NEET परीक्षा देने जेल से पहुंचा कैदी!हथकड़ी लगाए कैदी को सेंटर पर देख लोग हैरान, सीतामढ़ी से आया अनोखा मामला

बिहार के सीतामढ़ी जिले में आयोजित NEET परीक्षा के दौरान एक ऐसा दृश्य देखने को मिला, जिसने हर किसी का ध्यान अपनी ओर खींच लिया। परीक्षा केंद्र पर हजारों छात्रों के बीच एक युवक हथकड़ी लगाए पुलिसकर्मियों के साथ परीक्षा देने पहुंचा। उसे देखकर परीक्षार्थी, अभिभावक और स्थानीय लोग हैरान रह गए। कुछ देर के लिए परीक्षा केंद्र के बाहर इसी घटना की चर्चा होने लगी। जानकारी के अनुसार यह युवक सीतामढ़ी मंडल कारा में बंद एक कैदी है, जिसे अदालत की अनुमति मिलने के बाद NEET परीक्षा देने के लिए परीक्षा केंद्र लाया गया था।
15 दिनों से जेल में बंद है अफजद अंसारी
पुलिस के मुताबिक परीक्षा देने वाले युवक की पहचान अफजद अंसारी के रूप में हुई है। वह कंहौली थाना क्षेत्र के बगहा गांव का रहने वाला है और मंसूर अंसारी का पुत्र है। बताया जा रहा है कि अफजद अंसारी एक मारपीट के मामले में पिछले करीब 15 दिनों से सीतामढ़ी जेल में बंद है। हालांकि जेल जाने से पहले उसने मेडिकल प्रवेश परीक्षा NEET के लिए आवेदन किया था। उसकी तैयारी भी चल रही थी और परीक्षा केंद्र पहले से निर्धारित था।
इस बीच मामला न्यायालय में पहुंचा और परीक्षा की तारीख भी नजदीक आ गई। ऐसे में अफजद ने परीक्षा में शामिल होने की अनुमति मांगी।

कोर्ट ने दी परीक्षा देने की इजाजत
मामले की सुनवाई के दौरान न्यायालय ने अफजद अंसारी को NEET परीक्षा में शामिल होने की अनुमति दे दी। अदालत के आदेश के बाद जिला प्रशासन और पुलिस विभाग ने आवश्यक तैयारियां शुरू कीं। परीक्षा के दिन अफजद को कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच जेल से बाहर लाया गया। उसके साथ पुलिसकर्मियों की एक टीम मौजूद रही, ताकि किसी तरह की सुरक्षा संबंधी समस्या न हो। इसके बाद उसे डुमरा स्थित कमला गर्ल्स स्कूल में बनाए गए परीक्षा केंद्र तक पहुंचाया गया।
पुलिस सुरक्षा में पहुंचा परीक्षा केंद्र
जब अन्य छात्र अपने अभिभावकों के साथ परीक्षा केंद्र पहुंच रहे थे, उसी दौरान पुलिस वाहन से अफजद अंसारी को भी सेंटर लाया गया। उसके हाथों में हथकड़ी लगी हुई थी और चारों तरफ पुलिसकर्मी मौजूद थे। परीक्षा केंद्र पर पहुंचने के बाद अधिकारियों ने उसकी पहचान और अन्य जरूरी दस्तावेजों की जांच की। सभी औपचारिकताएं पूरी होने के बाद उसे परीक्षा हॉल में बैठने की अनुमति दे दी गई।
लोगों के बीच चर्चा का विषय बना मामला
परीक्षा केंद्र पर हथकड़ी लगाए एक कैदी को देखकर वहां मौजूद कई लोग हैरान रह गए। कुछ लोगों ने पहली बार ऐसा दृश्य देखा था, इसलिए यह घटना चर्चा का विषय बन गई। परीक्षार्थियों और अभिभावकों के बीच भी इस मामले को लेकर बातचीत होती रही। कई लोगों का कहना था कि शिक्षा का अधिकार सभी को मिलना चाहिए और यदि कोई छात्र जेल में बंद है, तब भी उसे अपनी पढ़ाई और भविष्य बनाने का अवसर मिलना चाहिए।
DSP ने क्या कहा?
इस पूरे मामले पर सीतामढ़ी के DSP राजीव कुमार सिंह ने बताया कि अफजद अंसारी मारपीट के एक मामले में जेल में बंद है। उसने NEET परीक्षा के लिए पहले से आवेदन किया हुआ था। DSP के अनुसार न्यायालय के आदेश के बाद उसे परीक्षा में शामिल होने की अनुमति दी गई। अदालत के निर्देशों का पालन करते हुए पुलिस सुरक्षा में उसे जेल से परीक्षा केंद्र लाया गया और परीक्षा समाप्त होने के बाद वापस जेल भेज दिया गया। उन्होंने कहा कि पूरी प्रक्रिया कानून और न्यायालय के आदेश के अनुसार की गई है।
शिक्षा के अधिकार की मिसाल बना मामला
सीतामढ़ी का यह मामला अब इलाके में चर्चा का विषय बना हुआ है। एक तरफ युवक जेल में बंद है, वहीं दूसरी तरफ उसने अपने भविष्य को बेहतर बनाने के लिए मेडिकल प्रवेश परीक्षा में शामिल होने का प्रयास किया। NEET परीक्षा के दौरान हथकड़ी लगाए कैदी का परीक्षा केंद्र पहुंचना निश्चित रूप से एक असामान्य और चर्चा में रहने वाला मामला बन गया है।











