Naresh Bhagoria
12 Jan 2026
गैंगस्टर लॉरेंस बिश्नोई के भाई और मोस्ट वांटेड अपराधी अनमोल बिश्नोई को पटियाला हाउस कोर्ट ने 11 दिन की NIA कस्टडी में भेज दिया है। यह फैसला NIA की उस दलील के बाद आया, जिसमें एजेंसी ने कहा कि अनमोल से कस्टोडियल पूछताछ जरूरी है, क्योंकि वह 35 से ज्यादा हत्याओं, 20 से अधिक अपहरण, फिरौती और धमकी जैसे मामलों में सीधे तौर पर शामिल रहा है।
NCP नेता बाबा सिद्दीकी की हत्या का मुख्य साजिशकर्ता अनमोल 19 नवंबर को अमेरिका से डिपोर्ट होकर भारत पहुंचा। IGI एयरपोर्ट पर NIA और दिल्ली पुलिस की संयुक्त टीम ने उसे गिरफ्तार किया और कड़ी सुरक्षा के बीच अदालत ले जाया गया। मामले की गंभीरता को देखते हुए इन-कैमरा सुनवाई की गई, जिसमें मीडिया और बाहरी लोगों को प्रवेश नहीं दिया गया।
NIA ने कोर्ट में बताया कि अनमोल के पास भारत के दो पासपोर्ट मिले हैं, जो फर्जी दस्तावेजों और उसके अंतरराष्ट्रीय अपराध नेटवर्क की गहराई की ओर इशारा करता है। एजेंसी के मुताबिक, उससे पूछताछ जरूरी है ताकि यह पता लगाया जा सके कि अपराधों को अंजाम देने में कौन-कौन शामिल था, इन घटनाओं का फंडिंग सोर्स क्या था और किस नेटवर्क के जरिए ऑपरेशन संचालित किए जाते थे
अनमोल, जो 2022 से फरार था, नवंबर 2023 में अमेरिका में पकड़ा गया था। वह इन मामलों में वांछित रहा है-
NIA की 2023 की चार्जशीट के अनुसार, अनमोल ने 2020 से 2023 के बीच कनाडा में बैठे गैंगस्टर गोल्डी बराड़ और भाई लॉरेंस बिश्नोई के साथ मिलकर कई आतंकी और हिंसात्मक वारदातों को अंजाम दिया।
अदालत से मिली 11 दिन की कस्टडी NIA के लिए मौका है कि वह अनमोल के अपराध नेटवर्क की परत दर परत जांच कर सके। अब एजेंसी यह पता लगाने की कोशिश करेगी कि भारत से लेकर विदेश तक फैला यह गैंग कैसे काम करता था।