सोहागपुर में शराब दुकान हटाने को लेकर महिलाओं का धरना, मुख्य मार्ग पर बैठकर किया प्रदर्शन

सोहागपुर के ग्राम सारंगपुर में मढ़ई पर्यटन स्थल के मुख्य मार्ग पर संचालित शराब दुकान को हटाने की मांग को लेकर मंगलवार को आदिवासी महिलाओं ने धरना प्रदर्शन किया। महिलाओं ने सड़क पर बैठकर नारेबाजी की और शराब दुकान को गांव के पास से हटाने की मांग की। आंदोलन का नेतृत्व युवा कांग्रेस की प्रदेश महासचिव और आदिवासी नेता सुरेखा शाह ने किया।
छात्राओं की सुरक्षा को लेकर जताई चिंता
धरने के दौरान सुरेखा शाह ने आरोप लगाया कि मढ़ई जाने वाले मुख्य मार्ग पर शराब दुकान होने के कारण स्कूल आने-जाने वाली छात्राओं को परेशानी का सामना करना पड़ता है। उन्होंने दावा किया कि शराब के नशे में रहने वाले कुछ असामाजिक तत्वों द्वारा छात्राओं से छींटाकशी और छेड़छाड़ की घटनाएं होने से अभिभावक भी चिंतित हैं। सुरेखा शाह ने कहा कि शराब की वजह से कई आदिवासी परिवारों में विवाद और घरेलू हिंसा जैसी स्थिति भी बनती है।
आसपास के गांवों से भी पहुंचते हैं लोग
सुरेखा शाह के मुताबिक, सेमरी, सोहागपुर और आसपास के गांवों से लोग शराब पीने के लिए यहां आते हैं। कई बार शराब के कारण विवाद की स्थिति बन जाती है। उन्होंने कहा कि शराब दुकान को गांव के पास और मुख्य मार्ग से हटाने की मांग पहले भी प्रशासन के सामने रखी जा चुकी है। इसके बावजूद समस्या का स्थायी समाधान नहीं हुआ है।
कई गांवों की महिलाएं आंदोलन में शामिल
सारंगपुर के अलावा बीजाखारी, कामती, टेकापार सहित आसपास के गांवों से बड़ी संख्या में महिलाएं धरना प्रदर्शन में शामिल हुईं। धरना स्थल पर कांग्रेस की वरिष्ठ नेता और पूर्व जिला कांग्रेस अध्यक्ष पुष्पराज पटेल भी मौजूद रहे।
प्रशासनिक अधिकारी मौके पर पहुंचे
आंदोलन की सूचना मिलने के बाद सोहागपुर एसडीएम डॉ. बबीता राठौर, एसडीओपी अरविंद शाह, थाना प्रभारी गिरीश त्रिपाठी, सतपुड़ा टाइगर रिजर्व के सहायक संचालक शिवप्रसाद मैथानी और आबकारी विभाग के अधिकारी मौके पर पहुंचे। अधिकारियों ने महिलाओं से चर्चा कर धरना समाप्त करने की समझाइश दी।
SDM ने शराब दुकान संचालक को दिए निर्देश
एसडीएम डॉ. बबीता राठौर ने शराब दुकान संचालक को निर्देश दिए कि दुकान परिसर में किसी को बैठाकर शराब न पिलाई जाए। साथ ही दुकान के आसपास लोगों को अनावश्यक रूप से रुकने नहीं देने के निर्देश दिए गए। उन्होंने आबकारी विभाग को दुकान पर कर्मचारियों की तैनाती करने को भी कहा, ताकि वहां की स्थिति पर निगरानी रखी जा सके।
दुकान हटाने की मांग पर अड़ी महिलाएं
प्रशासन की समझाइश के बावजूद आंदोलनकारी महिलाएं शराब दुकान हटाने की मांग पर अड़ी रहीं। सुरेखा शाह ने कहा कि जब तक गांव के पास और मुख्य मार्ग पर स्थित शराब दुकान को हटाने की कार्रवाई नहीं होती, तब तक आंदोलन जारी रहेगा। फिलहाल समाचार लिखे जाने तक सारंगपुर में महिलाओं का धरना प्रदर्शन जारी था।




















