अफगानी पेसर शापूर की हालत नाजुक :HLH बिमारी से पीड़ित, दिल्ली में चल रहा इलाज, ज्यादा बोलने में आ रही दिक्कत...

स्पोर्ट्स डेस्क। अफगानिस्तान क्रिकेट टीम के पूर्व तेज गेंदबाज शापूर जादरान दिल्ली के एक अस्पताल में ICU में एडमिट हैं। वे इस समय सीरियस कंडीशन में है और जिंदगी- मौत के बीच जंग लड़ रहे हैं। उन्हें हेमोफैगोसाइटिक लिम्फोहिस्टियोसाइटोसिस (HLH) नाम की दुलर्भ बीमारी है। मीडिया खबरों के अनुसार फिलहाल उनकी बीमारी स्टेज- 4 में पहुंच चुकी।
ज्यादा बातचीत नहीं कर पा रहे
शापूर इस साल जुलाई में 40 साल के हो जाएंगे। वे जनवरी 2026 में इलाज के लिए भारत आए थे। जब उनका इलाज स्टार्टिंग फेज में था तब उनकी हेल्थ में सुधार दिख रहा था। लेकिन बाद में उनकी परेशानी बढ़ गई। वहीं इस समय वे बोल नहीं पा रहे हैं और अधिकतर समय सो रहे हैं। जिससे उनकी हेल्थ में असर पड़ रहा है। हालांकि उनका इलाज जारी है और डॉक्टर्स की ओर से अभी कोई जानकारी सामने नहीं आई है।
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साल 2009 में इंटरनेशनल डेब्यू
शापूर जादरान ने अपना इंटरनेशनल डेब्यू 2009 में किया था। उन्होंने अफगानिस्तान के लिए 80 इंटरनेशनल मैच खेले हैं। जिनमें 44 वन- डे मैच और 36 टी- 20 मुकाबले शामिल है। उन्हें पिछले साल पहली बार तबीयत खराब होने की कंप्लेंट थी। अफगानिस्तान के डॉक्टर्स से हेल्थ चेकअप के बाद उन्हें सलाह मिली कि वे भारत में अपना इलाज करवाएं।
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वीजा की मदद के लिए आगे आए राशिद
अफगानिस्तान टीम के कप्तान राशिद खान ने शापूर को इस समय हो रही वीजा दिक्कत में मदद की है। जिसके बाद उनका वीजा मंजूर हो गया है इसके अलावा ACB चैयरमेन मिरवाइस अशरफ ने भी BCCI से संपर्क किया। राशिद ने आईपीएल और अन्य लीग से शापूर की हेल्थ समस्या को लेकर मदद मांगी है।
दिमाग तक पहुंचा इंफेक्शन
परिवार के अनुसार, शुरुआत में उनके पूरे शरीर में गंभीर संक्रमण था, जिसमें टीबी भी शामिल थी। MRI और CT स्कैन से पता चला कि संक्रमण दिमाग तक फैल चुका है। डॉक्टरों के इलाज के बाद उनकी स्थिति कुछ समय के लिए स्थिर हुई, जिसके बाद उन्हें अस्पताल से छुट्टी देकर होटल में रहने की अनुमति दी गई।
रेड ब्लड सेल काउंट गिरी
हालांकि राहत ज्यादा समय तक नहीं रही। करीब 20 दिन बाद संक्रमण दोबारा बढ़ गया, जिसके चलते उन्हें फिर अस्पताल में भर्ती करना पड़ा। इसी दौरान उन्हें डेंगू भी हो गया, जिससे उनकी हालत और ज्यादा खराब हो गई। उनकी रेड ब्लड सेल काउंट काफी गिर गई और शरीर की इम्यूनिटी बेहद कमजोर हो गई।
बोन मैरो टेस्ट में गंभीर बीमारी का खुलासा
करीब 26 मार्च को रमजान के दौरान उनका बोन मैरो टेस्ट किया गया। जांच में सामने आया कि वे HLH (हीमोफैगोसाइटिक लिम्फोहिस्टियोसाइटोसिस) के स्टेज चार में हैं, जो एक गंभीर और दुर्लभ बीमारी मानी जाती है। इसके बाद उनका इलाज और ज्यादा सतर्कता के साथ किया जा रहा है।
क्रिकेट जगत से मिल रहा समर्थन
इस मुश्किल समय में अफगानिस्तान क्रिकेट समुदाय पूरी तरह उनके साथ खड़ा है। स्पिनर एएम गजनफर, कप्तान हश्मतुल्लाह शाहिदी और अफगान क्रिकेट बोर्ड के चेयरमैन मिरवाइस अशरफ सहित कई लोगों ने उनका हालचाल लिया है।
क्रिकेटर्स से लेकर पूर्व राष्ट्रपति चिंतित
पाकिस्तान के पूर्व क्रिकेटर शाहिद अफरीदी ने भी फोन कर उनकी सेहत की जानकारी ली। वहीं, अफगानिस्तान के पूर्व राष्ट्रपति हामिद करजई भी उनसे मिलने या बातचीत करने वाले हैं।











