स्पेन में प्रवासियों का सैलाब:24 घंटे में 60 हजार लोगों की एंट्री, 43 की मौत; सरकार ने कहा- जल्द लौटाए जाएंगे सभी अवैध घुसपैठिए

स्पेन के उत्तर अफ्रीकी क्षेत्र सेउटा में बीते 24 घंटे के दौरान प्रवासियों की अभूतपूर्व आमद ने पूरे यूरोप की चिंता बढ़ा दी है। सेउटा प्रशासन के अनुसार, मोरक्को से करीब 60 हजार प्रवासी सीमा पार कर स्पेनिश क्षेत्र में पहुंच गए जबकि इस दौरान कम से कम 43 लोगों की मौत हो गई। इस घटनाक्रम के बाद स्पेन सरकार ने इसे गंभीर सुरक्षा चुनौती बताते हुए सभी अवैध प्रवासियों को जल्द से जल्द मोरक्को वापस भेजने का ऐलान किया है।
सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद बढ़ी घुसपैठ
यह संकट ऐसे समय सामने आया है जब स्पेन के सुप्रीम कोर्ट ने हाल ही में फैसला दिया था कि समुद्र में पकड़े गए और सेउटा या मेलिला पहुंचने की कोशिश कर रहे प्रवासियों को बिना कानूनी प्रक्रिया अपनाए तुरंत मोरक्को नहीं भेजा जा सकता। माना जा रहा है कि इस फैसले के बाद बड़ी संख्या में लोगों ने सीमा पार करने की कोशिश की।
स्पेन के प्रधानमंत्री बोले- यह हमला है
स्पेन के प्रधानमंत्री पेड्रो सांचेज ने हालात को हमला करार देते हुए कहा कि देश में अवैध रूप से दाखिल हुए सभी लोगों को जल्द से जल्द वापस भेजा जाएगा। उन्होंने कहा कि सरकार मोरक्को सीमा पर सुरक्षा और मजबूत करेगी तथा दोनों देशों के बीच समन्वय के साथ कार्रवाई की जाएगी।
25 हजार लोग लौटे, फिर भी हालात गंभीर
स्पेन के गृह मंत्रालय के मुताबिक अब तक 25 हजार से ज्यादा लोग स्वेच्छा से मोरक्को लौट चुके हैं लेकिन हजारों लोग अब भी सेउटा में मौजूद हैं। मंत्रालय के अनुसार, फिलहाल प्रति मिनट करीब 150 लोग वापस लौट रहे हैं।
70% आबादी के बराबर पहुंचे प्रवासी
सेउटा के राष्ट्रपति जुआन जीसस विवास ने कहा कि यह स्थिति पूरी तरह असहनीय हो गई है। उनके अनुसार एक दिन में पहुंचे लोगों की संख्या शहर की कुल आबादी का करीब 70 प्रतिशत है। सेउटा की आबादी लगभग 83,600 है।
सेना तैनात, सीमा पर कड़ी निगरानी
स्थिति को नियंत्रित करने के लिए स्पेन सरकार ने सेउटा और मेलिला दोनों क्षेत्रों में सेना और अतिरिक्त सुरक्षा बल तैनात कर दिए हैं। मेलिला में भी रातभर के दौरान 300 से 400 लोगों के सीमा पार करने की सूचना मिली है।
हजारों नाबालिग भी शामिल
स्थानीय अधिकारियों के मुताबिक सीमा पार करने वालों में बड़ी संख्या महिलाओं, बच्चों और शिशुओं की भी है। अनुमान है कि करीब 7 हजार नाबालिग इस समूह में शामिल हैं। कई लोगों ने समुद्र तैरकर और सीमा के पास बने अवरोधों को पार कर स्पेनिश क्षेत्र में प्रवेश किया।
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प्रवासी ने लोगों से की अपील
मोरक्को लौट रहे एक प्रवासी ने समाचार एजेंसी रॉयटर्स से कहा कि यह सफर बेहद खतरनाक है। यह बिल्कुल अच्छा नहीं है, लोग यहां मर रहे हैं। जो अभी तक नहीं आए हैं उनसे मेरी अपील है कि यहां आने की कोशिश न करें।
यूरोपीय देशों की बढ़ी चिंता
इस घटना के बाद कई यूरोपीय नेताओं ने चिंता जताई है। इटली की प्रधानमंत्री जॉर्जिया मेलोनी ने इसे यूरोप की सुरक्षा के लिए खतरा बताया। जर्मनी के चांसलर फ्रेडरिक मर्ज ने मोरक्को से अवैध प्रवासियों को तुरंत वापस लेने की मांग की। यूरोपीय आयोग की अध्यक्ष उर्सुला वॉन डेर लेयेन ने इस स्थिति को अस्वीकार्य बताते हुए तत्काल रोक लगाने की बात कही।
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क्यों महत्वपूर्ण है सेउटा?
सेउटा और मेलिला स्पेन के दो ऐसे क्षेत्र हैं जो अफ्रीका में स्थित हैं और यूरोपीय संघ की अफ्रीका से लगने वाली एकमात्र स्थलीय सीमाएं हैं। मोरक्को लंबे समय से इन क्षेत्रों पर अपना दावा करता रहा है, जिसके कारण दोनों देशों के बीच समय-समय पर तनाव की स्थिति बनती रही है।



















