भोपाल। एक लंबे समय से देशभर में डर और अफरा-तफरी फैलाने वाले आरोपी को आखिरकार पुलिस ने पकड़ लिया है। दिल्ली पुलिस ने कर्नाटक के मैसूर से श्रीनिवास नाम के आरोपी को गिरफ्तार किया है। उस पर आरोप है कि उसने अलग-अलग राज्यों में 1100 से ज्यादा धमकी भरे ईमेल भेजे थे। इन ईमेल्स में बम से उड़ाने की धमकी दी गई थी, जिससे कई शहरों में दहशत का माहौल बन गया था।
पुलिस जांच में सामने आया है कि आरोपी काफी समय से यह काम कर रहा था। वह अलग-अलग संस्थानों और सरकारी दफ्तरों को ईमेल भेजकर बम धमाकों की धमकी देता था। इन ईमेल्स के कारण कई जगहों पर सुरक्षा एजेंसियों को अलर्ट रहना पड़ा और जांच अभियान चलाने पड़े।
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इस तरह के लगातार ईमेल भेजने की वजह से आरोपी को सीरियल ईमेलर कहा जा रहा है। उसका मकसद क्या था, यह अभी पूरी तरह साफ नहीं हो पाया है, लेकिन उसने देशभर में डर का माहौल जरूर बना दिया था।
पुलिस के मुताबिक, आरोपी ने मध्यप्रदेश के कई महत्वपूर्ण संस्थानों को भी निशाना बनाया था। सिर्फ भोपाल में ही करीब 12 जगहों को बम से उड़ाने की धमकी दी गई थी।इनमें प्रमुख रूप से कमिश्नरेट कार्यालय, नापतोल विभाग, पीपुल्स यूनिवर्सिटी, एम्स भोपाल, जेके यूनिवर्सिटी, अटल बिहारी हिंदी विश्वविद्यालय और मंत्रालय शामिल हैं।
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इसके अलावा सतना, बड़वानी और मैहर की जिला अदालतों को भी धमकी मिली थी। इतना ही नहीं, भोपाल और इंदौर एयरपोर्ट को भी ईमेल भेजकर डराने की कोशिश की गई थी।
इस मामले को गंभीरता से लेते हुए अलग-अलग राज्यों की पुलिस ने जांच शुरू की थी। दिल्ली पुलिस ने तकनीकी जांच और लगातार ट्रैकिंग के बाद आरोपी का पता लगाया और उसे मैसूर से गिरफ्तार कर लिया।
गिरफ्तारी के बाद अब आरोपी से पूछताछ की जा रही है। पुलिस यह जानने की कोशिश कर रही है कि क्या इस साजिश में कोई और भी शामिल है या नहीं।
मध्यप्रदेश पुलिस ने भी इस मामले को गंभीरता से लिया था। आरोपी की तलाश के लिए एक विशेष टीम यानी SIT का गठन किया गया था। इस टीम की जिम्मेदारी भोपाल रेलवे एसपी राहुल लोढ़ा को दी गई थी।
SIT लगातार आरोपी तक पहुंचने की कोशिश कर रही थी। इसी बीच दिल्ली पुलिस ने तेजी से कार्रवाई करते हुए आरोपी को पकड़ लिया।
अब सबसे बड़ा सवाल यह है कि आरोपी ने इतने बड़े स्तर पर यह काम क्यों किया। क्या वह अकेला था या उसके साथ कोई और भी जुड़ा हुआ है? पुलिस इन सभी पहलुओं पर जांच कर रही है।
पूछताछ के बाद ही यह साफ हो पाएगा कि इसके पीछे का असली मकसद क्या था। फिलहाल आरोपी की गिरफ्तारी से लोगों ने राहत की सांस जरूर ली है।