झाबुआ में तीन मासूमों की संदिग्ध मौत! कुएं में मिले शव,ग्रामीणों ने जताई नरबलि की आशंका

झाबुआ। झाबुआ जिले के चुई गांव में तीन मासूम बच्चों के शव कुएं में मिलने से इलाके में सनसनी फैल गई। दशहरा मनाने के लिए घर से निकले तीनों बच्चे जब देर तक वापस नहीं लौटे, तो परिजनों और ग्रामीणों ने उनकी तलाश शुरू की। खेतों में खोजबीन के दौरान बच्चों की साइकिल मिली। इसके बाद आसपास मौजूद कुओं में तलाश की गई, जहां एक गहरे कुएं में तीनों बच्चों के शव मिले। बच्चों के शरीर पर चोट और कटे होने के निशान मिलने की बात सामने आई है। घटना के बाद ग्रामीणों ने नरबलि की आशंका जताई है, हालांकि इसकी पुष्टि नहीं हुई है।
दशहरा मनाने निकले थे तीनों बच्चे
जानकारी के अनुसार, विजय, मयंक और विवेक दशहरा मनाने के लिए अपने घर से निकले थे। परिवार के लोगों को उम्मीद थी कि बच्चे कुछ समय बाद वापस लौट आएंगे, लेकिन काफी देर बीतने के बावजूद वे घर नहीं पहुंचे। इससे परिजन चिंतित हो गए और उनकी तलाश शुरू कर दी।परिवार के साथ ग्रामीण भी बच्चों को खोजने में जुट गए। आसपास के इलाकों और खेतों में खोजबीन की गई। इसी दौरान बच्चों की साइकिल खेत में मिली। साइकिल मिलने के बाद लोगों को अनहोनी की आशंका हुई और उसके आसपास के क्षेत्र में तलाश तेज कर दी गई।
खेत में मिली साइकिल, कुएं में तलाशने पर सामने आई घटना
जिस स्थान पर बच्चों की साइकिल मिली थी, उसके आसपास तीन कुएं मौजूद थे। ग्रामीणों ने बच्चों के कुएं में गिरने की आशंका के चलते तलाश शुरू की। इसी दौरान एक गहरे कुएं में तीनों बच्चों के शव मिले।एक साथ तीन बच्चों के शव मिलने की खबर फैलते ही गांव में हड़कंप मच गया। परिवारों में चीख-पुकार और शोक का माहौल बन गया। जिन बच्चों को परिजन तलाश रहे थे, उनके शव मिलने से पूरे गांव में मातम छा गया।
शरीर पर कटे होने के निशान, ग्रामीणों ने जताई नरबलि की आशंका
मिली जानकारी के मुताबिक, बच्चों के नाक, कान और जीभ पर कटे होने के निशान बताए गए हैं। शरीर पर अन्य चोटों के निशान होने की बात भी सामने आई है। इन परिस्थितियों को देखते हुए ग्रामीणों ने घटना के पीछे नरबलि की आशंका जताई है।हालांकि, केवल इन निशानों के आधार पर नरबलि या किसी अन्य अपराध की पुष्टि नहीं की जा सकती। बच्चों की मौत किन परिस्थितियों में हुई, उनके शरीर पर निशान कैसे आए और घटना के पीछे क्या कारण है, इन सवालों के जवाब जांच के बाद ही सामने आ सकेंगे।
दो परिवारों के इकलौते बेटों की मौत से टूटा दुखों का पहाड़
इस घटना ने तीनों बच्चों के परिवारों को गहरे सदमे में डाल दिया है। जानकारी के अनुसार, विजय और मयंक अपने-अपने माता-पिता के इकलौते बेटे थे। वहीं, विवेक के परिवार में दो भाई हैं।तीन मासूमों की एक साथ मौत से परिवारों पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है। गांव में भी घटना को लेकर शोक और चिंता का माहौल है। परिजन यह जानना चाहते हैं कि आखिर बच्चों के साथ क्या हुआ और वे किन परिस्थितियों में कुएं तक पहुंचे।
जांच के बाद स्पष्ट होगा मौत का कारण
चुई गांव में तीन बच्चों के शव मिलने की घटना कई गंभीर सवाल खड़े करती है। बच्चों का घर से निकलना, खेत में साइकिल का मिलना, कुएं में शव बरामद होना और शरीर पर कटे होने के निशान सामने आना—इन सभी पहलुओं की जांच जरूरी है।




















