एक शादी ऐसी भी…264 पौधों के उपहार से यादगार बना पार्थ-अनवी का विवाह, पौधों के साथ हुई रिंग एक्सचेंज

इंदौर। शहर में पार्थ जैन और अनवी जैन के विवाह चर्चा का विषय बना हुआ है। वजह है विवाह संस्कार में पर्यावरण संरक्षण का ध्यान। जैन परिवार ने विवाह से पहले ही मेहमानों से आग्रह किया था कि वे महंगे उपहार न लाकर पौधे लेकर आएं। इस पहल को सभी ने उत्साह से स्वीकार किया। समारोह में मिले 264 पौधों में से 40 पौधों का रोपण कार्यक्रम स्थल पर ही विशिष्ट अतिथियों और गणमान्य नागरिकों ने किया। शेष पौधे परिवार, नवदंपती और अतिथियों द्वारा विभिन्न स्थानों पर लगाए जाएंगे।
पहले पौधे भेंट किए फिर रिंग दी
विवाह का सबसे खास आकर्षण रिंग एक्सचेंज की अनूठी रस्म रही। पार्थ और अनवी ने पहले एक-दूसरे को पौधे भेंट किए, फिर अंगूठियों का आदान-प्रदान किया। इस दौरान जैन धर्म के सात वैवाहिक संकल्पों के साथ पर्यावरण संरक्षण का संकल्प भी दिलाया गया। उपस्थित लोगों ने इस पहल को समय की जरूरत बताते हुए इसकी सराहना की।
अतिथियों ने भी लिया पौधे लगाने का संकल्प
समारोह में शामिल अतिथियों ने नवदंपती को शुभकामनाएं देने के साथ अपने जीवन में कम से कम एक पौधा लगाने और उसकी देखभाल करने का संकल्प भी लिया। उनका कहना था कि इस तरह के आयोजन समाज में पर्यावरण संरक्षण के प्रति जागरूकता बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं। समारोह में सांसद शंकर लालवानी, विधायक गोलू शुक्ला, पुलिस अधिकारी राजेश त्रिपाठी, प्रकाश भटेवरा, मनीष सुराणा, सुधीर सेठिया, मोहनलाल जैन, प्रवीण खारीवाल, अरविंद तिवारी सहित अनेक जनप्रतिनिधि, उद्योगपति, समाजसेवी और विभिन्न संगठनों के पदाधिकारी मौजूद रहे।
बैंड बाजे और तामझाम नहीं
बिना बैंड-बाजे, बिना अनावश्यक तामझाम और फिजूलखर्ची के संपन्न इस विवाह ने यह संदेश दिया कि विवाह केवल उत्सव नहीं, बल्कि समाज और पर्यावरण के प्रति जिम्मेदारी निभाने का अवसर भी हो सकता है।
इस विवाह की 5 खास बातें
- मेहमानों ने उपहार की जगह 264 पौधे भेंट किए।
- रिंग एक्सचेंज से पहले दूल्हा-दुल्हन ने पौधों का आदान-प्रदान किया।
- समारोह स्थल पर 40 पौधों का रोपण कराया गया।
- जैन धर्म के सात संकल्पों के साथ पर्यावरण संरक्षण का संकल्प दिलाया गया।
- सादगीपूर्ण आयोजन में फिजूलखर्ची से बचते हुए सामाजिक संदेश दिया गया।
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