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'यहां इतना सुकून की वापस जाने का मन नहीं करता', मढ़ई पहुंचे CID के ACP प्रद्युम्न शिवाजी साटम ने इंस्टा पर बताया अनुभव

सतपुड़ा टाइगर रिजर्व की पर्यटन स्थली मढ़ई इन दिनों देशी-विदेशी पर्यटकों से गुलजार है। लोकप्रिय टीवी सीरियल सीआईडी में एसीपी प्रद्युम्न की भूमिका निभाने वाले अभिनेता शिवाजी साटम ने हाल ही में यहां भ्रमण किया। उन्होंने मढ़ई की प्राकृतिक सुंदरता और वन्यजीवों को उनके प्राकृतिक परिवेश में देखने के अनुभव की सराहना की। पर्यटन के विस्तार से क्षेत्र में रोजगार और स्थानीय व्यवसायों को भी बढ़ावा मिला है।
'यहां इतना सुकून की वापस जाने का मन नहीं करता', मढ़ई पहुंचे CID के ACP प्रद्युम्न शिवाजी साटम ने इंस्टा पर बताया अनुभव
सीआईडी सीरियल फेम एक्टर शिवाजी साटम।

सोहागपुर। ख्यात पर्यटन स्थली मढ़ई इन दिनों पर्यटकों से गुलजार है। धीरे-धीरे गुलाबी सर्दी में बदलते मौसम के साथ ही यहां देशी-विदेशी पर्यटकों के आगमन का सिलसिला तेज हो गया है। प्राकृतिक सुंदरता, घने जंगलों, वन्य प्राणियों और सतपुड़ा की मनोरम वादियों के आकर्षण में फिल्मी हस्तियों और नामचीन शख्सियतों का मढ़ई पहुंचना भी लगातार जारी है। इसी क्रम में हाल ही में लोकप्रिय टीवी सीरियल सीआईडी में एसीपी प्रद्युम्न की भूमिका से घर-घर में पहचान बनाने वाले सुप्रसिद्ध अभिनेता शिवाजी साटम मढ़ई पहुंचे।

सोशल मीडिया पर वीडियो ने बटोरी सुर्खियां

अभिनेता शिवाजी साटम का मढ़ई आगमन प्रबंधन की ओर से गोपनीय रखा गया था। हालांकि, बाद में उनके आधिकारिक इंस्टाग्राम अकाउंट पर मढ़ई भ्रमण का वीडियो साझा किया गया, जो अब खासा चर्चित हो रहा है। वीडियो में शिवाजी साटम सतपुड़ा टाइगर रिजर्व और मढ़ई की प्राकृतिक सुंदरता की सराहना करते नजर आ रहे हैं। उन्होंने यहां के प्राकृतिक वातावरण और वन्य प्राणियों को उनके नैसर्गिक परिवेश में स्वच्छंद विचरण करते देखने के अनुभव को भी खास बताया।

दो-चार घंटे कब गुजर जाते हैं पता नहीं चलता

शिवाजी साटम ने अपने अनुभव साझा करते हुए कहा कि मढ़ई में सुबह और शाम के दो-चार घंटे कब गुजर जाते हैं, इसका पता ही नहीं चलता। प्रकृति के बीच बिताया गया समय इतना सुकूनभरा और आकर्षक होता है कि यहां से जाने का मन नहीं करता। उनके इस अनुभव और मढ़ई की सुंदरता के प्रति व्यक्त किए गए विचारों ने पर्यटन प्रेमियों के बीच इस स्थल को लेकर उत्सुकता और बढ़ा दी है।

चार दशक के प्रयासों से पर्यटन नक्शे पर स्थापित हुई मढ़ई

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मढ़ई को पर्यटन के क्षेत्र में स्थापित करने के लिए वर्ष 1986 से निरंतर प्रयास किए जाते रहे हैं। इन प्रयासों के परिणामस्वरूप वर्ष 1997 के बाद यहां पर्यटन गतिविधियों को गति मिली और धीरे-धीरे मढ़ई ने देश-दुनिया के पर्यटन मानचित्र पर अपनी विशिष्ट पहचान बना ली। आज यहां की प्राकृतिक छटा, सतपुड़ा के जंगल, वन्य प्राणियों का दीदार और शांत वातावरण पर्यटकों को आकर्षित कर रहे हैं। समय के साथ मढ़ई की लोकप्रियता में लगातार इजाफा हुआ है। देश के विभिन्न हिस्सों से आने वाले पर्यटकों के साथ विदेशी सैलानी भी यहां पहुंच रहे हैं। प्रकृति और वन्यजीवों के करीब समय बिताने के इच्छुक लोगों के लिए मढ़ई एक प्रमुख आकर्षण बनकर उभरी है।

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पर्यटन ने बढ़ाए रोजगार के अवसर

मढ़ई में पर्यटन के विस्तार का सकारात्मक प्रभाव स्थानीय अर्थव्यवस्था पर भी दिखाई दे रहा है। पर्यटकों की बढ़ती आवाजाही से स्थानीय लोगों के लिए रोजगार और स्वरोजगार के अवसर बढ़े हैं। टैक्सी व्यवसाय को नई गति मिली है, वहीं होटल, मोटल और रिसॉर्ट की संख्या में भी उल्लेखनीय वृद्धि हुई है। पर्यटकों की जरूरतों से जुड़े विभिन्न व्यवसायों को भी इसका लाभ मिल रहा है। पर्यटन गतिविधियों के विस्तार के साथ क्षेत्र में सुविधाओं और व्यवस्थाओं का दायरा भी बढ़ा है। कभी सीमित संसाधनों के साथ पहचान बनाने की दिशा में आगे बढ़ी मढ़ई आज एक प्रमुख पर्यटन केंद्र के रूप में सामने है। यहां पर्यटन से प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से बड़ी संख्या में लोग लाभान्वित हो रहे हैं। 

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Neelam Tiwari
By Neelam Tiwari

नीलम तिवारी - सोहागपुर के वरिष्ठ पत्रकार, 40 वर्षों से निष्पक्ष, जनसरोकार और ग्रामीण मुद्दों की निर्...

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