सिवनी हवाला कांड : SIT ने बालाघाट एसडीओपी पूजा पांडे समेत चार को किया गिरफ्तार

मप्र के चर्चित हवाला कांड के में SIT जबलपुर ने बड़ी कार्रवाई की है। बालाघाट एसडीओपीपूजा पांडे समेत चार लोगों को गिरफ्तार किया गया है। इस केस में अब तक 15 लोगों को आरोपी बनाया गया है। 
 SIT ने बालाघाट एसडीओपी पूजा पांडे समेत चार को किया गिरफ्तार
AI जनरेटेड सारांश
    यह सारांश आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस द्वारा तैयार किया गया है और हमारी टीम द्वारा रिव्यू की गई है।

    सिवनी। 2.96 करोड़ रुपए के चर्चित सिवनी हवाला कांड में SIT जबलपुर ने मंगलवार को चार और आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया। कोर्ट ने चारों को 20 नवंबर तक पुलिस रिमांड पर भेज दिया है। इसके साथ ही इस प्रकरण में कुल 15 आरोपी बनाए जा चुके हैं। मुख्य आरोपी सिवनी एसडीओपी पूजा पांडे रीवा जेल में बंद हैं, जबकि अन्य गिरफ्तार पुलिसकर्मियों को नरसिंहपुर सेंट्रल जेल में रखा गया है। इससे पूर्व एसआईटी ने कुल 11 आरोपियों सीएसपी पूजा पांडे, एसआई अर्पित भैरम, माखन इवनाती, जगदीश यादव, योगेंद्र चौरसिया, केदार बघेल, सुभाष सदाफल, नीरज राजपूत, रविंद्र, रितेश और प्रधान आरक्षक राजेश जंघेला को गिरफ्तार किया था।

    पुलिसकर्मियों ने आपस में बांट लिए थे 1.45 करोड़ रुपए

    यह मामला 8 व 9 अक्टूबर 2025 को तब सामने आया जब हवाला कारोबार से जुड़े 2.96 करोड़ रुपए की जब्ती के दौरान खुलासा हुआ कि पुलिसकर्मियों ने इसमें से करीब 1.45 करोड़ रुपए आपस में बांट लिए थे। मामले की गंभीरता को देखते हुए एसडीओपी सहित 11 पुलिसकर्मियों को निलंबित कर गिरफ्तार किया गया था। इस प्रकरण में एसआईटी जबलपुर जांच में लगी हुई है।

    न्यायिक हिरासत में एसडीओपी और 11 पुलिसकर्मी

    इस प्रकरण में एसडीओपी पूजा पांडे, एसआई अर्पित भैरम सहित अन्य 9 पुलिस कर्मियों की न्यायिक हिरासत 26 नवंबर तक न्यायालय ने बढ़ा दी है। एसडीओपी पूजा पांडे व उसके ड्राइवर रितेश वर्मा ने हाईकोई में जमानत याचिका लगाई है। जानकारी के अनुसार एसडीओपी पूजा पांडे सेंट्रल जेल रीवा तथा शेष 10 पुलिस कर्मी नरसिंहपुर सेंट्रल जेल में बंद है। न्यायालय ने सभी 11 पुलिसकर्मियों को 14 दिनों की न्यायिक रिमांड में जेल भेजा था।

    सब षड्यंत्र रचने में शामिल रहे

    इस बारे में क्राइम ब्रांच जबलपुर के एएसपी जितेंद्र सिंह का कहना है कि गिरफ्तार आरोपियों में बालाघाट हॉक फोर्स में पदस्थ एसडीओपी पंकज मिश्रा, आरक्षक प्रमोद सोनी, हवाला कारोबारी पंजू गिरी गोस्वामी (जबलपुर) और पहले से गिरफ्तार मुख्य आरोपी एसडीओपी पूजा पांडे के जीजा वीरेन्द्र दीक्षित (जबलपुर) शामिल हैं। जांच में सभी की भूमिका इस अपराध में षड्यंत्रकर्ता के रूप में पाई गई है।

    Naresh Bhagoria
    By Naresh Bhagoria

    नरेश भगोरिया। 27 वर्षों से पत्रकारिता में सक्रिय हूं। माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता विश्ववि...Read More

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