्टार्टअप शुरू करता है, तो उसे वहां 5 साल तक रहने की अनुमति मिलेगी। इस योजना के तहत उद्यमी के साथ उसकी पत्नी या पति और स्टार्टअप के तीन अन्य कर्मचारी भी अमेरिका में रह सकते हैं। उद्यमी को इस निवेश को अमेरिका से ही प्राप्त करना होगा। इसके लिए उसे भारत से एक स्टार्टअप प्लान भेजना होगा, जिसमें यह बताया जाए कि उसका स्टार्टअप कितने रोजगार के अवसर और नई सुविधाएं प्रदान करेगा। इस प्लान को ‘स्टेटमेंट ऑफ परपज’ कहा गया है। 60 हजार को लाभ: अगर किसी भारतीय स्टार्टअप उद्यमी को अमेरिका सरकार से सीधे 88 लाख रुपए का अनुदान (ग्रांट) मिलता है, तो वह भी अमेरिका में 5 साल तक रह सकता है। अक्टूबर से शुरू होने वाली इस स्कीम से लगभग 60 हजार भारतीयों को लाभ मिलने की संभावना है।

अमेरिका में 9,700 भारतीय स्टार्टअप्स

अमेरिका ने भारतीय स्टार्टअप्स से स्थानीय रोजगार बढ़ाने का लक्ष्य रखा है। वर्तमान में अमेरिका में 9700 भारतीय स्टार्टअप्स हैं, जिनकी कुल नेट वर्थ लगभग दो लाख करोड़ रुपए है। इन स्टार्टअप्स से दो लाख लोगों को रोजगार मिला हुआ है। अमेरिका का लक्ष्य है कि वह अगले पांच साल में इन स्टार्टअप्स की संख्या को दोगुना करे। वर्तमान में अमेरिका में बेरोजगारी की दर 4.10 फीसदी है, जो पिछले दो सालों में उच्चतम स्तर पर है। स्थानीय उद्यमियों द्वारा रोजगार के अवसरों को पर्याप्त रूप से बढ़ावा नहीं दिया जा रहा है। यूएस एम्पलायमेंट रिपोर्ट 2024 के अनुसार, भारतीय स्टार्टअप्स इस समस्या का समाधान कर सकते हैं।

स्टे बढ़ाना है तो देना होगा रोजगार

‘स्टार्टअप एंड स्टे’ स्कीम के तहत, पांच साल के बाद भारतीय स्टार्टअप उद्यमी अपनी स्टे अवधि को बढ़ा भी सकते हैं। इसके लिए उन्हें रोजगार की वृद्धि दिखानी होगी। अगर यह वृद्धि सकारात्मक रही, तो उद्यमी को 5 साल के लिए स्टे अथवा ग्रीन कार्ड प्राप्त करने की योग्यता मिल जाएगी। अमेरिका में ई-2 और ईबी-5 वीजा के लिए 50 करोड़ रुपए तक का निवेश आवश्यक होता है।

80 फीसदी स्टार्टअप्स सिलिकॉन वैली में

अमेरिका में भारतीयों के 35 फीसदी स्टार्टअप्स आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) सेक्टर में हैं। पिछले तीन साल में एआई स्टार्टअप्स की संख्या दोगुनी हो गई है। एआई का ग्रोथ रेट सबसे ज्यादा है। अन्य भारतीय स्टार्टअप्स मुख्य रूप से आईटी, सॉफ्टवेयर, फार्मा और एजुकेशन सेक्टर में सक्रिय हैं। वर्तमान में 80 फीसदी भारतीय स्टार्टअप्स सिलिकॉन वैली में स्थित हैं, जबकि अन्य स्टार्टअप्स सिएटल और टेक्सास में हैं।

People's Reporter
By People's Reporter

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