सोहागपुर। मध्य प्रदेश के सतपुड़ा टाइगर रिजर्व (STR) स्थित मढ़ई में हाल ही में एक दुर्लभ दृश्य सामने आया। वनकर्मियों ने बाघिन को उसके पांच शावकों के साथ जंगल में चहल-कदमी करते देखा। यह रोमांचकारी नजारा न केवल अविस्मरणीय रहा, बल्कि वन्यजीव प्रेमियों के लिए भी बेहद खास बन गया। यह दृश्य जहां बाघों की संख्या में बढ़ोतरी का संकेत देता है, वहीं वन विभाग की सतत निगरानी और प्रयासों की सफलता भी दर्शाता है।
वन विभाग की सतर्क गश्त के दौरान वनकर्मियों की नजर जब एक बाघिन और उसके पांच शावकों पर पड़ी तो सभी रोमांचित हो उठे। जंगल के खुले इलाके में पूरे परिवार के साथ घूमती बाघिन को देखना किसी दुर्लभ सौभाग्य से कम नहीं था। यह दृश्य न केवल आकर्षक था बल्कि यह बताता है कि सतपुड़ा टाइगर रिज़र्व में बाघों के लिए सुरक्षित और अनुकूल माहौल बना हुआ है। टाइगर फैमिली की तस्वीरें अब सोशल मीडिया पर भी वायरल हो रही हैं।

मानसून के इस कठिन मौसम में भी सतपुड़ा टाइगर रिजर्व के वनकर्मी अपने कर्तव्यों पर डटे हुए हैं। भारी बारिश, कीचड़ से भरे रास्तों और खतरनाक इलाकों में गश्त करना बेहद चुनौतीपूर्ण होता है, लेकिन वन विभाग की टीम पूरी निष्ठा के साथ जंगलों की निगरानी में जुटी है। हाल ही में एक टाइगर शावक द्वारा दो चौकीदारों पर हमले के बाद पैदल गश्त कुछ समय के लिए बंद कर दी गई थी, लेकिन अब इसे पुनः सामूहिक रूप से शुरू कर दिया गया है।
मढ़ई के सहायक संचालक अंकित जामोद का कहना है कि मानसून के दौरान वन्यजीवों की गतिविधियों में बढ़ोतरी होती है, साथ ही तस्करी और अवैध शिकार जैसी घटनाओं की आशंका भी बनी रहती है। ऐसे में पूरे रिज़र्व क्षेत्र में नियमित और सतर्क गश्त अत्यंत जरूरी हो जाती है। वनकर्मियों की यह सतर्कता वन्यजीवों की सुरक्षा सुनिश्चित करने में अहम भूमिका निभा रही है।
एक साथ 6 बाघों का दिखना न केवल पर्यटन को बढ़ावा देता है बल्कि यह इस बात का भी संकेत है कि बाघों का संरक्षण सही दिशा में आगे बढ़ रहा है। यह दृश्य सतपुड़ा टाइगर रिज़र्व की जैव विविधता और संरक्षण प्रयासों का जीता-जागता प्रमाण है।