गांव की रफ्तार धीमी :IPL में 150+ से गेंदबाजी, भाई बोला- लोगों को घर बुलाने में शर्म आती

पिछले साल कोलकाता नाइट राइडर्स (KKR) में रहते हुए अशोक ने अपने जन्मदिन पर थार गाड़ी मांगी थी। यह एसयूवी अब गांव के बच्चों के लिए आकर्षण बन चुकी है।
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IPL में 150+ से गेंदबाजी, भाई बोला- लोगों को घर बुलाने में शर्म आती

स्पोर्ट्स डेस्क। अशोक शर्मा जो अपनी 150 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से IPL में बल्लेबाजों को परेशान कर रहे हैं, लेकिन उनकी असली जड़ें जिस गांव में हैं, वहां तक पहुंचने के लिए आज भी पक्की सड़क नहीं है। जयपुर से करीब 35 किलोमीटर दूर स्थित उनका गांव रामपुरा आज भी बुनियादी सुविधाओं की कमी से जूझ रहा है। लेकिन इस समस्याओं ने उनके क्रिकेट करियर पर कोई फर्क नहीं डाला है।

गांव की मुश्किलें- एक्सप्रेसवे के बाद भी टूटी राहें

दिल्ली- मुंबई एक्सप्रेसवे से उतरने के बाद गांव तक पहुंचने के लिए उबड़-खाबड़ रास्ता ही बचता है। जयपुर के पास बसे इस गांव के लोग आज भी बेहतर सड़क सुविधा का इंतजार कर रहे हैं। अशोक के बड़े भाई अक्षय शर्मा कहते हैं कि लोगों को गांव बुलाने में शर्म आती है क्योंकि रास्ते ही ठीक नहीं हैं। और फिर लोगों को इस कंडीशन में बुलाना अच्छा नहीं लगता।

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सादगी भरी जिंदगी: स्टार बनने के बाद भी गांव से जुड़ाव

इतनी बड़ी लीग का हिस्सा बनने के बावजूद अशोक शर्मा अपनी सादगी के लिए जाने जाते हैं। परिवार के अनुसार वे आज भी सुबह 5 बजे उठकर दौड़ लगाते हैं और सादा खाना उनकी दिनचर्या का हिस्सा है। वे अक्सर कहते हैं कि चाहे कुछ भी हो जाए, गांव नहीं छोड़ेंगे। उनकी फिटनेस रूटीन और डिसिप्लिन ने उन्हें तेज गेंदबाज के रूप में पहचान दिलाई है।

पिता का संघर्ष, बेटे का तोहफा

अशोक के पिता नाथूलाल शर्मा आज भी खेतों में काम करते हैं। वे साधारण जीवन जीते हैं और हाल ही में बेटे ने उन्हें इलेक्ट्रिक स्कूटर गिफ्ट किया। खेत से लौटते वक्त वे उसी स्कूटर का इस्तेमाल करते हैं। मां लाली देवी बताती हैं कि बचपन में अशोक बहुत शरारती थे और घर में खूब शैतानियां करते थे।

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थार गाड़ी से गांव के बच्चों का क्रेज

पिछले साल कोलकाता नाइट राइडर्स (KKR) में रहते हुए अशोक ने अपने जन्मदिन पर थार गाड़ी मांगी थी। यह एसयूवी अब गांव के बच्चों के लिए आकर्षण बन चुकी है। गांव की खराब सड़कों को देखते हुए यह गाड़ी परिवार के लिए एक सुविधाजनक विकल्प भी साबित हुई।

IPL में गुजरात टाइटंस ने दिया मौका

पिछले सीजन में गुजरात टाइटंस ने अशोक शर्मा को 90 लाख रुपये में खरीदा था और इस साल उन्होंने अपना डेब्यू किया। परिवार ने पहली बार उन्हें लाइव खेलते देखने के लिए 450 किलोमीटर दूर चंडीगढ़ की यात्रा की। बाद में अहमदाबाद में मैच देखने के लिए वे ट्रेन से 10 घंटे का सफर कर पहुंचे।

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फ्लाइट का सपना अब भी अधूरा

जब उनके पिता से पूछा गया कि क्या उन्होंने कभी फ्लाइट में सफर किया है, तो उन्होंने सादगी से नहीं कहा। यही कहानी इस परिवार की असली पहचान है. जहां एक बेटा देश के सबसे बड़े क्रिकेट मंच पर तेज गेंदबाजी कर रहा है, वहीं घर आज भी मूलभूत सुविधाओं का इंतजार कर रहा है।

Aakash Waghmare
By Aakash Waghmare

आकाश वाघमारे | MCU, भोपाल से स्नातक और फिर मास्टर्स | मल्टीमीडिया प्रोड्यूसर के तौर पर 3 वर्षों का क...Read More

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