PU Special :इंदौर के सिरपुर वेटलैंड के 165 हेक्टेयर क्षेत्र में अब कड़े होंगे नियम, 50 मीटर दायरे में पक्के निर्माण पर रोक

इंदौर के सिरपुर तालाब को ‘आर्द्रभूमि (संरक्षण एवं प्रबंध) नियम, 2017’ के तहत अधिसूचित करने के लिए राज्य सरकार ने ड्राफ्ट जारी किया है। 165 हेक्टेयर क्षेत्र वाले वेटलैंड और 24.642 हेक्टेयर प्रभाव क्षेत्र पर दावे-आपत्तियां आमंत्रित की गई हैं। अधिसूचना के बाद सिरपुर प्रदेश का पहला विधिवत अधिसूचित वेटलैंड होगा।
इंदौर के सिरपुर वेटलैंड के 165 हेक्टेयर क्षेत्र में अब कड़े होंगे नियम, 50 मीटर दायरे में पक्के निर्माण पर रोक
फाइल फोटो

संतोष चौधरी, भोपाल। इंदौर शहर के प्राकृतिक पर्यावरण और जैव विविधता को सहेजने की दिशा में राज्य सरकार ने एक ऐतिहासिक कदम उठाया है। राज्य सरकार ने 'आर्द्रभूमि (संरक्षण एवं प्रबंध) नियम, 2017' के तहत इंदौर के प्रसिद्ध सिरपुर तालाब (वेटलैंड) को अधिसूचित करने के लिए ड्राफ्ट जारी कर दिया है। इसके साथ ही आम जनता और संबंधित पक्षों से 60 दिनों में दावे-आपत्तियां आमंत्रित की गई हैं। अधिसूचना लागू होने के बाद सिरपुर मध्य प्रदेश का पहला ऐसा वेटलैंड बन जाएगा, जो पूरी तरह से विधिवत अधिसूचित  होगा।

पर्यावरण संरक्षण की दृष्टि से क्षेत्र संवेदनशील 

जारी ड्राफ्ट के अनुसार सिरपुर वेटलैंड इंदौर नगर निगम के वार्ड क्रमांक 1, 79, 84 और 85 के तहत 165 हेक्टेयर क्षेत्र में फैला हुआ है। इसके अलावा, इसके आसपास 24.642 हेक्टेयर क्षेत्र को 'प्रभाव क्षेत्र' के रूप में चिह्नित किया गया है, जो मुख्य रूप से वार्ड 79 और 85 में आता है। यह संपूर्ण इलाका स्थानीय पारिस्थितिकी संतुलन, जीव-जंतुओं और पर्यावरण संरक्षण की दृष्टि से बेहद संवेदनशील है।

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प्रतिबंधित और नियंत्रित गतिविधियां 

अधिसूचना लागू होते ही इस पूरे क्षेत्र में गैर-आर्द्रभूमि उपयोग के लिए भूमि परिवर्तन, नए उद्योगों की स्थापना या विस्तार, ठोस अपशिष्ट डंपिंग, अनुपचारित सीवेज बहाने, प्राकृतिक जल निकासी में बाधा और खनन जैसी गतिविधियों पर पूर्ण प्रतिबंध रहेगा। इसके अलावा, फुल टैंक लेवल  और वेटलैंड की सीमा से 50 मीटर तक के दायरे में किसी भी प्रकार के पक्के या नए निर्माण कार्य पर पूरी तरह रोक रहेगी। निर्माण एवं विध्वंस अपशिष्ट का निपटान भी सख्त नियंत्रण में होगा। नाव घाटों का निर्माण, जल-क्रीड़ा, पर्यटन और किसी भी प्रकार की अस्थाई संरचनाओं के लिए मध्य प्रदेश राज्य वेटलैंड प्राधिकरण या राज्य सरकार की पूर्व अनुमति अनिवार्य होगी।

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सिरपुर पहला वेटलैंड जो अधिसूचित होगा 

पर्यावरण मामलों के अधिवक्ता हर्षवर्धन तिवारी का कहना है कि सिरपुर 2010 और 2019 में वेटलैंड की सूची में डाला गया था। 2022 में इसे रामसर साइट घोषित किया गया था। प्रदेश में अभी किसी भी वेटलैंड को अधिसूचित नहीं किया गया है। सिरपुर प्रदेश का पहला वेटलैंड होगा, जिसे अधिसूचित किया जा रहा है। अभी भोपाल सहित सभी वेटलेंड आदेश के तहत सूचित है। नोटिफिकेशन पहली बार हो रहा है। 

सरकार ने कड़े नियम  लागू कर अच्छी  पहल  की

इस बारे में भोपाल के एनजीटी एक्टिविस्ट राशिद नूर ने कहा कि गतिविधियों के संचालन पर रोक के लिए हमने एनजीटी में याचिका दायर की है। सरकार ने कड़े नियम लागू कर एक अच्छी पहल की है।

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By Naresh Bhagoria

नरेश भगोरिया। 27 वर्षों से पत्रकारिता में सक्रिय हूं। माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता विश्ववि...Read More

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