अंतरिक्ष में 20 दिन बिताने के बाद पृथ्वी पर लौटे शुभांशु, कैलिफोर्निया के तट पर हुआ सफल स्प्लैशडाउन

ग्रुप कैप्टन शुभांशु शुक्ला एक्सियम मिशन 4 के तहत अंतरराष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन (ISS) पर भेजे गए थे। वो 20 दिनों तक अंतरिक्ष में रहने के बाद आज सफलतापूर्वक पृथ्वी पर लौट आए। उनके साथ तीन अन्य अंतरराष्ट्रीय एस्ट्रोनॉट भी थे। स्पेसएक्स के ड्रैगन स्पेसक्राफ्ट ने 15 जुलाई की दोपहर करीब 3 बजे कैलिफोर्निया के तट पर स्प्लैशडाउन लैंडिंग की।
14 जुलाई की शाम शुरू हुआ पृथ्वी की ओर वापसी का सफर
शुभांशु शुक्ला और उनके साथी एस्ट्रोनॉट्स 14 जुलाई को अंतरिक्ष स्टेशन से रवाना हुए थे। दोपहर लगभग 2:15 बजे वे क्रू ड्रैगन स्पेसक्राफ्ट में पहुंचे और फिर शाम 4:45 बजे यह स्पेसक्राफ्ट ISS के हार्मनी मॉड्यूल से अनडॉक हुआ। इसके बाद शुरू हुआ 23 घंटे का लंबा सफर, जिसे उन्होंने पृथ्वी की ओर लौटते हुए सुरक्षित तरीके से पूरा किया।
प्रधानमंत्री मोदी ने दी बधाई
शुभांशु की वापसी पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देशवासियों की भावनाएं साझा करते हुए एक संदेश में लिखा, “मैं पूरे देश के साथ ग्रुप कैप्टन शुभांशु शुक्ला का उनकी ऐतिहासिक अंतरिक्ष यात्रा से पृथ्वी पर वापसी के लिए स्वागत करता हूं। शुभांशु ने अपने समर्पण, साहस और तपस्या से अरबों भारतीयों को प्रेरणा दी है। यह मिशन हमारे मानव अंतरिक्ष कार्यक्रम ‘गगनयान’ की दिशा में एक और अहम मील का पत्थर है।”
41 साल बाद किसी भारतीय का अंतरिक्ष सफर
शुभांशु की अंतरिक्ष यात्रा कई मायनों में ऐतिहासिक रही। वे 41 साल बाद अंतरिक्ष में जाने वाले पहले भारतीय बने। इससे पहले 1984 में राकेश शर्मा ने सोवियत संघ के साथ मिलकर अंतरिक्ष की यात्रा की थी। शुभांशु का यह मिशन अमेरिका की निजी स्पेस कंपनी स्पेसएक्स और एक्सियम स्पेस के सहयोग से संभव हो सका।
कैसे शुरू हुआ था मिशन
यह मिशन 25 जून को कैनेडी स्पेस सेंटर से शुरू हुआ था, जब चारों एस्ट्रोनॉट स्पेसएक्स के फाल्कन-9 रॉकेट के जरिए ड्रैगन कैप्सूल में सवार होकर रवाना हुए थे। 26 जून की शाम 4:01 बजे (भारतीय समयानुसार) यह दल अंतरराष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन पहुंचा और वहां 20 दिन बिताए। इस दौरान उन्होंने वैज्ञानिक अनुसंधान, तकनीकी परीक्षण और अंतरिक्ष जीवन से जुड़ी अनेक गतिविधियों में भाग लिया।





















