रिश्वत केस में अमानगंज नप अध्यक्ष सारिका खटीक को हाईकोर्ट से राहत, आपत्ति का निराकरण करने के निर्देश

जबलपुर। 30 हजार रुपए की रिश्वत लेते पकड़ी गईं पन्ना के अमानगंज नगर परिषद की अध्यक्ष सारिका खटीक की याचिका का हाईकोर्ट ने शुक्रवार को निराकरण कर दिया। चीफ जस्टिस अल्पेश यशवंत कोगजे और जस्टिस विवेक जैन की डिवीजन बेंच ने कहा है कि अभियोजन की मंजूरी से पहले राज्य सरकार के सक्षम अधिकारी अध्यक्ष की ओर से दी गई आपत्ति का निराकरण करें। बता दें कि सारिका खटीक दमोह जिले के हटा से भाजपा विधायक उमा खटीक की बेटी हैं।
बिल भुगतान के नाम पर ली थी रिश्वत
गौरतलब है कि अप्रैल 2024 में सारिका खटीक को सागर लोकायुक्त की टीम ने राघवेन्द्र राज मोदी से 30 हजार रुपए की रिश्वत लेते पकड़ा था। शिकायतकर्ता का दावा था कि 10 हजार रुपए की राशि पहले दी जा चुकी है। आरोप है कि यह राशि बिल भुगतान के नाम पर ली गई थी।
वहीं सारिका खटीक का दावा है कि उसके पति शारदा खटीक से 40 हजार रुपए की राशि राघवेन्द्र राज मोदी ने उधार ली थी। जिसे लौटाते वक्त लोकायुक्त की टीम ने रेड मारी थी। इस बारे में लोकायुक्त के डायरेक्टर जनरल और अन्य को आवेदन देने के बाद भी कोई कार्रवाई न होने पर यह याचिका दाखिल की गई।
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मामले पर शुक्रवार को हुई सुनवाई के दौरान याचिकाकर्ता की ओर से अधिवक्ता विवेक रंजन पाण्डेय और राज्य सरकार की ओर से उप महाधिवक्ता विवेक शर्मा हाजिर हुए।
कौन हैं सारिका खटीक
सारिका खटीक भाजपा की एक बड़ी नेता है। दमोह जिले के एक बड़े राजनीतिक परिवार की पृष्ठभूमि से आती हैं। शादी के पहले सारिका खटीक दमोह जिले से दो बार जिला पंचायत सदस्य भी रह चुकी हैं। उनकी शादी अमानगंज में शारदा खटीक से हुई। शादी के बाद वह पन्ना जिले से भाजपा में राजनीति में सक्रिय हो गईं और महिला मोर्चा पदों पर रही हैं। वर्तमान में अमानगंज नगर परिषद की अध्यक्ष भी हैं।




















