जन-विश्वास अभियान में जनता की चौखट पर पहुंची सरकार, मंत्रियों ने सुनीं समस्याएं और मौके पर दिए समाधान

सीहोर। शासन की योजनाएं कागजों से निकलकर जमीन तक पहुंचें और आम आदमी की आवाज सीधे सरकार के कानों तक पहुंचे, इसी उद्देश्य के साथ मुख्यमंत्री जन-विश्वास अभियान के तहत ग्राम ब्रिजिशनगर में जिला स्तरीय भ्रमण कार्यक्रम एवं शिविर आयोजित किया गया। यहां राजस्व मंत्री करणसिंह वर्मा और पिछड़ा वर्ग मंत्री एवं जिले की प्रभारी मंत्री श्रीमती कृष्णा गौर ने ग्रामीणों के बीच बैठकर उनकी समस्याएं सुनीं। खास बात यह रही कि शिकायतों को केवल आवेदन लेकर आगे बढ़ाने के बजाय मंत्रियों ने शिकायतकर्ताओं से वन-टू-वन चर्चा कर समस्या की वास्तविक स्थिति जानी और कई मामलों में मौके पर ही समाधान की दिशा तय कर दी।
भाषण नहीं, जनता की समस्या सुनने का दिन
प्रभारी मंत्री श्रीमती कृष्णा गौर ने कहा कि जन-विश्वास अभियान केवल सरकारी कार्यक्रम नहीं, बल्कि शासन और जनता के बीच दूरी कम करने का माध्यम है। उन्होंने कहा कि यह दिन भाषण देने का नहीं, बल्कि जनता की समस्याओं को सुनकर उनके समाधान का दिन है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की मंशा है कि शासन की प्रत्येक कल्याणकारी योजना का लाभ समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचे। उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री जन-विश्वास अभियान 7 अगस्त 2026 से शुरू होकर 8 जनवरी 2027 तक चलेगा। लंबे समय तक चलने वाला यह अभियान सरकार की जनता के प्रति प्रतिबद्धता और सेवा भावना को दर्शाता है।

