इस्तीफा देंगे ब्रिटेन के प्रधानमंत्री?लेबर पार्टी में बगावत, नेतृत्व पर उठे सवाल, 100 से ज्यादा सांसदों का दबाव

ब्रिटेन। प्रधानमंत्री कीर स्टार्मर पर लगातार दबाव बढ़ता जा रहा है और उनके इस्तीफे को लेकर चर्चाएं तेज हो गई हैं। कुछ मीडिया रिपोर्ट्स में दावा किया जा रहा है कि वह जल्द ही अपने पद को लेकर बड़ा फैसला ले सकते हैं। हालांकि सरकार ने इन सभी अटकलों को गलत बताया है और कहा है कि प्रधानमंत्री अभी भी अपने कार्यों पर पूरी तरह ध्यान दे रहे हैं। इसके बावजूद उनकी ही पार्टी के कई सांसदों की नाराजगी और नेतृत्व पर सवालों ने राजनीतिक माहौल को काफी तनावपूर्ण बना दिया है।
लेबर पार्टी में बढ़ा अंदरूनी विवाद
कीर स्टार्मर की मुश्किलें उनकी ही पार्टी के भीतर से लगातार बढ़ती जा रही हैं। लेबर पार्टी के 100 से ज्यादा सांसद खुले तौर पर उनके नेतृत्व पर सवाल उठा चुके हैं। कई नेताओं का मानना है कि पार्टी को नई दिशा और नए नेतृत्व की जरूरत है। इस कारण पार्टी के अंदर असंतोष तेजी से बढ़ रहा है और स्थिति गंभीर होती जा रही है।
इस्तीफे की अटकलें
ब्रिटेन के एक प्रमुख अखबार की रिपोर्ट में दावा किया गया है कि स्टार्मर सोमवार को अपने पद छोड़ने या इस्तीफे की समयसीमा घोषित कर सकते हैं। हालांकि सरकार के सूत्रों ने इन खबरों को खारिज करते हुए कहा है कि प्रधानमंत्री अभी भी अपने काम पर ध्यान दे रहे हैं। इसके बावजूद राजनीतिक चर्चाओं का दौर लगातार जारी है।
एंडी बर्नहैम का बढ़ता कद
लेबर पार्टी के नेता एंडी बर्नहैम अब सबसे मजबूत दावेदार के रूप में उभरकर सामने आए हैं। हाल ही में उन्होंने एक महत्वपूर्ण संसदीय सीट पर जीत दर्ज की है, जिसके बाद उनकी राजनीतिक स्थिति और मजबूत मानी जा रही है। उनके समर्थक उन्हें पार्टी का अगला नेतृत्व देने की मांग कर रहे हैं।
स्टार्मर का जवाब और स्थिति
प्रधानमंत्री कीर स्टार्मर ने कहा है कि वह किसी भी नेतृत्व चुनौती का सामना करने के लिए तैयार हैं। उन्होंने पार्टी के नेताओं से अपील की है कि आंतरिक विवादों से बचें और पार्टी को कमजोर न करें। उनका कहना है कि इस तरह की खींचतान से देश और पार्टी दोनों को नुकसान हो सकता है।
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2024 चुनाव के बाद माहौल
स्टार्मर ने 2024 के आम चुनाव में लेबर पार्टी को बड़ी जीत दिलाई थी और सरकार बनाई थी। लेकिन इसके बाद कई विवाद, आर्थिक चुनौतियां और नीतिगत बदलावों के कारण उनकी लोकप्रियता में गिरावट आई है। जनता के बीच भी उनके कामकाज को लेकर सवाल उठने लगे हैं।











