‘वीडियो वायरल कर दूंगा’...डायरेक्टर शकील नूरानी गिरफ्तार, एक्ट्रेस ने लगाए दुष्कर्म और ब्लैकमेलिंग के आरोप, 2016 मामले में अब कार्रवाई

एंटरटेनमेंट डेस्क। फिल्म डायरेक्टर शकील नूरानी को एक 33 वर्षीय एक्ट्रेस की शिकायत के आधार पर दुष्कर्म और यौन उत्पीड़न के मामले में गिरफ्तार किया गया है। 73 वर्षीय नूरानी पर एक्ट्रेस ने यौन शोषण, ब्लैकमेलिंग और धमकी देने जैसे गंभीर आरोप लगाए हैं। शिकायत के मुताबिक, कथित घटना वर्ष 2016 की है, जबकि पुलिस में मामला हाल ही में दर्ज किया गया। नूरानी ने ‘जोरू का गुलाम’ समेत कई फिल्मों का निर्देशन किया है। गिरफ्तारी के बाद उन्हें कोर्ट में पेश किया गया, जहां से उन्हें 12 अगस्त तक पुलिस हिरासत में भेज दिया गया है। हालांकि, नूरानी के वकील ने इन आरोपों को गलत बताते हुए कहा है कि उनके मुवक्किल को झूठे मामले में फंसाया गया है।
2016 में अवॉर्ड फंक्शन में हुई थी पहली मुलाकात
पुलिस को दी गई शिकायत के अनुसार, एक्ट्रेस की शकील नूरानी से पहली मुलाकात 2016 में मुंबई के लोखंडवाला इलाके में आयोजित एक अवॉर्ड फंक्शन के दौरान हुई थी। शिकायत में एक्ट्रेस ने बताया कि इस मुलाकात के दौरान नूरानी ने उनसे अपनी आने वाली फिल्म या प्रोजेक्ट को लेकर बातचीत की थी। उन्होंने एक्ट्रेस से काम के सिलसिले में संपर्क करने के लिए कहा था। इसके बाद दोनों के बीच काम को लेकर संपर्क हुआ। एक्ट्रेस का आरोप है कि वह स्क्रिप्ट पढ़ने और प्रोजेक्ट से जुड़ी बातचीत के लिए नूरानी के मालवानी स्थित घर पहुंची थीं।
घर बुलाकर सॉफ्ट ड्रिंक देने का आरोप
शिकायत के अनुसार, एक्ट्रेस जब नूरानी के घर पहुंचीं तो उन्हें एक सॉफ्ट ड्रिंक दी गई। एक्ट्रेस का दावा है कि इसे पीने के बाद वह बेहोश हो गई थीं। इसके बाद उनके साथ क्या हुआ, इसे लेकर एक्ट्रेस ने पुलिस में गंभीर आरोप लगाए हैं। उनका कहना है कि जब उन्हें होश आया तो उन्हें ऐसी स्थिति का सामना करना पड़ा, जिसके बाद वह कथित तौर पर काफी डर गई थीं। पुलिस अब शिकायत में लगाए गए इन आरोपों की जांच कर रही है और मामले से जुड़े सबूत जुटाए जा रहे हैं।
वीडियो दिखाकर धमकाने का भी आरोप
एक्ट्रेस ने FIR में आरोप लगाया है कि होश में आने के बाद नूरानी ने उन्हें अपने मोबाइल फोन पर एक वीडियो दिखाया। शिकायत के मुताबिक, नूरानी ने कथित तौर पर धमकी दी कि अगर उन्होंने पुलिस या अपने परिवार को इस घटना के बारे में बताया तो वीडियो को सार्वजनिक कर दिया जाएगा। एक्ट्रेस का आरोप है कि इसी कथित वीडियो के जरिए उन्हें डराया और ब्लैकमेल किया गया। उन्होंने पुलिस को बताया कि इसके बाद भी उनका कथित तौर पर यौन शोषण किया गया। शिकायत में यह भी आरोप लगाया गया है कि कथित यौन संबंधों के बाद नूरानी उन्हें बार-बार गर्भनिरोधक गोलियां देते थे। पुलिस अब इन सभी आरोपों की जांच कर रही है।
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FIR के बाद 40 दिन तक छिपे रहे नूरानी!
मामला दर्ज होने के बाद मुंबई पुलिस ने जांच शुरू की। पुलिस को जांच के दौरान जानकारी मिली कि शकील नूरानी सातारा जिले के मेधा इलाके में स्थित एक फार्महाउस में रह रहे हैं। पुलिस अधिकारी के अनुसार, FIR दर्ज होने के बाद नूरानी करीब 40 दिनों तक कथित तौर पर छिपे रहे। पुलिस ने उनकी तलाश में मुंबई के लोखंडवाला इलाके में उनके बेटे के घर पर भी तलाशी ली, लेकिन वहां उनका पता नहीं चला। इसके बाद पुलिस ने तकनीकी जानकारी की मदद से उनकी लोकेशन का पता लगाया। मुंबई पुलिस की टीम ने सातारा पुलिस के साथ संपर्क किया और मेधा इलाके के फार्महाउस से नूरानी को हिरासत में लिया।
सातारा से गिरफ्तार, 12 अगस्त तक पुलिस कस्टडी
शकील नूरानी को गिरफ्तार करने के बाद मुंबई पुलिस उन्हें वापस लेकर आई। शनिवार को उन्हें बोरीवली हॉलीडे कोर्ट में पेश किया गया। कोर्ट ने मामले की जांच के लिए नूरानी को 12 अगस्त तक पुलिस कस्टडी में भेज दिया है। पुलिस अब शिकायत में लगाए गए आरोपों की जांच कर रही है और कथित घटना से जुड़े सबूत जुटाने की कोशिश कर रही है। डीसीपी जोन-2 संदीप घुगे ने बताया कि शिकायत मिलने के बाद पुलिस टीम मामले से जुड़ी जानकारी जुटा रही है।
वकील ने आरोपों को बताया झूठा
शकील नूरानी की ओर से उनके वकील विकास सिंह ने आरोपों को खारिज किया है। उन्होंने कहा कि उनके क्लाइंट को झूठे मामले में फंसाया गया है। वकील ने यह भी कहा कि मामला अदालत में विचाराधीन है और इसलिए वह इस मामले पर ज्यादा टिप्पणी नहीं करना चाहते। फिलहाल पुलिस जांच जारी है। ऐसे में शिकायत में लगाए गए आरोपों की पुष्टि अदालत में होने वाली कानूनी प्रक्रिया और जांच के नतीजों के आधार पर ही होगी।
1990 के दशक में बनाई कई फिल्में
शकील नूरानी का फिल्म इंडस्ट्री में लंबा करियर रहा है। उन्होंने मुख्य रूप से 1990 के दशक और 2000 के शुरुआती वर्षों में फिल्मों का निर्देशन किया। उनकी चर्चित फिल्मों में ‘विष्णु देवा’ (1991), ‘श्रीमान आशिक’ (1993), ‘बड़े दिलवाला’ (1999) और ‘जोरू का गुलाम’ (2000) शामिल हैं।











