Ayodhya:राम मंदिर चढ़ावा मामले में SIT की जांच पूरी, जल्द मुख्यमंत्री को सौंपी जा सकती है रिपोर्ट

अयोध्या। राम मंदिर में चढ़ावे को लेकर उठे विवाद के बाद उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा गठित विशेष जांच दल (SIT) ने अपनी जांच पूरी कर ली है। छह दिनों तक चली इस जांच में टीम ने मंदिर प्रशासन, कर्मचारियों और अन्य संबंधित लोगों से बातचीत कर कई पहलुओं की पड़ताल की। बताया जा रहा है कि जांच के दौरान चढ़ावे की गणना व्यवस्था, निगरानी प्रणाली और रिकॉर्ड से जुड़े कई महत्वपूर्ण बिंदुओं को देखा गया। अब SIT अपनी रिपोर्ट सरकार को सौंपने की तैयारी में है।
छह दिन तक चली गहन जांच
राम मंदिर में चढ़ावे से जुड़ी अनियमितताओं के आरोप सामने आने के बाद सरकार ने मामले की जांच के लिए SIT का गठन किया था। टीम ने लगातार छह दिनों तक अयोध्या में रहकर जांच की। इस दौरान लगभग 150 लोगों से पूछताछ की गई और मंदिर से जुड़े विभिन्न दस्तावेजों तथा व्यवस्थाओं की समीक्षा की गई। जांच अधिकारियों ने चढ़ावे की गणना से लेकर उसके रिकॉर्ड रखने तक की पूरी प्रक्रिया को समझने का प्रयास किया। साथ ही यह भी देखा गया कि निगरानी व्यवस्था कितनी प्रभावी है और उसमें कहीं कोई कमी तो नहीं है।
चढ़ावे की गणना प्रक्रिया पर उठे सवाल
जांच के दौरान चढ़ावे की गिनती और उसके रिकॉर्ड को लेकर कई पहलुओं की पड़ताल की गई। SIT ने यह जानने की कोशिश की कि दान की राशि और अन्य चढ़ावे का हिसाब किस तरह रखा जाता है। जांच में यह भी देखा गया कि पूरी प्रक्रिया में पारदर्शिता बनाए रखने के लिए पर्याप्त व्यवस्था मौजूद है या नहीं। इसी कड़ी में कुछ कर्मचारियों और संबंधित लोगों से विस्तृत पूछताछ की गई। अधिकारियों ने यह भी समझने का प्रयास किया कि कहीं किसी स्तर पर लापरवाही तो नहीं हुई।
CCTV और सुरक्षा व्यवस्था
जांच टीम ने मंदिर परिसर की सुरक्षा व्यवस्था और CCTV सिस्टम की भी समीक्षा की। यह देखा गया कि रिकॉर्डिंग कितने समय तक सुरक्षित रखी जाती है और निगरानी व्यवस्था किस तरह काम करती है। तकनीकी पहलुओं की भी जांच की जा रही है ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि किसी प्रकार की जानकारी या रिकॉर्ड में कोई गड़बड़ी न हुई हो। जरूरत पड़ने पर तकनीकी विशेषज्ञों की मदद भी ली जा सकती है।
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धार्मिक संतों ने निष्पक्ष जांच की जताई उम्मीद
मामले को लेकर धार्मिक प्रतिक्रियाएं सामने आई हैं। हनुमानगढ़ी के मुख्य पुजारी महंत संजय दास ने कहा कि सरकार द्वारा गठित SIT निष्पक्ष तरीके से जांच कर रही है और जो भी तथ्य सामने आएंगे, उनके आधार पर उचित कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने कहा कि धार्मिक संस्थानों की पारदर्शिता और विश्वास बनाए रखना सबसे महत्वपूर्ण है। इसलिए जांच का निष्पक्ष होना जरूरी है।











