सिद्धू मूसेवाला हत्याकांड में बड़ा खुलासा:हथियार सप्लायर शकील अंसारी गिरफ्तार, लॉरेंस-गोदारा गैंग पर कसा शिकंजा

श्रीगंगानगर। पंजाबी सिंगर सिद्धू मूसेवाला की हत्या से जुड़े मामले में पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। राजस्थान के श्रीगंगानगर पुलिस ने गैंगस्टर शकील अंसारी उर्फ आदिल को गिरफ्तार किया है। पुलिस के अनुसार, शकील वही आरोपी है जिसने सिद्धू मूसेवाला की हत्या में इस्तेमाल किए गए हथियारों की सप्लाई में अहम भूमिका निभाई थी। शकील अंसारी को रोहित गोदारा गैंग का सक्रिय सदस्य और शार्पशूटर बताया जा रहा है। उसकी गिरफ्तारी को गैंग के खिलाफ बड़ी कार्रवाई माना जा रहा है।
हत्या में इस्तेमाल हुई थीं जिगाना और ग्लॉक पिस्टल
पुलिस जांच में सामने आया है कि सिद्धू मूसेवाला की हत्या में जिन जिगाना और ग्लॉक पिस्टलों का इस्तेमाल किया गया था, उन्हें उपलब्ध कराने में शकील अंसारी की महत्वपूर्ण भूमिका थी। बताया जा रहा है कि वह लंबे समय से गैंग के लिए हथियारों की सप्लाई और नेटवर्क संभालने का काम कर रहा था। उसकी गिरफ्तारी से पुलिस को गैंग के हथियार तस्करी नेटवर्क के बारे में अहम जानकारियां मिलने की उम्मीद है।
पुलिस मुठभेड़ के बाद किया गिरफ्तार
शकील अंसारी को हाल ही में हुई एक पुलिस मुठभेड़ के मामले में केंद्रीय जेल से प्रोडक्शन वारंट पर गिरफ्तार किया गया। 10 और 11 जून की रात श्रीगंगानगर के सदर थाना क्षेत्र में पुलिस और बदमाशों के बीच मुठभेड़ हुई थी। पुलिस के मुताबिक, शकील ने पुलिस टीम पर सीधी फायरिंग की थी। जवाबी कार्रवाई में पुलिस ने भी गोली चलाई, जिसमें शकील के पैर में गोली लग गई थी।
घायल होने के बाद उसे अस्पताल में भर्ती कराया गया था। इलाज पूरा होने के बाद अदालत के आदेश पर उसे न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया था।
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कई राज्यों में दर्ज हैं गंभीर आपराधिक मामले
26 वर्षीय शकील अंसारी पंजाब के लुधियाना जिले के ढांढा खुर्द इलाके का रहने वाला है। पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार उसके खिलाफ पंजाब, दिल्ली, हरियाणा और राजस्थान सहित कई राज्यों में हत्या के प्रयास, लूट, अवैध हथियार रखने और अन्य गंभीर अपराधों के मामले दर्ज हैं। पुलिस का कहना है कि वह एक आदतन अपराधी है और लंबे समय से गैंगस्टर गतिविधियों में शामिल रहा है।
रिमांड पर लेकर होगी गहन पूछताछ
मुठभेड़ के बाद सदर थाना प्रभारी की शिकायत पर शकील के खिलाफ पुलिस पर जानलेवा हमला और आर्म्स एक्ट के तहत मामला दर्ज किया गया था। इस हाई-प्रोफाइल मामले की जांच अब जवाहरनगर थाना पुलिस कर रही है। पुलिस ने कानूनी प्रक्रिया पूरी करने के बाद आरोपी को दोबारा अपनी हिरासत में लिया है।
अब उसे अदालत में पेश कर पुलिस रिमांड मांगी जाएगी। पूछताछ के दौरान पुलिस गैंग के हथियार नेटवर्क, फंडिंग सिस्टम, अन्य शूटरों और भविष्य में होने वाली संभावित वारदातों के बारे में जानकारी जुटाने की कोशिश करेगी।
