Rajyasabha Nomination :मीनाक्षी नटराजन का मामला सुप्रीम कोर्ट पहुंचा, क्या कांग्रेस के पक्ष में आएगा बड़ा फैसला? नाम वापसी का अंतिम दिन

भोपाल/नई दिल्ली। मध्य प्रदेश में राज्यसभा चुनाव को लेकर सियासी घमासान चरम पर पहुंच गया है। कांग्रेस उम्मीदवार मीनाक्षी नटराजन का नामांकन पत्र खारिज होने के बाद पार्टी अब कानूनी और राजनीतिक दोनों मोर्चों पर सक्रिय हो गई है। कांग्रेस को इस मामले में अब तक चुनाव आयोग से कोई राहत नहीं मिली है और न ही आयोग ने कोई अंतिम फैसला सुनाया है। ऐसे में पार्टी ने सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाने की तैयारी शुरू कर दी है।
रिटर्निंग ऑफिसर ने क्यों खारिज किया नामांकन
दरअसल, राज्यसभा चुनाव के लिए कांग्रेस ने वरिष्ठ नेता मीनाक्षी नटराजन को उम्मीदवार बनाया था, लेकिन 9 जून को नामांकन पत्रों की जांच के दौरान रिटर्निंग ऑफिसर अरविंद शर्मा ने उनका नामांकन खारिज कर दिया। इसके बाद कांग्रेस ने चुनाव आयोग से हस्तक्षेप की मांग की और पार्टी के शीर्ष नेताओं का एक प्रतिनिधिमंडल आयोग से मिला। हालांकि अब तक आयोग की ओर से कोई निर्णय सामने नहीं आया है।
भाजपा का आरोप- हाईकोर्ट से छिपाई जानकारी
भाजपा ने मीनाक्षी नटराजन के नामांकन पर आपत्ति दर्ज कराते हुए आरोप लगाया था कि उन्होंने अपने चुनावी हलफनामे (फॉर्म-26) में तेलंगाना की एक कोर्ट में लंबित मामले की जानकारी छिपाई है। भाजपा नेताओं का कहना था कि सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों के अनुसार उम्मीदवार को अपने खिलाफ लंबित सभी मामलों का उल्लेख करना अनिवार्य होता है। इसी आधार पर नामांकन रद्द करने की मांग की गई थी।
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क्या बोले मीनाक्षी के वकील
वहीं कांग्रेस ने इन आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि मीनाक्षी नटराजन के खिलाफ कोई आपराधिक मामला लंबित नहीं है। पार्टी की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता अभिषेक मनु सिंघवी ने चुनाव आयोग के समक्ष दलील दी कि तेलंगाना में केवल एक निजी शिकायत के आधार पर अदालत ने कारण बताओ नोटिस जारी किया था। अदालत ने न तो मामले में संज्ञान लिया है और न ही कोई आरोप तय किए गए हैं। इसलिए इसे लंबित आपराधिक मामला मानना गलत है और हलफनामे में इसका उल्लेख करना अनिवार्य नहीं था।
राज्यसभा चुनाव में नाम वापसी का आज अंतिम दिन
आज उम्मीदवारों के नाम वापस लेने का अंतिम दिन है। ऐसे में यदि सुप्रीम कोर्ट से तत्काल कोई राहत नहीं मिलती है तो मध्य प्रदेश की तीनों राज्यसभा सीटों पर चुनाव की जरूरत नहीं पड़ेगी और भाजपा के उम्मीदवार तरुण चुग, रजनीश अग्रवाल और महेश केवट निर्विरोध निर्वाचित घोषित कर दिए जाएंगे।
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भाजपा के तीन उम्मीदवारों की निर्विरोध जीत कंफर्म...
यदि कांग्रेस उम्मीदवार मीनाक्षी नटराजन को सुप्रीम कोर्ट या चुनाव आयोग से तत्काल राहत नहीं मिलती है, तो मध्य प्रदेश की तीनों राज्यसभा सीटों पर चुनाव नहीं होगा। नाम वापसी की प्रक्रिया पूरी होने के बाद भाजपा के तीनों उम्मीदवार निर्विरोध राज्यसभा सांसद निर्वाचित घोषित कर दिए जाएंगे। इनमें भाजपा के राष्ट्रीय महासचिव तरुण चुग, प्रदेश सचिव रजनीश अग्रवाल और मध्य प्रदेश मछुआ कल्याण बोर्ड के अध्यक्ष महेश केवट शामिल हैं। कांग्रेस उम्मीदवार का नामांकन रद्द होने के बाद इन तीनों नेताओं की जीत लगभग तय मानी जा रही है।
कांग्रेस ने दिल्ली में बुलाई बैठक
इस घटनाक्रम के बीच कांग्रेस ने दिल्ली स्थित अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी मुख्यालय में अहम बैठक भी बुलाई है। बैठक में कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे, विभिन्न राज्यों के प्रदेश अध्यक्ष और प्रभारी शामिल होंगे। इसमें मीनाक्षी नटराजन मामले की कानूनी रणनीति के साथ-साथ संगठनात्मक और राजनीतिक हालात पर भी चर्चा की जाएगी। कांग्रेस इस पूरे मामले को लोकतांत्रिक प्रक्रिया के साथ अन्याय बताते हुए अंतिम कानूनी लड़ाई लड़ने की तैयारी में जुटी हुई है।











