'हिजाब नहीं उतारूंगी...'!NEET सेंटर पर मचा बवाल! हिजाब की वजह से रोकी गई छात्रा, बाद में मिली एंट्री

अजमेर। देशभर में आयोजित हो रहे NEET UG 2026 री-एग्जाम के बीच राजस्थान के अजमेर से एक मामला सामने आया है, जिसने परीक्षा केंद्रों पर लागू नियमों और धार्मिक पहचान को लेकर बहस छेड़ दी है। अजमेर के एक परीक्षा केंद्र पर हिजाब और बुर्का पहनकर पहुंची छात्रा को शुरुआत में प्रवेश देने से रोक दिया गया। इसके बाद छात्रा, उसके परिजनों और अधिकारियों के बीच काफी देर तक बातचीत और बहस हुई।
ब्यावर से परीक्षा देने पहुंची थी छात्रा कुलसुम
जानकारी के अनुसार, ब्यावर जिले की रहने वाली कुलसुम NEET UG 2026 की दोबारा आयोजित परीक्षा देने के लिए अजमेर के सावित्री क्षेत्र स्थित राजकीय बालिका उच्च माध्यमिक विद्यालय परीक्षा केंद्र पहुंची थी। परीक्षा केंद्र पर पहुंचते समय वह बुर्का और हिजाब पहने हुए थी।
जब वह केंद्र के मुख्य द्वार पर पहुंची तो वहां मौजूद सुरक्षाकर्मियों ने उसे प्रवेश देने से रोक दिया। अधिकारियों का कहना था कि सुरक्षा नियमों और जांच प्रक्रिया के तहत उसे पहले निर्धारित प्रक्रिया पूरी करनी होगी। इसी बात को लेकर विवाद शुरू हो गया।
गेट पर हुई लंबी बहस
छात्रा और उसके पिता मोहम्मद आरिफ ने परीक्षा केंद्र के बाहर अधिकारियों से बात की और अपना पक्ष रखा। इस दौरान दोनों की केंद्र प्रबंधन और सुरक्षा में तैनात पुलिसकर्मियों से काफी देर तक चर्चा हुई। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, छात्रा ने अधिकारियों को बताया कि वह परीक्षा देने आई है और सभी नियमों का पालन करने के लिए तैयार है। उसने यह भी कहा कि राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (NTA) की गाइडलाइन में धार्मिक परिधान पहनने वाले अभ्यर्थियों के लिए विशेष प्रावधान दिए गए हैं। बताया जा रहा है कि कुलसुम ने अधिकारियों को गाइडलाइन भी दिखाई। इसके बाद वहां मौजूद कुछ अन्य लोगों ने भी मामले में हस्तक्षेप किया और छात्रा को परीक्षा में शामिल होने देने की मांग की।
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छात्रा ने कहा- 'पहचान नहीं छोड़ सकती'
कुलसुम ने कहा कि वह परीक्षा देने के लिए पूरी तरह तैयार थी और सभी जरूरी दस्तावेज अपने साथ लेकर आई थी। उसने कहा कि वह परीक्षा के सभी नियमों का पालन करने को तैयार है, लेकिन अपनी धार्मिक पहचान से समझौता नहीं कर सकती। उसका कहना था कि बुर्का और हिजाब उसकी पहचान का हिस्सा हैं। यदि उसे परीक्षा केंद्र में प्रवेश नहीं मिलता तो उसकी परीक्षा छूट सकती थी, लेकिन वह अपनी मान्यताओं से पीछे नहीं हटती। छात्रा ने यह भी कहा कि उसने किसी नियम का उल्लंघन नहीं किया था और केवल परीक्षा में शामिल होना चाहती थी।
पिता ने उठाए सवाल
छात्रा के पिता मोहम्मद आरिफ ने भी परीक्षा केंद्र के बाहर अपनी नाराजगी जाहिर की। उन्होंने बताया कि उनकी दो बेटियां NEET परीक्षा में शामिल हो रही हैं। आरिफ का कहना था कि उनकी दूसरी बेटी दूसरे परीक्षा केंद्र पर परीक्षा देने गई थी और वहां उसे किसी तरह की परेशानी का सामना नहीं करना पड़ा। ऐसे में अजमेर के इस केंद्र पर उनकी बेटी को रोकना उन्हें समझ नहीं आया।
उन्होंने कहा कि उनकी बेटी सभी जरूरी दस्तावेजों के साथ समय पर परीक्षा केंद्र पहुंची थी और निर्धारित नियमों का पालन कर रही थी। इसके बावजूद उसे प्रवेश से रोक दिया गया, जिससे परिवार काफी परेशान हो गया।
बातचीत के बाद निकला समाधान
परीक्षा केंद्र के बाहर कुछ समय तक स्थिति तनावपूर्ण बनी रही। छात्रा, उसके परिजन और अधिकारियों के बीच लगातार बातचीत होती रही। बाद में प्रशासन ने सुरक्षा जांच की प्रक्रिया पूरी कराई। गहन जांच और पहचान सत्यापन के बाद कुलसुम को परीक्षा केंद्र में प्रवेश की अनुमति दे दी गई। इसके बाद वह निर्धारित समय के भीतर परीक्षा में शामिल हो सकी।
पहले भी उठ चुके हैं ऐसे विवाद
देश में विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं के दौरान हिजाब, बुर्का और अन्य धार्मिक परिधानों को लेकर पहले भी कई बार विवाद सामने आ चुके हैं। परीक्षा एजेंसियां आमतौर पर सुरक्षा और पहचान सत्यापन को प्राथमिकता देती हैं, जबकि अभ्यर्थी धार्मिक स्वतंत्रता और व्यक्तिगत पहचान का हवाला देते हैं।
जांच के बाद मिली एंट्री, परीक्षा में शामिल हुई छात्रा
अजमेर के सावित्री स्कूल परीक्षा केंद्र पर शुरू हुआ यह विवाद आखिरकार जांच प्रक्रिया के बाद समाप्त हो गया। छात्रा कुलसुम को सुरक्षा जांच के बाद परीक्षा केंद्र में प्रवेश दे दिया गया और वह NEET UG 2026 री-एग्जाम में शामिल हो सकी। हालांकि यह मामला एक बार फिर परीक्षा केंद्रों पर सुरक्षा नियमों और धार्मिक पहचान के बीच संतुलन बनाने की चुनौती को सामने लेकर आया है।
राजस्थान में 577 केंद्रों पर हो रहा री-एग्जाम
गौरतलब है कि 21 जून 2026 को राजस्थान सहित देश के कई हिस्सों में NEET UG 2026 का री-एग्जाम आयोजित किया गया। राज्यभर में परीक्षा के लिए 577 केंद्र बनाए गए हैं। परीक्षा के दौरान सुरक्षा व्यवस्था को लेकर प्रशासन ने विशेष इंतजाम किए हैं।
सभी परीक्षा केंद्रों पर अभ्यर्थियों की गहन जांच की जा रही है। इलेक्ट्रॉनिक उपकरण, संदिग्ध वस्तुएं और अन्य प्रतिबंधित सामग्री को लेकर सख्ती बरती जा रही है। इसी वजह से कई केंद्रों पर प्रवेश से पहले विस्तृत जांच प्रक्रिया अपनाई जा रही है।