अब अलग-अलग हो चुके हैं लॉरेंस बिश्नोई और रोहित गोदारा
सिद्धू मूसेवाला हत्याकांड के लॉरेंस बिश्नोई और रोहित एक ही गैंग नेटवर्क का हिस्सा माने जाते थे। उस समय रोहित गोदारा, कनाडा में बैठे गैंगस्टर गोल्डी बराड़ के साथ मिलकर काम करता था और दोनों को लॉरेंस बिश्नोई गैंग से जुड़ा माना जाता था।
हालांकि सुरक्षा एजेंसियों की रिपोर्ट के अनुसार अब इस नेटवर्क में दरार आ चुकी है। वर्चस्व की लड़ाई और फिरौती की रकम के बंटवारे को लेकर दोनों पक्ष अलग हो गए हैं। बताया जा रहा है कि रोहित गोदारा और गोल्डी बराड़ ने राजस्थान और हरियाणा में अपना अलग नेटवर्क तैयार कर लिया है, जबकि लॉरेंस बिश्नोई का गैंग अलग तरीके से काम कर रहा है।
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NIA का एक और बड़ा एक्शन
दूसरी तरफ राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) ने भी लॉरेंस गैंग के खिलाफ बड़ी कार्रवाई की है। रिपोर्ट्स के अनुसार, NIA ने गैंग से जुड़े वांछित अपराधी विशाल पचार उर्फ एलेक्स को अदालत से सार्वजनिक भगोड़ा घोषित करवाया है। इसके बाद एनआईए की टीम ने श्रीगंगानगर में उसके घर और कई सार्वजनिक स्थानों पर पोस्टर चिपकाकर लोगों को उसकी जानकारी देने की अपील की। साथ ही उसके घर के बाहर ढोल बजवाकर उसे भगोड़ा घोषित किए जाने की सूचना भी सार्वजनिक रूप से दी गई।
पाकिस्तान के तस्करों से संपर्क का आरोप
जांच एजेंसियों के अनुसार विशाल पचार पर गंभीर आरोप हैं। बताया जा रहा है कि वह पाकिस्तान में बैठे तस्करों से सीधे संपर्क में था। उस पर आरोप है कि वह ड्रोन और अन्य माध्यमों से सीमा पार से भेजे जाने वाले हथियार और नशीले पदार्थों की खेप को भारत में रिसीव करवाता था और फिर उन्हें गैंग के सदस्यों तक पहुंचाता था। जानकारी के मुताबिक वह साल 2024 में नेपाल के रास्ते विदेश फरार हो गया था।
11 केस दर्ज, इंटरपोल की मदद ले रही एजेंसियां
विशाल पचार के खिलाफ राजस्थान और पंजाब में फिरौती, धमकी और अन्य अपराधों के कुल 11 मामले दर्ज हैं। श्रीगंगानगर पुलिस ने उस पर 25 हजार रुपये का इनाम घोषित किया है। वहीं उसकी गिरफ्तारी के लिए इंटरपोल की मदद भी ली जा रही है। एजेंसियों ने उसके खिलाफ रेड कॉर्नर नोटिस और लुकआउट नोटिस जारी करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है।
गैंगस्टर्स में बढ़ी बेचैनी
शकील अंसारी की गिरफ्तारी और विशाल पचार के खिलाफ एनआईए की कार्रवाई को सुरक्षा एजेंसियां बड़ी सफलता मान रही हैं। माना जा रहा है कि इन दोनों कार्रवाइयों से लॉरेंस बिश्नोई और रोहित गोदारा से जुड़े नेटवर्क पर दबाव बढ़ेगा। साथ ही अन्य गैंगस्टरों में भी हड़कंप मच गया है, क्योंकि पुलिस और केंद्रीय एजेंसियां अब इन संगठित अपराध नेटवर्क पर लगातार कार्रवाई कर रही हैं।











