सीहोर में लोन दिलाने के नाम पर 4 लाख की ठगी, ग्रामीणों ने आरोपी को पकड़ा

सीहोर। स्टेट बैंक ऑफ इंडिया से लोन स्वीकृत कराने का सपना दिखाकर एक शातिर जालसाज ने कई ग्रामीणों की गाढ़ी कमाई ऐंठ ली। जब लोन नहीं मिला और आरोपी ने फोन बंद कर टालमटोल शुरू कर दिया, तब ग्रामीणों ने हिम्मत और सूझबूझ का परिचय दिया। पीड़ितों ने बाकी बची रकम देने का जाल बिछाकर आरोपी को तहसील परिसर में बुलाया और घेराबंदी कर उसे सीधे पुलिस के हवाले कर दिया।
घरेलू जरूरत और मवेशी पालन के लिए चाहिए था लोन
जानकारी के अनुसार, ग्राम रूपादा निवासी सुरेश, मुन्ना, बलराम, गोविंद, राजमल और मुकेश सहित करीब सात ग्रामीणों को अपनी खेती-किसानी, घरेलू आवश्यकताओं और गाय-भैंस खरीदने के लिए लोन की सख्त आवश्यकता थी। इसी दौरान ग्रामीणों का संपर्क भंवरा निवासी पिंटू परमार से हुआ। आरोपी ने खुद को बैंक से मजबूत सांठगांठ होने का दावा किया और ग्रामीणों को आसानी से स्टेट बैंक ऑफ इंडिया से लोन पास कराने का भरोसा दिया।
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6 लाख के लोन का सब्जबाग
शातिर आरोपी ने प्रत्येक आवेदक को ₹6 लाख का लोन स्वीकृत कराने का झांसा दिया। उसने ग्रामीणों को बताया कि फाइल चार्ज और मॉर्गेज फीस के नाम पर कुल 7 लाख रुपये का खर्च आएगा। सरकारी बैंक से बड़ा लोन मिलने की उम्मीद में भोले-भाले ग्रामीण उसके बहकावे में आ गए। पीड़ितों ने अपनी जमा-पूंजी और उधार लेकर प्रति व्यक्ति 54-54 हजार रुपये के हिसाब से दो किस्तों में करीब 4 लाख रुपये नकद आरोपी पिंटू परमार को सौंप दिए।
लोन नहीं मिला तो बंद कर लिया फोन
मोटी रकम ऐंठने के बाद जब काफी दिन बीत गए और बैंक से लोन प्रक्रिया आगे नहीं बढ़ी, तो ग्रामीणों ने आरोपी से संपर्क साधना शुरू किया। शुरू में आरोपी कागजी कार्रवाई चलने और आज-कल में लोन स्वीकृत होने का बहाना बनाता रहा। कुछ समय बाद जब ग्रामीणों ने अपने दिए हुए 54-54 हजार रुपये वापस मांगने का दबाव बनाया, तो आरोपी साफ मुकर गया। उसने पीड़ितों से दो-टूक कह दिया कि लोन नहीं हो रहा है और न ही वह पैसे वापस करेगा। इसके बाद आरोपी ने ग्रामीणों के फोन कॉल उठाना बंद कर दिया और अपना मोबाइल स्विच ऑफ कर लिया।
तहसील परिसर में जाल बिछाकर ग्रामीणों ने दबोचा
लगातार फोन बंद आने और ठगी का अहसास होने पर ग्रामीणों ने हार मानने के बजाय रणनीति बनाई। पीड़ितों ने किसी अन्य माध्यम से आरोपी से संपर्क साधा और उसे झांसा दिया कि वे बाकी बचे 3 लाख रुपये देने के लिए तैयार हैं, वह आकर पैसे ले जाए। पैसों के लालच में आरोपी पिंटू परमार इछावर तहसील परिसर में पहुंच गया। वहां पहले से ही मौजूद ग्रामीणों ने उसे चारों तरफ से घेर लिया। ग्रामीणों ने तत्काल डायल 112 पर सूचना दी, जिसके बाद मौके पर पहुंची पुलिस टीम को ग्रामीणों ने आरोपी सुपुर्द कर दिया।
कड़ी कानूनी कार्रवाई और पैसे वापसी की गुहार
पीड़ित ग्रामीणों ने इछावर थाने में लिखित आवेदन सौंपते हुए आरोपी पिंटू परमार के खिलाफ सख्त धाराओं में धोखाधड़ी की प्राथमिकी दर्ज करने की मांग की है। ग्रामीणों का कहना है कि वे गरीब परिवार से आते हैं और उन्होंने मवेशी खरीदने के लिए ब्याज पर पैसे जुटाकर आरोपी को दिए थे। ग्रामीणों ने पुलिस प्रशासन से उनकी ठगी गई 4 लाख रुपये की पूरी राशि वापस दिलाए जाने की गुहार लगाई है। इछावर थाना प्रभारी रामबाबू राठौर ने बताया कि अभी मैं अवकाश पर हूं। मामले की पूरी जानकारी संबंधित अधिकारियों से लेकर जल्द ही वैधानिक कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।



















