PlayBreaking News

सीहोर का प्राचीन खेड़ापति हनुमान मंदिर राजस्थानी-मारवाड़ी शैली में बनेगा, विधायक सुदेश राय ने मंजूर किए एक करोड़

सीवन नदी तट स्थित प्राचीन खेड़ापति हनुमान मंदिर का एक करोड़ रुपए की लागत से जीर्णोद्धार होगा। विधायक सुदेश राय ने श्रद्धालुओं की मांग पर स्वीकृति दी। मंदिर राजस्थानी-मारवाड़ी शैली में भव्य रूप लेगा।
Follow on Google News
सीहोर का प्राचीन खेड़ापति हनुमान मंदिर राजस्थानी-मारवाड़ी शैली में बनेगा, विधायक सुदेश राय ने मंजूर किए एक करोड़
सीहोर। खेड़ापति हनुमान मंदिर के जीर्णोद्धार के लिए विधायक सुदेश राय ने प्रशासनिक अधिकारियों, मंदिर व्यवस्थापकों और नागरिकों के साथ चर्चा की।

सीहोर। बढ़ियाखेड़ी स्थित प्राचीन खेड़ापति हनुमान मंदिर अब नए और भव्य स्वरूप में नजर आएगा। श्रद्धालुओं की लंबे समय से चली आ रही मांग को देखते हुए विधायक सुदेश राय ने मंदिर के जीर्णोद्धार और विकास कार्यों के लिए एक करोड़ रुपए की राशि स्वीकृत की है। गुरुवार को विधायक ने प्रशासनिक अधिकारियों, मंदिर व्यवस्थापकों और स्थानीय नागरिकों के साथ मंदिर परिसर का निरीक्षण कर प्रस्तावित विकास कार्यों की जानकारी ली।

श्रद्धालुओं की आस्था का प्रमुख केंद्र

सीवन नदी के तट पर स्थित खेड़ापति हनुमान मंदिर क्षेत्र के प्राचीन धार्मिक स्थलों में शामिल है। यहां शहर के साथ ही आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों से बड़ी संख्या में श्रद्धालु नियमित रूप से दर्शन और पूजा-अर्चना के लिए पहुंचते हैं। मंदिर में समय-समय पर धार्मिक और सामाजिक आयोजन भी होते रहते हैं।

एक करोड़ की लागत से होगा विकास

विधायक सुदेश राय ने श्रद्धालुओं की मांग पर मंदिर को भव्य स्वरूप देने के लिए एक करोड़ रुपए स्वीकृत किए हैं। जीर्णोद्धार के तहत मंदिर परिसर में आवश्यक निर्माण, सौंदर्यीकरण और श्रद्धालुओं की सुविधाओं से जुड़े कार्य कराए जाएंगे। इससे लंबे समय से अपेक्षित मंदिर विकास को गति मिलने की उम्मीद है। प्रस्तावित विकास की सबसे खास बात मंदिर का नया स्वरूप होगा। जीर्णोद्धार के बाद यहां राजस्थानी-मारवाड़ी नागर शैली में विशाल और आकर्षक मंदिर का निर्माण कराया जाएगा। मंदिर की वास्तुकला धार्मिक आस्था के साथ पारंपरिक स्थापत्य की भव्यता को भी दर्शाएगी।

Breaking News

धार्मिक आयोजनों के लिए भी बेहतर सुविधाएं

मंदिर में प्रतिवर्ष हनुमान जयंती का आयोजन हर्षोल्लास से किया जाता है। इसके अलावा श्रीराम कथा, श्रीमद्भागवत कथा, हनुमान चालीसा पाठ, सुंदरकांड और भंडारे जैसे धार्मिक कार्यक्रम भी होते हैं। नए विकास के बाद इन आयोजनों में आने वाले श्रद्धालुओं को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराने पर भी जोर रहेगा।

ये भी पढ़ें: प्रतिबंध के बाद भी बन रहा था एनालॉग पनीर, रुद्रांश डेयरी पर फिर छापा; 25 क्विंटल पनीर जब्त, जांच पर उठे सवाल

संतों की देखरेख में होती हैं मंदिर की व्यवस्थाएं

मंदिर परिसर में संतों का निवास भी है और मंदिर की व्यवस्थाओं का संचालन संतों द्वारा ही किया जाता है। विधायक ने निरीक्षण के दौरान मंदिर की वर्तमान व्यवस्थाओं और भविष्य में आवश्यक सुविधाओं को लेकर अधिकारियों तथा व्यवस्थापकों से चर्चा की। विकास कार्यों को श्रद्धालुओं की आवश्यकताओं के अनुरूप कराने पर जोर दिया गया।

निरीक्षण के दौरान मौजूद रहे अधिकारी और नागरिक

मंदिर निरीक्षण के दौरान बढ़ियाखेड़ी के नागरिक, श्रद्धालु, मंदिर व्यवस्थापक, प्रशासनिक अधिकारी-कर्मचारी और भाजपा कार्यकर्ता मौजूद रहे। एक करोड़ रुपए की स्वीकृति के बाद क्षेत्र के श्रद्धालुओं में उत्साह है और उन्हें उम्मीद है कि प्राचीन मंदिर का जीर्णोद्धार पूरा होने के बाद यह क्षेत्र का प्रमुख धार्मिक एवं आस्था केंद्र के रूप में और विकसित होगा।

ये भी पढ़ें: रस्सी से बिजली तार झुकाकर कटर से काटते थे, मंडी पुलिस ने 4 शातिरों को गिरफ्तार कर 2.5 क्विंटल तार जब्त किए

Sunil Sharma
By Sunil Sharma

सुनील शर्मा, सीहोर जिला ब्यूरो, पीपुल्स समाचार ढाई दशक से पत्रकारिता में सक्रिय। दैनिक भास्कर, पत्रि...Read More

Latest Posts