शहडोल में 15 दिन से ज्यादा ठहरने पर पुलिस की रहेगी नजर, कलेक्टर का नया आदेश

शहडोल। अब जिले में लंबे समय तक ठहरने वालों की जानकारी पुलिस के रिकॉर्ड में दर्ज होगी। जिले में कानून-व्यवस्था और जनसुरक्षा को ध्यान में रखते हुए कलेक्टर पार्थ जायसवाल ने प्रतिबंधात्मक आदेश जारी किया है। इसके तहत 15 दिनों से अधिक समय तक जिले में रुकने वाले लोगों की सूचना संबंधित थाने को देना अनिवार्य किया गया है। किरायेदार और पेइंग गेस्ट को रखने से पहले मकान या दुकान मालिक को उनकी जानकारी पुलिस को देनी होगी। पहचान पत्र और मोबाइल नंबर लेना भी जरूरी होगा। कलेक्टर पार्थ जायसवाल ने स्पष्ट किया है कि आदेश के किसी भी प्रावधान का उल्लंघन भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता, 2023 की धारा 223 के तहत दंडनीय होगा।
किरायेदार से लेकर छात्रों तक की जानकारी जरूरी
आदेश के मुताबिक घरेलू कामगारों और व्यावसायिक कर्मचारियों को काम पर रखने से पहले उनकी जानकारी संबंधित थाने में देना होगी। घरेलू कामगारों का आईडी प्रूफ और मोबाइल नंबर भी दर्ज करना अनिवार्य रहेगा। निजी छात्रावास संचालकों को वहां रहने वाले छात्र-छात्राओं की जानकारी निर्धारित प्रारूप में पुलिस को देनी होगी। होटल, लॉज, धर्मशाला, रैन बसेरा और धार्मिक स्थलों में ठहरने वाले लोगों का भी पहचान पत्र और मोबाइल नंबर लेना होगा। इन स्थानों पर ठहरने वालों की सूची प्रतिदिन संबंधित थाने में जमा करनी होगी। भवन और अन्य निर्माण कार्यों में लगे मजदूरों तथा कारीगरों की जानकारी देना भी ठेकेदार की जिम्मेदारी होगी।
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डिलीवरी एजेंट और सुरक्षा गार्ड भी दायरे में
कलेक्टर के आदेश का दायरा केवल किरायेदारों और होटल में ठहरने वालों तक सीमित नहीं है। ऑनलाइन शॉपिंग और होम डिलीवरी एजेंट, स्पा व मसाज सेंटर तथा ब्यूटी पार्लर के कर्मचारियों की जानकारी भी पुलिस को देनी होगी। निजी सुरक्षा एजेंसियों के गार्ड और व्यक्तिगत स्तर पर रखे गए सुरक्षा गार्डों की जानकारी भी संबंधित थाने में दर्ज कराना अनिवार्य होगा। पुलिस के अतिथि पोर्टल पर ठहरने वाले व्यक्तियों का विवरण दर्ज करना होगा। विदेशी नागरिकों के मामले में तत्काल एफआरआरओ शाखा, शहडोल को सूचना देनी होगी।
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