चार स्तंभों पर खड़ा है जन-विश्वास अभियान
श्रीमती गौर ने कहा कि अभियान संवाद, समाधान, संवेदनशीलता और सादगी के चार स्तंभों पर आधारित है। सरकार के मंत्री, जनप्रतिनिधि और अधिकारी जनता के बीच पहुंचकर योजनाओं की जमीनी हकीकत समझ रहे हैं। इससे यह भी पता चल रहा है कि सरकारी योजनाओं का लाभ पात्र लोगों तक किस तरह पहुंच रहा है और कहां अड़चनें आ रही हैं।
उन्होंने कहा कि जनता के बीच जाकर विकास कार्यों और योजनाओं की मॉनिटरिंग करने से प्रशासन को वास्तविक स्थिति समझने में मदद मिलेगी और सेवाओं को और बेहतर बनाया जा सकेगा।
किसानों से लेकर पेंशनधारियों तक से सीधा संवाद
राजस्व मंत्री करणसिंह वर्मा ने ग्रामीणों से संवाद करते हुए पीएम किसान सम्मान निधि, मुख्यमंत्री किसान कल्याण योजना, पेंशन, राशन सहित विभिन्न योजनाओं का लाभ मिलने की जानकारी ली। उन्होंने कहा कि जनप्रतिनिधि और अधिकारी जनता के सेवक हैं। किसी नागरिक को शासकीय योजना, राजस्व कार्य अथवा अन्य सरकारी सेवा का लाभ लेने में परेशानी हो तो वह सीधे जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों से संपर्क कर सकता है।
शिकायतकर्ता सामने, अधिकारी मंच पर
शिविर में सबसे प्रभावी तस्वीर उस समय सामने आई जब मंत्रियों ने शिकायतकर्ताओं से सीधे बातचीत शुरू की। शिकायतों की वास्तविक स्थिति जानने के बाद संबंधित अधिकारियों को मंच पर बुलाया गया और समय-सीमा में कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए।
बुधनी की त्रिवेणी ने जमीन के बटांकन से जुड़ी शिकायत रखी। मामले में अधिकारियों को आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए गए। वहीं संध्या ने आंगनबाड़ी कार्यकर्ता की नियुक्ति से संबंधित शिकायत रखी, जिस पर गंभीरता से चर्चा करते हुए संबंधित अधिकारी को 10 दिन के भीतर नियुक्ति पत्र जारी करने के निर्देश दिए गए।
जमीन, कब्जे और रास्ते के विवादों पर भी निर्देश
शिविर में टेक सिंह, दुर्गा प्रसाद, नर्मदा प्रसाद और कुबेर सिंह की शिकायतों पर भी सुनवाई हुई। राजस्व अधिकारियों को संबंधित मामलों की जांच कर निर्धारित समय-सीमा में निराकरण करने के निर्देश दिए गए। केशरी प्रजापति ने कपिलधारा कूप की राशि का भुगतान नहीं मिलने की शिकायत की। जांच में बैंक खाते से जुड़ी समस्या सामने आई। इस पर नया बैंक खाता खुलवाकर चार दिन के भीतर भुगतान की समस्या दूर करने के निर्देश दिए गए। नर्मदा प्रसाद की सीमांकन के बाद कब्जा दिलाने की शिकायत पर सीमांकन की कार्रवाई पूरी होने के बाद सात दिन के भीतर कब्जा दिलाने के निर्देश दिए गए। वहीं कुबेर सिंह और पूजा जैन की रास्ता विवाद संबंधी शिकायत पर नियमानुसार कार्रवाई करने को कहा गया।
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स्कूल पहुंचकर बच्चों से पढ़वाई किताब
मंत्रियों ने ब्रिजिशनगर के शासकीय स्कूल और आंगनबाड़ी केंद्र का निरीक्षण भी किया। स्कूल में उन्होंने बच्चों से बातचीत कर पढ़ाई, उपस्थिति और उपलब्ध सुविधाओं की जानकारी ली। बच्चों से किताब पढ़वाकर उनकी शैक्षणिक स्थिति भी जानी। शिक्षकों से शैक्षणिक गतिविधियों पर चर्चा करते हुए शिक्षा की गुणवत्ता पर विशेष ध्यान देने के निर्देश दिए।आंगनबाड़ी केंद्र में बच्चों की उपस्थिति, पोषण आहार और उपलब्ध सुविधाओं की जानकारी ली गई। मंत्रियों ने कहा कि बच्चों के बेहतर स्वास्थ्य, पोषण और शिक्षा के लिए संचालित योजनाओं का प्रभावी क्रियान्वयन जरूरी है।
अधिकारियों ने बस से दिया सादगी और बचत का संदेश
जन-विश्वास अभियान का संदेश केवल मंच तक सीमित नहीं रहा। जिला अधिकारी सामूहिक रूप से एक बस में जिला मुख्यालय से ब्रिजिशनगर पहुंचे। इस पहल के जरिए सादगी, सामूहिकता और ईंधन बचत का संदेश दिया गया। कार्यक्रम के बाद अधिकारी उसी बस से वापस जिला मुख्यालय लौटे।

योजनाओं का लाभ दिलाने लगाए गए विभागीय स्टॉल
कार्यक्रम स्थल पर विभिन्न विभागों ने स्टॉल लगाए। इन स्टॉल के माध्यम से ग्रामीणों को शासन की जनकल्याणकारी योजनाओं और सेवाओं की जानकारी दी गई। मंत्रियों ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि सभी पात्र हितग्राहियों को योजनाओं का लाभ दिलाया जाए। साथ ही सीएम हेल्पलाइन, जनसुनवाई और लोक सेवा गारंटी अधिनियम के लंबित मामलों के निराकरण पर भी विशेष जोर दिया गया।
भरोसे की सरकार का संदेश
ब्रिजिशनगर का यह कार्यक्रम केवल शिकायतों की सुनवाई तक सीमित नहीं रहा। यहां सरकार ने यह संदेश देने का प्रयास किया कि प्रशासनिक व्यवस्था की असली कसौटी कार्यालयों में बैठकर फाइलें निपटाना नहीं, बल्कि जरूरतमंद व्यक्ति तक पहुंचकर उसकी परेशानी समझना और समाधान कराना है। वन-टू-वन संवाद, समय-सीमा और मौके पर अधिकारियों को निर्देश देने की पहल ने जन-विश्वास अभियान को जमीन पर एक संवेदनशील स्वरूप दिया।
यह रहे उपस्थित
कार्यक्रम में जिला पंचायत अध्यक्ष रचना सुरेंद्र मेवाड़ा, भाजपा जिला अध्यक्ष नरेश मेवाड़ा, इछावर जनपद अध्यक्ष रेखा जगदीश पटेल, एसपी सोनाक्षी सक्सेना, एसडीएम स्वाति मिश्रा, जनपद सीईओ रूषाली पोरस, पंकज गुप्ता सहित अनेक जनप्रतिनिधि, अधिकारी और गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।












