सिर काटने की कोशिश में दंगे :ब्रिटेन- आयरलैंड में कई जगह आगजनी, लूटपाट, मस्क ने भी दी प्रतिक्रिया

आयरलैंड और ब्रिट्रेन अचनाक एक बार फिर नस्लीय मामले के विवादों में घिर गया है। आयरलैंड के बेलफास्ट में एक आयरिश व्यक्ति का सिर काटने की कोशिश की गई थी। जिसके विरोध में प्रदर्शन शुरू हुआ। लेकिन कुछ ही देर में सैकड़ों लोगों की संख्या में शुरू हुआ विरोध एंटी- इमिग्रेशन दंगों में बदल गया। दंगों के कारण ब्रिटेन और आयरलैंड में एक दर्जन से ज्यादा जगहों पर हिंसा, आगजनी और लूटपाट की कई घटना सामने आई है। बेलफास्ट और उसके आसपास के इलाकों में नकाबपोश भीड़ ने घरों में तोड़फोड़ की, कई दुकानों, बसों और गाड़ियों को निशाना बनाया।
कहां क्या- क्या हुआ
बेलफास्ट के न्यूटाउनार्ड्स पर एक साथ कई गाड़ियों में आगजनी की गई। शैंकिल में दो दुकानें लूटी गई, इतना ही नहीं एक अफ्रीकी प्रवासी की दुकान में भी आग लगाई गई। जबकि लंदन के पार्लियामेंट स्क्वायर व स्कॉटलैंड के ग्लासगो में भी प्रवासी विरोधी प्रदर्शन हुआ, इस बीच हिंसा की कई तस्वीरें सामने आई।
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कैसे शुरू हुई हिंसा
बता दें हिंसा की शुरुआत बेलफास्ट में एक चाकूबाजी की घटना के बाद हुई। यहां सूडान के हादी नामक शख्स का एक आयरिश व्यक्ति से झगड़ा हुआ। लेकिन बात इतनी बिगड़ गई कि हादी ने उसका चाकू से गला काटने की कोशिश की। जिससे आयरिश व्यक्ति को कई चोटें आई है और उसकी हालत नाजुक बनी है। चाकूबाजी की इस घटना का वीडियो भी सामने आया है। और फिर जैसे ही वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ प्रदर्शन ने हिंसक रूप ले लिया।
हिंसा से जुड़ी 5 बड़ी बातें
- हमलावर सूडानी शरणार्थी बताया गया है, जिसके पास 2028 तक का यूके रेजिडेंस परमिट था।
- बेलफास्ट और आसपास के इलाकों में कई घरों और गाड़ियों को आग के हवाले किया गया।
- कई प्रवासी परिवारों को सुरक्षा कारणों से घर छोड़ने पड़े।
- बेलफास्ट इस्लामिक सेंटर ने सुरक्षा कारणों से शाम की नमाज रोक दी।
- इलॉन मस्क ने सोशल मीडिया पर प्रदर्शन के समर्थन में टिप्पणी की, जिस पर राजनीतिक विवाद शुरू हो गया।
- दंगों में जलाए गए घर और दुकानें
कई संपत्तियों को नुकसान, पुलिस पर पेट्रोल बम फेंके
घटना के बाद सैकड़ों लोग सड़कों पर उतर आए। कई प्रदर्शनकारियों ने चेहरे ढक रखे थे। उन्होंने पुलिस पर पेट्रोल बम फेंके, सड़कों को जाम किया और कई संपत्तियों को नुकसान पहुंचाया। ब्रिटिश मीडिया की तस्वीरों में पुलिस और दमकलकर्मी जलते हुए मकानों से परिवारों को सुरक्षित बाहर निकालते दिखाई दिए।
स्थानीय नेताओं का कहना है कि हिंसा में अश्वेत और प्रवासी समुदाय के लोगों को विशेष रूप से निशाना बनाया गया। कुछ इलाकों में ‘विदेशियों को बाहर निकालो’ जैसे नारे भी लगाए गए।
प्रवासी बोले- हिंसा किसी समस्या का समाधान नहीं
बेलफास्ट में रहने वाले भारतीय मूल के इंजीनियर इमरान ने बताया कि शाम होते-होते हालात बेकाबू हो गए। पहले आगजनी शुरू हुई, फिर पेट्रोल बम फेंके गए और देखते ही देखते पूरी इमारत धुएं से भर गई। वहीं चिली की नागरिक कैमिला ने कहा कि लोगों का गुस्सा समझा जा सकता है, लेकिन हिंसा किसी समस्या का समाधान नहीं है।
दोनों देशों के नेताओं ने संयम बरतने की अपील की
उत्तरी आयरलैंड की प्रथम मंत्री मिशेल ओ नीलड़ी निंदा करते हुए कहा कि परिवारों को उनके घरों से निकालना और नस्लीय हमले करना किसी भी स्थिति में स्वीकार नहीं किया जा सकता। वहीं ब्रिटेन के प्रधानमंत्री कीर स्टार्मर ने शुरुआती हमले को घिनौना अपराध बताया।
मस्क ने प्रदर्शन का किया समर्थन
अमेरिकी अरबपति एलन मस्क डिया पर कहा कि लगातार और जोरदार विरोध से ही बदलाव संभव है। उनकी इस टिप्पणी के बाद विवाद और गहरा गया। कई नेताओं ने आरोप लगाया कि ऐसी टिप्पणियां माहौल को और भड़का सकती हैं। वहीं कुछ दक्षिणपंथी राजनीतिक समूहों ने इस घटना को ब्रिटेन की आप्रवासन नीति की विफलता बताया है।











