Karnataka CM Resigns:'हाईकमान के आदेश पर दिया इस्तीफा', सिद्धारमैया ने राज्यसभा नहीं जाने का किया ऐलान

सिद्धारमैया ने कहा कि वे पहले भी स्पष्ट कर चुके थे कि जब भी पार्टी नेतृत्व उनसे इस्तीफा मांगेगा, वे तुरंत फैसला मानेंगे। उन्होंने बताया कि बुधवार को हाईकमान की ओर से उन्हें पद छोड़ने के निर्देश मिले थे। इसके बाद उन्होंने संवैधानिक प्रक्रिया का पालन करते हुए अपना इस्तीफा सौंप दिया।
हाईकमान के फैसले का किया सम्मान
प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान सिद्धारमैया ने कहा कि कांग्रेस नेतृत्व का निर्णय उनके लिए सर्वोपरि है। उन्होंने बताया कि पार्टी के निर्देश मिलते ही उन्होंने बिना किसी देरी के इस्तीफा देने का फैसला लिया। उन्होंने कहा कि कांग्रेस हमेशा सामूहिक नेतृत्व और संगठनात्मक अनुशासन में विश्वास रखती है। इसी परंपरा का पालन करते हुए उन्होंने पद छोड़ा है।
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'हमारी पार्टी के 135 विधायक हैं'
सिद्धारमैया ने कहा कि कांग्रेस के पास विधानसभा में स्पष्ट बहुमत मौजूद है। उन्होंने बताया कि पार्टी के 135 विधायक और दो समर्थक विधायक सरकार के साथ मजबूती से खड़े हैं। उनके मुताबिक सभी विधायक पूरी तरह एकजुट हैं और सरकार को कोई खतरा नहीं है। इसी के साथ उन्होंने कहा कि संवैधानिक रूप से नई सरकार के गठन में कोई बाधा नहीं आएगी। इससे उन्होंने राजनीतिक अस्थिरता की अटकलों को खारिज करने की कोशिश की।
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'दो बार 7 करोड़ लोगों की सेवा करने का अवसर मिला'
मुख्यमंत्री पद छोड़ने के बाद सिद्धारमैया भावुक भी नजर आए। उन्होंने कहा कि उन्हें दो बार कर्नाटक की सात करोड़ जनता की सेवा करने का अवसर मिला, जो उनके राजनीतिक जीवन का सबसे बड़ा सम्मान है। उन्होंने कांग्रेस नेतृत्व का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि सोनिया गांधी, राहुल गांधी और मल्लिकार्जुन खरगे ने उन पर भरोसा जताया। उन्होंने जनता और पार्टी कार्यकर्ताओं के समर्थन के लिए भी धन्यवाद दिया।












