अमेरिकी हमलों के बाद ईरान का पलटवार :बहरीन-कुवैत में धमाके, दुनिया पर मंडराया तेल संकट

पश्चिम एशिया एक बार फिर बड़े सैन्य संकट की ओर बढ़ता दिख रहा है। अमेरिका और ईरान के बीच जारी तनाव अब सीधे सैन्य हमलों और जवाबी कार्रवाई में बदल चुका है। अमेरिकी हवाई हमलों के बाद ईरान ने दावा किया है कि, उसने बहरीन, कुवैत और जॉर्डन में मौजूद अमेरिकी सैन्य ठिकानों पर हमला किया है। साथ ही ईरान की इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) ने होर्मुज स्ट्रेट को अगले आदेश तक बंद करने का ऐलान कर दिया है।
युद्ध की आहट, खाड़ी देशों तक फैला टकराव
अमेरिका और ईरान के बीच संघर्ष अब केवल दो देशों तक सीमित नहीं रहा। बहरीन, कुवैत और जॉर्डन जैसे खाड़ी देशों में अमेरिकी सैन्य ठिकानों को निशाना बनाए जाने के दावों ने पूरे क्षेत्र में चिंता बढ़ा दी है। ईरानी सरकारी मीडिया और IRGC के अनुसार, कुवैत के अली अल-सलेम एयर बेस और अहमद अल-जाबेर एयर बेस पर ड्रोन हमले किए गए। वहीं बहरीन के शेख ईसा एयर बेस को भी निशाना बनाया गया। ईरान का दावा है कि, यह कार्रवाई अमेरिका द्वारा ईरान के अंदर किए गए नए हवाई हमलों के जवाब में की गई।
ईरान का दावा- 18 अमेरिकी ठिकानों पर हमला
IRGC ने बयान जारी कर कहा कि, उसकी एयरोस्पेस फोर्स और नौसेना ने दो चरणों में जवाबी कार्रवाई करते हुए 18 अमेरिकी सैन्य ठिकानों को निशाना बनाया। इनमें बहरीन में अमेरिकी फिफ्थ फ्लीट से जुड़े रडार और पैट्रियट एयर डिफेंस सिस्टम के कम्युनिकेशन एंटीना भी शामिल बताए गए हैं। ईरानी मीडिया के मुताबिक, जॉर्डन के अल-अजराक एयर बेस और मुवाफ्फाक सल्ती एयर बेस के आसपास भी जोरदार विस्फोटों की आवाजें सुनी गईं। हालांकि जॉर्डन ने कहा है कि, उसने ईरान से दागी गई पांच मिसाइलों को हवा में ही मार गिराया।
बहरीन और कुवैत में हाई अलर्ट
तनाव बढ़ने के बाद बहरीन के गृह मंत्रालय ने नागरिकों और विदेशी निवासियों से तुरंत सुरक्षित स्थानों पर जाने की अपील की। एयर रेड सायरन बजाए गए और लोगों से सुरक्षा एजेंसियों के निर्देशों का पालन करने को कहा गया। कुवैत ने भी मिसाइल और ड्रोन हमलों की पुष्टि करते हुए कहा कि उसकी सेना जवाबी कार्रवाई कर रही है और सभी सुरक्षा एजेंसियां हाई अलर्ट पर हैं।
अमेरिका का ईरान पर हमला
अमेरिकी सेंट्रल कमांड (CENTCOM) ने पुष्टि की है कि, राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के निर्देश पर ईरान के अंदर कई सैन्य ठिकानों पर हमले किए गए। अमेरिकी सेना का कहना है कि इन हमलों का लक्ष्य ईरान के एयर डिफेंस सिस्टम, निगरानी नेटवर्क और कम्युनिकेशन सिस्टम थे। ईरानी मीडिया के अनुसार, केशम द्वीप, बंदर अब्बास, मीनाब, सीरिक और करगान जैसे इलाकों में जोरदार धमाके हुए। दक्षिणी शहर करगान में कुछ लोगों के घायल होने की भी खबर है।
होर्मुज स्ट्रेट बंद, दुनिया की तेल सप्लाई पर असर
सबसे बड़ा असर ईरान के उस ऐलान से पड़ा है जिसमें उसने स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को पूरी तरह बंद करने की बात कही। यह वही समुद्री रास्ता है जहां से दुनिया की बड़ी मात्रा में तेल सप्लाई गुजरती है। IRGC ने चेतावनी दी कि, इस मार्ग से गुजरने वाले जहाजों के खिलाफ कार्रवाई की जा सकती है। ईरान ने दावा किया कि, उसने होर्मुज से गुजरने की कोशिश कर रहे दो तेल टैंकरों को भी निशाना बनाया। ईरान के इस ऐलान के बाद अंतरराष्ट्रीय तेल बाजार में हलचल मच गई। ब्रेंट क्रूड की कीमत 2.5% बढ़कर 95.40 डॉलर प्रति बैरल तक पहुंच गई, जबकि अमेरिकी WTI क्रूड 92.63 डॉलर प्रति बैरल पर कारोबार करता दिखा।
अमेरिकी हेलीकॉप्टर और ड्रोन अटैक का भी दावा
ईरान ने दावा किया है कि उसने होर्मुज स्ट्रेट के ऊपर एक अमेरिकी अपाचे हेलीकॉप्टर मार गिराया था। इसके अलावा ईरानी मीडिया ने दक्षिणी ईरान में एक अमेरिकी MQ-9 रीपर ड्रोन को गिराने का भी दावा किया है। हालांकि अमेरिका ने इन दावों की आधिकारिक पुष्टि नहीं की है।
ट्रंप बनाम पेजेशकियन
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान पर परमाणु समझौते की बातचीत को जानबूझकर लंबा खींचने का आरोप लगाया। उन्होंने चेतावनी दी कि, अगर समझौता नहीं हुआ तो अमेरिका बहुत कड़ा प्रहार करेगा।
वहीं ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियन ने जवाब देते हुए कहा कि, ईरान किसी भी दबाव या धमकी के सामने नहीं झुकेगा और अपनी संप्रभुता की रक्षा के लिए हर कदम उठाएगा।
रूस ने अमेरिका और ईरान दोनों से संयम बरतने और सैन्य कार्रवाई रोककर कूटनीति का रास्ता अपनाने की अपील की है। वहीं कतर ने तनाव कम करने के प्रयासों के तहत अपना प्रतिनिधिमंडल तेहरान भेजा है।
पिछले 24 घंटे की बड़ी घटनाएं
- अमेरिका ने ईरान के कई सैन्य ठिकानों पर बड़े पैमाने पर हवाई हमले किए।
- ईरान ने बहरीन, कुवैत और जॉर्डन में अमेरिकी ठिकानों पर हमले का दावा किया।
- होर्मुज स्ट्रेट बंद करने का ऐलान किया गया।
- जॉर्डन ने पांच ईरानी मिसाइलों को इंटरसेप्ट करने का दावा किया।
- तेल की कीमतों में 2% से ज्यादा की तेजी दर्ज हुई।
क्या है होर्मुज स्ट्रेट की अहमियत?
होर्मुज स्ट्रेट फारस की खाड़ी और अरब सागर को जोड़ने वाला संकरा समुद्री मार्ग है। दुनिया के कुल समुद्री तेल व्यापार का बड़ा हिस्सा इसी रास्ते से गुजरता है। यदि यह मार्ग लंबे समय तक बंद रहता है तो वैश्विक तेल सप्लाई, शिपिंग और अर्थव्यवस्था पर बड़ा असर पड़ सकता है।











