सोहागपुर पटाखा बाजार में सुरक्षा इंतजामों की कमी, कलेक्टर-एसपी के निरीक्षण में खुली पोल
सोहागपुर। दीपावली से पहले सोहागपुर के पटाखा बाजार में सुरक्षा व्यवस्था को लेकर बड़ी लापरवाही सामने आई है। शुक्रवार शाम कलेक्टर आशीष वशिष्ठ और पुलिस अधीक्षक दीपक कुमार शुक्ला ने उप मंडी परिसर में लगाए गए पटाखा बाजार का निरीक्षण किया। इस दौरान कई दुकानों पर अग्निशमन यंत्र, बालू या मिट्टी से भरी बाल्टियां और पानी की व्यवस्था नहीं मिली। वहीं, दो दुकानों के बीच तीन मीटर की दूरी रखने के निर्देश का भी पालन होता नजर नहीं आया। अधिकारियों ने मौके पर व्यवस्थाएं सुधारने के निर्देश दिए।
90 दुकानों को जारी हुए अस्थाई लाइसेंस
निरीक्षण के दौरान कलेक्टर ने एसडीएम डॉ. बबीता राठौर से पटाखा दुकानों की संख्या की जानकारी ली। एसडीएम ने बताया कि बाजार में 90 दुकानों के लिए अस्थाई लाइसेंस जारी किए गए हैं। बाजार में पर्याप्त रोशनी नहीं होने पर कलेक्टर ने नाराजगी जताई। उन्होंने नगर परिषद को तत्काल प्रकाश व्यवस्था दुरुस्त करने के निर्देश दिए। साथ ही शीतकालीन दिनों में स्ट्रीट लाइट के टाइमर में बदलाव कर शाम करीब 5:45 बजे लाइट चालू कराने को कहा।
सुरक्षा से बढ़कर नहीं है पटाखों की बिक्री
कलेक्टर और एसपी ने दुकानदारों से बातचीत कर सुरक्षा इंतजामों की जानकारी ली। अधिकारियों ने स्पष्ट कहा कि पटाखों की बिक्री से ज्यादा जरूरी दुकानदारों और आम नागरिकों की सुरक्षा है। इसलिए निर्धारित गाइडलाइन का पालन करते हुए ही दुकानें संचालित की जाएं। सुरक्षा व्यवस्था में किसी भी तरह की लापरवाही नहीं होनी चाहिए। व्यापारियों ने बताया कि दुकानें तैयार करने और दूसरी व्यवस्थाएं जुटाने में समय लगता है। धनतेरस से एक दिन पहले तक दुकानें पूरी तरह तैयार नहीं हो पाई थीं। ऐसे में उनके पास रूप चौदस और दीपावली के दो दिन ही बिक्री के लिए बचे हैं। इसके बाद सीधे ग्यारस पर पटाखों की बिक्री होती है।
दुकानों के ऊपर कपड़े की कनात लगाने की मिली अनुमति
पटाखा बाजार की व्यवस्था को लेकर प्रशासन ने करीब डेढ़ सप्ताह पहले बैठक कर व्यापारियों को सुरक्षा गाइडलाइन बताई थी। इसी के तहत एसडीएम ने कलेक्टर के पहुंचने से पहले दुकानों के ऊपर और आसपास लगी टेंट की कनात हटवाने की कार्रवाई शुरू की थी। व्यापारियों ने कलेक्टर और एसपी से मांग की कि दिन में तेज धूप और रात में ओस से पटाखों को बचाने के लिए दुकानों के ऊपर कपड़े की कनात लगी रहने दी जाए। इस पर अधिकारियों ने केवल दुकानों के ऊपर कनात लगाने की अनुमति दी। हालांकि, पूरे बाजार या दुकानों के बाहर कपड़े, टेंट अथवा कनात लगाने पर रोक स्पष्ट रखी।
बाजार के बीच खड़ा होगा फायर ब्रिगेड वाहन
निरीक्षण के दौरान कलेक्टर ने उप मंडी परिसर में खड़े दमकल वाहन को पटाखा बाजार के बीच मैदान में खड़ा करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि आपात स्थिति में फायर ब्रिगेड को तुरंत घटनास्थल तक पहुंचना चाहिए। इसके लिए दुकानों के प्रवेश मार्ग के सामने दोपहिया वाहनों की पार्किंग नहीं होने देने को कहा गया। अधिकारियों के मुताबिक, रास्ते में वाहन खड़े होने से आगजनी की स्थिति में दमकल वाहन को अंदर पहुंचने में देरी हो सकती है। एसडीएम ने बताया कि नगर परिषद ने परिसर में दोपहिया वाहनों के लिए अलग पार्किंग की व्यवस्था बनाई है।
94 दुकानों का लेआउट तैयार, लेकिन दूसरी जगह लग गईं दुकानें
पटाखा बाजार में दुकानों की जगह को लेकर भी सवाल सामने आए। प्रशासन की गाइडलाइन के अनुसार, एसडीएम के निर्देश पर नगर परिषद ने 94 दुकानों का लेआउट तैयार किया था। इसमें दुकानों के बीच तीन मीटर की दूरी रखी गई थी। नगर परिषद के कर्मचारियों ने निर्धारित स्थानों पर दुकानों की नंबरिंग भी की थी, लेकिन व्यापारियों ने उन जगहों पर दुकानें नहीं लगाईं। बताया जा रहा है कि निर्धारित लेआउट के अनुसार दुकानें लगाने की तैयारी का व्यापारी संघ ने सामूहिक रूप से विरोध किया था।
इसके बाद नगर परिषद का तैयार किया गया लेआउट लागू नहीं हो सका। सूत्रों के अनुसार, कुछ जनप्रतिनिधि प्रशासन के सामने नियमों का पालन कराने की बात करते नजर आए, जबकि व्यापारियों के साथ भी खड़े दिखाई दिए। निरीक्षण में कलेक्टर और एसपी के सामने पटाखा बाजार की सुरक्षा व्यवस्था से जुड़ी कई कमियां आईं। अधिकारियों ने रोशनी, दमकल वाहन और पार्किंग जैसी व्यवस्थाओं को सुधारने के निर्देश दिए हैं। अब देखना होगा कि दीपावली पर बाजार में लोगों की आवाजाही से पहले सुरक्षा गाइडलाइन का कितना पालन सुनिश्चित कराया जाता है।
























