सीहोर: जन्मदिन पर सुदीप प्रजापति का सेवा संकल्प, 15 अगस्त को जन्म लेने वाली हर बेटी की 12वीं तक की पढ़ाई का खर्च उठाएंगे

सीहोर। सुदीप प्रजापति ने ऐलान किया है कि 15 अगस्त को सीहोर शहर में जन्म लेने वाली हर नवजात बेटी की कक्षा 12वीं तक की शिक्षा का खर्च वे खुद उठाएंगे। खास बात यह है कि इस पहल में बेटियों की संख्या की कोई सीमा नहीं रखी गई है। 15 अगस्त को शहर में जितनी भी बेटियां जन्म लेंगी, उनकी शिक्षा की जिम्मेदारी सुदीप अपने स्तर पर उठाएंगे।
आर्थिक मजबूरी नहीं बनेगी पढ़ाई में बाधा
सुदीप ने कहा कि उनकी इस पहल की प्रेरणा भाजपा सरकार की बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ की सोच से मिली है। उनका उद्देश्य है कि आर्थिक तंगी के कारण किसी परिवार की बेटी की पढ़ाई बीच में न छूटे। उनका मानना है कि शिक्षित बेटी केवल अपने परिवार का भविष्य नहीं बदलती, बल्कि पूरे समाज को नई दिशा देने की क्षमता रखती है।
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बारिश में टूटा आशियाना,अब बनेगा पक्का मकान
बेटियों की शिक्षा के साथ सुदीप प्रजापति ने बारिश से प्रभावित एक गरीब परिवार के लिए भी संवेदनशील पहल की है। देवनगर कॉलोनी में भारी बारिश के दौरान एक गरीब परिवार का कच्चा मकान ढह गया था। परिवार की स्थिति की जानकारी मिलने पर सुदीप खुद मौके पर पहुंचे। परिवार की परेशानी देखकर उन्होंने निजी खर्च से पक्का मकान बनवाने का संकल्प लिया।
बेघर परिवार को मिलेगी छत
जिस परिवार ने बारिश में अपना आशियाना खो दिया, उसके लिए अब पक्की छत उम्मीद की नई किरण बनकर सामने आएगी। सुदीप का कहना है कि किसी जरूरतमंद परिवार को सुरक्षित छत उपलब्ध कराना केवल मदद नहीं, बल्कि उसके सम्मान और आत्मविश्वास को लौटाने की कोशिश है।
जन्मदिन पर जश्न नहीं, जिंदगी संवारने का संकल्प
सुदीप प्रजापति ने कहा कि दूसरों के काम आने और जरूरतमंद की मदद करने से मिलने वाला आत्मिक संतोष किसी महंगे जश्न से नहीं मिल सकता। उन्होंने कहा कि इस बार जन्मदिन पर उन्हें बेटियों की शिक्षा और एक गरीब परिवार का घर बनाने का संकल्प लेने का अवसर मिला है, यही उनके लिए सबसे बड़ी खुशी है।
15 अगस्त से होगी पहल की औपचारिक शुरुआत
सुदीप के अनुसार 15 अगस्त को विशेष कार्यक्रम आयोजित कर देवनगर के गरीब परिवार के पक्के मकान के निर्माण कार्य की शुरुआत की जाएगी। इसी अवसर पर 15 अगस्त को जन्म लेने वाली बेटियों के लिए शिक्षा सहायता की इस पहल का औपचारिक ऐलान भी किया जाएगा। जन्मदिन को सेवा से जोड़ने की यह पहल शहर में चर्चा और सराहना का विषय बनी हुई है।












